झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अभिलाष साहू को लेकर पार्टी में घमासान देखने को मिल रही है. मुस्लिम समाज पर उनके विवादित बयान के बाद पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया था, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने 14 सितंबर को फिर से उनकी सदस्यता बहाल कर दी थी. इतना ही नहीं अभिलाष साहू को फिर से उपाध्यक्ष का पद बहाल कर दिया गया. अब अभिलाष साहू के निलंबन वापसी को लेकर पार्टी में जबरदस्त मतभेद देखने को मिल रहा है. प्रदेश पार्टी प्रभारी के राजू ने इस मामले में केंद्रीय आलाकमान से हस्तक्षेप करने की अपील की है.
इतना ही नहीं के राजू ने प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को एक पत्र लिखकर अभिलाष साहू की बहाली वाले आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्देश दिया है. अपनी चिट्ठी में के राजू ने कहा कि अभिलाष साहू के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई से संबंधित जांच रिपोर्ट का परीक्षण अभी लंबित है. जांच रिपोर्ट के बाद ही साफ हो सकेगा कि अभिलाष साहू द्वारा गए कृत्य और उनके लिए निर्धारित दंड न्यायसंगतता है अथवा नहीं. उन्होंने पत्र में कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने भी अभिलाष साहू की बहाली वाले फैसले पर आपत्ति जताई जताई है.
उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व की ओर से यह भी कहा गया है कि उनके कथित कृत्यों और दिए गए दंड के बीच न्यायसंगतता की जांच अभी बाकी है. जांच रिपोर्ट आने तक अभिलाष साहू की संगठनात्मक जिम्मेदारियां स्थगित रहेंगी. पार्टी प्रदेश प्रभारी ने अभिलाष साहू की कथित वीडियो पर स्पष्टीकरण भी मांगा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अनुशासन समिति को निर्देशित किया जाए कि वह अभिलाष साहू की कथित वीडियो बनाने एवं उसे सार्वजनिक रूप से प्रसारित करने में उनकी व्यक्तिगत भूमिका, अनुशासन समिति के समक्ष उनके द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण तथा सार्वजनिक मंच पर उनके द्वारा दिए गए वक्तव्यों का विस्तृत परीक्षण करते हुए अपनी स्पष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करे.
इसके अलावा अभिलाष साहू के सार्वजनिक आचरण एवं धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से संबंधित तथ्यों की जांच की जाए. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अभिलाष साहू की संगठनात्मक जिम्मेदारियों के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाना न्यायसंगत होगा. इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष केशव कमलेश ने एक पत्र जारी करके कहा था कि अभिलाष साहू पूर्ववत झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष के दायित्व का निर्वहन करते रहेंगे. उन्होंने इस आदेश को आदेश तत्काल प्रभाव से लागू करने की बात कही थी.
उधर, अभिलाष साहू के निलंबन वापसी पर प्रदेश के मुस्लिम संगठनों ने नाराजगी जताई है. मुस्लिम संगठनों ने आज शाम 5 बजे कांग्रेस के पार्टी प्रभारी और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का पुतला दहन करेंगे. बता दें कि अभिलाष साहू पर मुसलमानों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है. दरअसल, लगभग दो महीने पहले ओरमांझी में एक घटना के खिलाफ मुसलमान समाज के लोग सड़क जाम करके नारेबाजी कर रहे थे. इस जाम में अभिलाष साहू और पार्टी के सीनियर नेता रहे पीएन सिंह के बेटे अमरेंद्र प्रताप सिंह फंस गए थे.
दोनों नेता किसी काम से हजारीबाग जा रहे थे. जाम में फंसने से दोनों काफी नाराज हुए. इसी दौरान अभिलाष साहू ने मुसलमान को योगी आदित्यनाथ ही टाइट करके रखते हैं. अभिलाष साहू ने जिस वक्त यह बात कही, वे फेसबुक पर लाइव थे और सोशल मीडिया पर उनका यह बयान काफी वायरल हो गया. इसी बयान को लेकर कांग्रेस ने दोनों नेताओं पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था, लेकिन 14 सितंबर को प्रदेश अध्यक्ष ने अभिलाष साहू का निलंबन निरस्त करके उन्हें वापस पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त कर दिया था.