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झारखंड के थानों में CCTV नहीं लगाने पर हाईकोर्ट नाराज, DGP को कारण बताओ नोटिस

झारखंड के थानों में CCTV नहीं लगाने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है. कोर्ट ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए डीजीपी से जवाब मांगा है कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जाए.

Edited By Ranjana Kumari
Published: Sep 01, 2026, 08:45 PM IST | Updated: Sep 02, 2026, 02:19 PM IST
Image Credit: झारखंड हाई कोर्ट ने जेपीएससी परीक्षाओं को रद्द करने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर ली है. (File Photo)
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झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के अपने आदेशों का अब तक अनुपालन नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई है. अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस अधिकारियों की रुचि यह सुनिश्चित करने में है कि पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे न लगाए जाएं. हाईकोर्ट ने वर्तमान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि उनके खिलाफ आदेश की अवमानना की कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जाए.

आदेश का अनुपालन नहीं होना गंभीर विषय

मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने कहा कि 18 जून 2026 के आदेश और इससे पहले विभिन्न पीठों की ओर से दिए गए निर्देशों के बावजूद राज्य के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है. अदालत ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से पहले टेंडर जारी करने और बाद में उसे रद्द करने समेत कई कारण बताए जाते रहे हैं. प्रथम दृष्टया ये कारण संतोषजनक नहीं हैं. कोर्ट ने कहा कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद आदेश का अनुपालन नहीं होना गंभीर विषय है. खंडपीठ ने कहा कि 18 जून को डीजीपी के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी करने पर विचार किया गया था. हालांकि, उस समय राज्य सरकार को एक और अवसर देते हुए आदेश के अनुपालन का मौका दिया गया था.

कोर्ट ने डीजीपी से मांगा जवाब

मुख्य सचिव और गृह सचिव को भी अदालत के आदेश की गंभीरता से डीजीपी को अवगत कराने और उसका पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था. अदालत ने पाया कि इसके बावजूद अब तक किसी भी पुलिस थाने में सीसीटीवी कैमरे लगाने की दिशा में प्रभावी अनुपालन नहीं हुआ है. कोर्ट ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए डीजीपी से जवाब मांगा है कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जाए. मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर 2026 को होगी.

-आईएएनएस

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रंजना कुमारी Zee Bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-Editor अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं. बिहार के सिवान जिले के जीरादेई से ताल्लुक रखने वाली रंजना स्थानीय और जमीनी मुद्दों पर गहरी पकड़ रखती हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वे मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और देश-दुनिया की अहम रूटीन खबरों को प्रमुखता से कवर करती हैं. Zee Media का हिस्सा बनने से पहले रंजना ने न्यूज इंडिया 24x7 में भी डेढ़ साल तक अपनी सेवाएं दी थीं. एकेडमिक की बात करें तो रंजना GJU से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं.
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