मानगो नगर निगम के सामने सरकारी स्कूल का हाल बदहाल, गंदगी के बीच पढ़ाई करने के लिए 458 बच्चे मजबूर
झारखंज जिला के जमशेदपुर में बदहाली की तस्वीर सामने आई है. यहां मानगो नगर निगम के सामने सरकारी स्कूल का हाल बदहाल हो गया है. गंदगी के बीच पढ़ाई करने के लिए 458 बच्चे मजबूर हैं.
जमशेदपुर: जिस नगर निगम पर शहर को साफ-सुथरा रखने की जिम्मेदारी है, उसी नगर निगम कार्यालय के ठीक सामने एक सरकारी स्कूल गंदगी और बदहाली से बेहाल है. मानगो स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय राष्ट्रपिता गांधी स्कूल में 458 बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन स्कूल के चारों ओर कचरे का अंबार लगा हुआ है और उसकी दुर्गंध से बच्चों को परेशानी हो रही है. हालात ऐसे हैं कि बदबू से बचने के लिए बच्चों को कक्षाओं की खिड़कियां तक बंद करनी पड़ती हैं. स्कूल के सामने कचरे से लदा नगर निगम का वाहन खड़ा रहता है, वहीं कई कंडम वाहन भी महीनों से पड़े हैं. ऐसे में बच्चों में बीमारी फैलने का खतरा भी है.
स्कूल का शौचालय भी जर्जर है. इसमें बारिश में पानी जमा हो जाता है. चहारदीवारी न होने से सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं. करीब दो साल पहले इसे हाई स्कूल का दर्जा मिला था, लेकिन हाई स्कूल के शिक्षकों की नियुक्ति अब तक नहीं हुई. खेल का मैदान नहीं होने से खेल दिवस पर प्रतियोगिताएं कराना भी मुश्किल है.
प्रधानाध्यापिका फिरदौस बानो ने बताया कि गंदगी को लेकर नगर निगम से कई बार शिकायत की गई, लेकिन स्थिति नहीं बदली. नगर निगम कार्यालय के सामने ही अगर सरकारी स्कूल की यह हालत है, तो शहर की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है.
स्कूल की छात्रा प्रिया सिंह ने बताया कि शौचालय की स्थिति खराब है. स्कूल के सामने अड्डेबाजी भी होती है. मैदान नहीं होने के कारण हम बच्चे खेल नहीं पाते है. स्कूल के बगल में बना पार्क भी जर्जर है.
शहर के बीचों-बीच स्थित एक सरकारी स्कूल बदहाली की तस्वीर बन चुका है. हैरानी की बात यह है कि जिस स्कूल की यह कहानी है, वह मानगो नगर निगम कार्यालय के ठीक सामने स्थित है. इसके बावजूद स्कूल की समस्याओं पर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं जा रहा है. स्कूल में कक्षा एक से 10वीं तक 458 बच्चे पढ़ते हैं.
रिपोर्ट: रंजीत कुमार ओझा