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JSSC-CGL नियुक्तियां रद्द करने के झारखंड सरकार के आदेश को हाईकोर्ट ने किया निरस्त, गड़बड़ियों की जांच जारी रहेगी

JSSC-CJSSC CGL परीक्षा रद्द किए जाने के मामले में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला आया है. कोर्ट ने परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश को गलत माना है. झारखंड हाई कोर्ट ने सरकार के निर्देश पर रोक लगा दी है और आदेश को खारिज कर दिया है.

Edited By Ranjana Kumari
Published: Nov 06, 2026, 12:27 PM IST | Updated: Nov 06, 2026, 12:40 PM IST
Image Credit: झारखंड आदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
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झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा और इसके आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को निरस्त कर दिया है. न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने सफल अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद शुक्रवार (6 नवंबर) को यह फैसला सुनाया. इससे सीजीएल के जरिए चयनित और नियुक्त अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है. हालांकि, परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच जारी रहेगी. 

राज्य सरकार ने सीआईडी की जांच रिपोर्ट और अभ्यर्थियों के आंदोलन का हवाला देते हुए 18 अगस्त 2026 को सीजीएल सहित कुछ भर्ती परीक्षाओं और उनके आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश जारी किया था. इस फैसले को चुनौती देते हुए सफल अभ्यर्थी आकाश गौरव और अन्य ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की थीं.

याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि कथित गड़बड़ी में शामिल लोगों की पहचान की जा सकती है. ऐसे में कुछ अभ्यर्थियों की कथित गलतियों के लिए पूरी चयन प्रक्रिया और सभी नियुक्तियों को रद्द करना उचित नहीं है. राज्य सरकार ने अदालत में सीलबंद रिपोर्ट सौंपकर भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और व्यवस्था की विफलता का पक्ष रखा था.

दूसरी ओर, अदालत ने सुनवाई के दौरान इस बात पर विचार किया कि कथित गड़बड़ियों के आधार पर सभी चयनित अभ्यर्थियों को एक साथ दोषी नहीं ठहराया जा सकता. इस मामले में हाईकोर्ट ने 8 अक्टूबर को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. उस दिन अदालत ने नियुक्तियां रद्द करने के सरकार के आदेश पर पहले से लगी अंतरिम रोक भी बरकरार रखी थी. इससे प्रभावित कर्मचारी अंतिम फैसले तक अपने पदों पर काम जारी रख सके थे.

इससे पहले 18 सितंबर को हाईकोर्ट ने भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच की निगरानी के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश गौतम कुमार चौधरी को नियुक्त किया था. सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी आरके मल्लिक को जांच प्रक्रिया में सहयोग के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया था. अदालत ने यह भी निर्देश दिया था कि निष्पक्ष तरीके से चयनित अभ्यर्थियों को जांच के नाम पर परेशान नहीं किया जाए. हाईकोर्ट के ताजा फैसले से सीजीएल नियुक्तियों को रद्द करने के सरकार के आदेश को झटका लगा है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में कथित धांधली से जुड़ी सीआईडी जांच जारी रहेगी. फैसले का विस्तृत आदेश अभी आना बाकी है.

-आईएएनएस

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रंजना कुमारी Zee Bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-Editor अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं. बिहार के सिवान जिले के जीरादेई से ताल्लुक रखने वाली रंजना स्थानीय और जमीनी मुद्दों पर गहरी पकड़ रखती हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वे मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और देश-दुनिया की अहम रूटीन खबरों को प्रमुखता से कवर करती हैं. Zee Media का हिस्सा बनने से पहले रंजना ने न्यूज इंडिया 24x7 में भी डेढ़ साल तक अपनी सेवाएं दी थीं. एकेडमिक की बात करें तो रंजना GJU से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं.
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