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झारखंड की सामाजिक कार्यकर्ता और आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत के बाद पूरे गुमला शहर में शोक और आक्रोश का माहौल है. निशा भगत के पार्थिव शरीर को एंबुलेंस में रखकर शहर के कई मार्गों से भ्रमण कराया जा रहा है. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतरकर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा गुमला पहुंचकर अंतिम यात्रा में शामिल हुए.
शव यात्रा में भारतीय जनता पार्टी के कई दिग्गज नेता भी शामिल हुए हैं. वहीं, सड़कों पर निशा भगत अमर रहें के नारों और हेमंत सोरेन हाय-हाय के नारों से पूरा शहर गूंज उठा है.
मौके पर लोगों में गहरा दुख और आक्रोश देखने को मिल रहा है. निशा भगत की मौत को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. अब सभी की निगाहें इस मामले में प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं.
दूसरी तरफ निशा भगत आत्महत्या मामले में रांची के ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने बताया कि हम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं. एफएसएल की टीम की तरफ से जो चीजें जब्त की गई हैं, उनकी भी जांच चल रही है. उन्होंने कहा कि कुछ घंटों में जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की प्रक्रिया करेंगे.
ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने कहा कि जब निशा भगत ने फोन किया था, ऐसे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (जैसे फेसबुक) पर लाइव के दौरान भी यह विकल्प होता है कि यूजर्स यह बता सकें कि इस तरह के सुसाइड कंटेंट प्रसारित किए जा रहे हैं. दूसरा तरीका पुलिस को सूचना देने का होता है और इस मामले में सूचना दी गई थी. हमारी पुलिस ने बहुत जल्दी प्रतिक्रिया दी. बिना समय गंवाए पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और अपनी तरफ से हरसंभव कार्रवाई की ताकि उनकी जान बचाई जा सके.
एसपी गौरव गोस्वामी ने कहा कि जैसे ही थाना प्रभारी को कॉल किया गया, उस समय थाना प्रभारी बाहर व्यस्त थे, लेकिन उन्होंने तुरंत एक टीम को भेज दिया. उसी टीम ने सबसे पहले मौके पर पहुंचकर प्रयास किया, ताकि उन्हें अस्पताल ले जाया जा सके और उनकी जान बच सके, लेकिन इसी प्रकरण में उनकी मृत्यु हो गई थी.
रिपोर्ट: रणधीर निधि