जमशेदपुर में खरकई नदी खतरे के निशान के ऊपर, जलाशयों का पानी छोड़े जाने से बाढ़ की आशंका
जमशेदपुर में खरकई नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है. जलाशयों का पानी छोड़े जाने से बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है. गंजिया बैराज का जलस्तर 136.90 मीटर दर्ज किया गया है और इसके सभी पांच फाटक खोल दिए गए हैं.
लगातार बारिश और विभिन्न जलाशयों से छोड़े जा रहे पानी के कारण जमशेदपुर में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. शुक्रवार को आदित्यपुर पुल के पास खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया. नदी 129.010 मीटर पर बह रही थी जबकि खतरे का निशान 129.00 मीटर निर्धारित है. जलस्तर बढ़ने से खरकई और स्वर्णरेखा नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में लोगों की चिंता बढ़ गई है और कई स्थानों पर पानी पहुंचना शुरू हो गया है. बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव और जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश का असर क्षेत्र की नदियों और जलाशयों पर दिखाई दे रहा है.
सड़क और घरों के आसपास जलजमाव
झारखंड और ओडिशा के जलाशयों से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण जमशेदपुर के नदी तटीय इलाकों में जलस्तर बढ़ रहा है. प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है. खरकई नदी का पानी बागबेड़ा नया बस्ती और बड़ौदा घाट, कदमा के शास्त्रीनगर, सोनारी और रामनगर, मानगो, जुगसलाई तथा भुइयांडीह के कल्याण नगर और इंदिरा नगर के निचले हिस्सों तक पहुंच गया है.
जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण नदी किनारे रहने वाले कुछ परिवार जरूरी सामान सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर रखने की तैयारी में जुट गए हैं. लगातार बारिश के कारण चांडिल डैम का जलस्तर 181.00 मीटर पहुंच गया है. इसके 13 में से नौ रेडियल फाटक एक-एक मीटर खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की जा रही है.
दोनों जलाशयों के दो-दो फाटक खोले गए
गंजिया बैराज का जलस्तर 136.90 मीटर दर्ज किया गया है और इसके सभी पांच फाटक खोल दिए गए हैं. यहां से 999.32 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है. ओडिशा के मयूरभंज स्थित बांकबल डैम से 144.42 क्यूमेक और खरकई डैम से 61.02 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है. दोनों जलाशयों के भी दो-दो फाटक खोले गए हैं. विभिन्न जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण क्षेत्र की नदियों के जलस्तर पर दबाव बढ़ा है.
गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना
मौसम विभाग ने जमशेदपुर में अगले 24 घंटे के दौरान 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. 26 से 28 सितंबर के बीच भी बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम खराब रहने की संभावना है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और वज्रपात की चेतावनी भी दी गई है. लगातार बारिश और जलाशयों से पानी छोड़े जाने के बीच खरकई और स्वर्णरेखा के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है. अगले कुछ दिनों में बारिश जारी रहने पर नदियों का जलस्तर और बढ़ने की आशंका को देखते हुए नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
-आईएएनएस