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झारखंड में रूबेलाः पहला मरीज मिलते ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जानें क्या हैं लक्षण और कितना खरतनाक है यह वायरस?

सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड की रहने वाली एक 10 वर्षीय बच्ची में रूबेला वायरस का संक्रमण पाया गया है. पहला मरीज सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग चौकन्ना हो गया है.

Written By K. Raj Mishra
Published: Sep 22, 2026, 02:50 PM IST | Updated: Oct 06, 2026, 08:35 AM IST
Image Credit: प्रतीकात्मक तस्वीर
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झारखंड में रूबेला वायरल का पहला मरीज सामने आते ही स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है. जानकारी के मुताबिक, सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड की रहने वाली एक 10 वर्षीय बच्ची रूबेला वायरस से संक्रमित पाई गई है. रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने बच्ची के खून की जांच करने के बाद उसके संक्रमित होने की पुष्टि की है. इस सीजन में रूबेला का यह पहला केस है. बच्ची में रूबेला वायरस की पुष्टि होते ही स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब पूरे प्रदेश में एक अभियान चलाया जाएगा, जिसमें इस वायरस से बचाव की जानकारी दी जाएगी. इसके साथ ही पूरे राज्य में एंटी रूबेला टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया गया है. इतना ही नहीं राजधानी रांची में स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में राज्यस्तरीय वार रूम बनाया गया है.

क्या है रूबेला वायरस और कितना है खतरनाक?

रूबेला वायरस को जर्मन खसरा भी कहते हैं. इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों में जलन के साथ-साथ शरीर पर लाल-लाल दाने निकल आते हैं. साल 1814 में पहली बार जर्मन के डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने इसे बीमारी माना था. गर्भवती महिलाओं पर इस वायरस का सबसे खतरनाक असर देखने को मिलता है. इस वायरस से संक्रमित गर्भवती महिला का गर्भपात हो सकता है या उसका बच्चा गंभीर बीमारियों के साथ पैदा होता है. 1964 में अकेले अमेरिका में ही इस वायरस से करीब 1.25 करोड़ लोग संक्रमित हुए थे. जिसके कारण 11,000 से अधिक महिलाओं का गर्भपात हुआ और 20,000 से ज्यादा बच्चे गंभीर विकृतियों (CRS) के साथ पैदा हुए थे.

कैसे फैलता है इसका संक्रमण?

यह वायरस हवा के माध्यम से फैलता है. संक्रमित व्यक्ति के छींकने और खासने से यह बड़ी तेजी से फैलता है. संक्रमित व्यक्ति से बिना मास्क लगाए बातचीत करने के अलावा संक्रमित गर्भवती महिला से उसके अजन्मे बच्चे में भी फैल सकता है. संक्रमित व्यक्ति में लाल चकत्ते दिखने के 7 दिन पहले से और चकत्ते समाप्त होने के सात दिन बाद तक यह वायरस फैल सकता है.

रूबेला वायरस का क्या इलाज है?

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About the Author

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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