देवघर एम्स का दूसरा दीक्षांत समारोह: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 173 विद्यार्थियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
देवघर एम्स के दूसरे दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शामिल हुए. इस समारोह में कुल 173 विद्यार्थियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया.
Deoghar News: देवघर एम्स के दूसरे दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए आज उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन देवघर पहुंचे. सबसे पहले देवघर एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया, जिसके बाद वे सड़क मार्ग से देवघर एम्स पहुंचे. उपराष्ट्रपति के साथ झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, मंत्री इरफान अंसारी, केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव, सांसद निशिकांत दुबे, एम्स के अध्यक्ष, देवघर एम्स के निदेशक, एम्स के पदाधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे.
राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत से हुआकार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत की धुन के साथ हुई. इसके बाद विद्यार्थियों के बीच प्रशस्ति पत्र और मेडल वितरित किए गए. उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के हाथों कुल 173 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया. इनमें 58 एमबीबीएस, 95 बीएससी नर्सिंग, 11 एमएससी नर्सिंग और 9 पोस्टग्रेजुएट मेडिसिन के विद्यार्थी शामिल रहे.
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एम्स की विकास यात्रा से विशेष जुड़ाव
अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि देवघर महादेव की नगरी है और देवघर एम्स की विकास यात्रा से उनका विशेष जुड़ाव रहा है. उन्होंने एम्स की पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं और पदक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी. साथ ही, विद्यार्थियों के परिजनों को भी विशेष रूप से बधाई देते हुए कहा कि देवघर एम्स निरंतर विकास की नई गाथा लिखता रहे, यही उनकी कामना है. वहीं, दीक्षांत समारोह में सम्मानित एक छात्र ने इसे हर्ष और गर्व का क्षण बताया. उसने कहा कि उपराष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होना उसके लिए गौरव की बात है. आगे उसका लक्ष्य एक कुशल डॉक्टर बनकर मरीजों की सेवा करना है.
देवघर एम्स के लिए बड़ी सफलता
वहीं, देवघर एम्स के निदेशक ने संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इमरजेंसी और ट्रॉमा सेवाओं में 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसके तहत कुल 6,103 मरीजों का इलाज किया गया. इसके अलावा, इन-पेशेंट सेवाओं के तहत 8,624 मरीजों को भर्ती किया गया. ओपीडी में लगभग 3 लाख मरीजों का इलाज किया गया, जबकि 3,523 मरीजों की सर्जरी भी की गई. ये उपलब्धियां देवघर एम्स के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही हैं.
रिपोर्ट: विकास राउत