झारखंड के सबसे बड़े मेडिकल संस्थान राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) ने इस साल एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) से अनुमति मिलने के बाद रिम्स में पहली बार MBBS की सीटें 180 से बढ़ाकर 250 कर दी गई हैं. इसी के साथ रिम्स झारखंड का पहला ऐसा मेडिकल कॉलेज बन गया है, जहां 250 सीटों पर पहली बार MBBS स्टूडेंट का दाखिला होगा, जिसके नामांकन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है.
250 MBBS सीटों पर लिया जा रहा नामांकन
मेडिकल कॉलेज रिम्स में इस साल 180 सीटों की जगह पर 250 एमबीबीएस स्टूडेंट का एडमिशन लिया जा रहा है. नेशनल मेडिकल काउंसिल से अनुमति के बाद राज्य का पहला संस्थान रिम्स बना है, जहां 250 MBBS सीटों पर नामांकन लिया जा रहा है.
बच्चों का सेशन 8 सितंबर से शुरू भी कर दिया जाएगा
एडमिशन लेने वाले बच्चों का सेशन 8 सितंबर से शुरू भी कर दिया जाएगा. इससे पहले रिम्स तमाम व्यवस्थाएं दुरुस्त कर लेना चाहता है. पिछली वर्ष कागजों में हेरफेर और गलत कागज प्रस्तुत कर एडमिशन लेने वाले तीन विद्यार्थियों का नामांकन, जहां एक वर्ष बाद रिम्स ने रद्द किया था. वहीं, इस साल रिम्स ने ऐतिहातन स्लॉट वाइस एडमिशन लेने का निर्णय लिया है.
विद्यार्थियों के सभी डॉक्यूमेंट को वेरीफाई किया जा रहा
रिम्स के निदेशक और PRO डॉ शिशिर कुमार ने बताया कि हम लोग इस साल बारीकी से कागजातों के जांच के बाद ही बच्चों के एडमिशन के प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं. अगले 5 तारीख तक यह प्रक्रिया चलना है, जहां विद्यार्थियों के सभी डॉक्यूमेंट को वेरीफाई किया जा रहा है.
एडमिशन लेने वाले बच्चों के चेहरे पर भी देखने को मिल रही खुशी
इधर, दूसरी ओर एडमिशन लेने वाले बच्चों के चेहरे पर भी खुशी देखने को मिल रही है. डॉक्टर की पढ़ाई प्रारंभ करने से पहले छात्रों का कहना है कि हमारे 3 वर्ष का मेहनत अब सफल हुआ है. बचपन से डॉक्टर बनने का सपना था कड़ी मेहनत की तो आज मुकाम भी हासिल हुआ और आज राज्य के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज में दाखिला भी मिल रहा है.
रिपोर्ट: कामरान जलीली