दीपावली से पहले कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद का खाली कराया गया सरकारी आवास, बाहर तंबू लगाकर मनाएंगी पर्व
कांग्रेस की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद का सरकारी आवास को खाली करा दिया गया है. सरकार के इस कार्रवाई के विरोध में वह घर के बाहर तंबू लगाकर दीपावली मनाएंगी. अंबा प्रसाद ने कहा कि मुझे चुनकर निशाना बनाया जा रहा है.
कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद के धुर्वा स्थित सरकारी आवास को 7 नवंबर शनिवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खाली कराया गया. प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अंबा प्रसाद ने अपने सरकारी आवास के बाहर ही तंबू लगा लिया और वही दीपावली के दीये जलाए.
मकान खाली कराने के संबंध में कोई नोटिस नहीं दिया गया
अंबा प्रसाद का आरोप है कि उन्हें मकान खाली कराने के संबंध में कोई नोटिस नहीं दिया गया और उनकी अनुपस्थिति में प्रशासन ने आवास को सील कर दिया. उन्होंने इस कार्रवाई के समय और तरीके पर भी सवाल उठाए हैं.
'दीपावली से ठीक पहले कार्रवाई करना अमानवीय और असंवेदनशील'
अंबा प्रसाद का कहना है कि दीपावली से ठीक पहले इस तरह की कार्रवाई करना अमानवीय और असंवेदनशील है. उनका आरोप है कि कई पूर्व विधायक अब भी सरकारी आवासों में रह रहे हैं, लेकिन उन्हें चुनकर निशाना बनाया जा रहा है.
परिवार में भाई की शादी को लेकर भी होने थे कुछ कार्यक्रम
उन्होंने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से इस आवास से जुड़ा रहा है. दीपावली की पूजा और साफ-सफाई की तैयारी चल रही थी. साथ ही परिवार में भाई की शादी को लेकर भी कुछ कार्यक्रम होने थे. ऐसे में अचानक हुई कार्रवाई से परिवार की तैयारियां प्रभावित हुई हैं.
दीपावली की पूजा इसी आवास के बाहर तंबू में रहकर करेंगी
अंबा प्रसाद ने कहा कि वह दीपावली की पूजा इसी आवास के बाहर तंबू में रहकर करेंगी. उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की कार्रवाई से वह कमजोर नहीं होंगी, बल्कि और मजबूती से अपनी लड़ाई लड़ेंगी.
अंबा प्रसाद ने कांग्रेस से लगाई उम्मीद
वहीं, उन्होंने पूरे मामले को पार्टी के संज्ञान में लाने की बात कही है. उनका कहना है कि उन्हें कांग्रेस पार्टी से उम्मीद है कि वह इस मामले पर अपना पक्ष रखेगी.
दरअसल, एचईसी सेक्टर-3 स्थित आवास संख्या F-44 को खाली करा लिया गया है. यह मकान पूर्व विधायक अंबा प्रसाद के नाम पर आवंटित था. पूरी कार्रवाई केयरटेकर की मौजूदगी में हुई.
मौके पर मौजूद मजिस्ट्रेट मो. जफर हसनात ने बताया कि अंबा प्रसाद जब विधायक थीं, तब यह आवास उन्हें दिया गया था. मगर, पिछले साल ही इसे एक अधिकारी के नाम पर अलॉट कर दिया गया था. इसके बाद प्रशासन ने उन्हें मकान खाली करने के लिए कई बार नोटिस भेजे.
अंतिम नोटिस 2 नवंबर 2026 को जारी किया गया था और इसकी जानकारी व्हाट्सएप पर भी दे दी गई थी. बावजूद इसके, जब पूर्व विधायक की ओर से कोई जवाब नहीं आया, तो जिला प्रशासन ने आगे की कार्रवाई करते हुए आवास खाली करा लिया.
रिपोर्ट: उज्ज्वल मिश्रा
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