पिछले दिनों डुमरी विधायक जयराम महतो द्वारा कथित तौर पर पुलिसकर्मियों को गाली दिए जाने का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इस मामले को लेकर पुलिस एसोसिएशन ने जयराम महतो से माफी मांगने की अपील की है. साथ ही, पुलिस संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर विधायक ने माफी नहीं मांगी तो आने वाले दिनों में आंदोलन किया जाएगा. इसी मामले को लेकर आज डुमरी विधायक जयराम महतो ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा. राज्यपाल से मुलाकात के बाद जयराम महतो ने कहा कि विधायक बनने के बाद से लगातार उनके खिलाफ साजिश और षड्यंत्र किए जा रहे हैं.
आंदोलन की चेतावनी पर क्या बोले जयराम महतो?
उन्होंने कहा कि उनका राजनीति में आना कुछ लोगों को स्वीकार नहीं हो रहा है. इसी को लेकर उन्होंने राज्य के प्रथम नागरिक राज्यपाल से मुलाकात कर पिछले दो वर्षों के दौरान उनके साथ हुई घटनाओं और कथित षड्यंत्रों की जानकारी दी. जयराम महतो ने कहा कि वह कानून से ऊपर नहीं हैं, लेकिन एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें भी वही सम्मान और व्यवहार मिलना चाहिए, जो राज्य के अन्य विधायकों को मिलता है. पुलिस एसोसिएशन की ओर से आंदोलन की चेतावनी पर जयराम महतो ने सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज किया है और कार्रवाई की मांग कर रही है, लेकिन कार्रवाई का आधार केस डायरी होती है. उन्होंने सवाल किया कि जब अभी तक केस डायरी तैयार नहीं हुई है तो पांच दिन का अल्टीमेटम देकर कार्रवाई की बात कैसे की जा रही है.
क्या पुलिस एसोसिएशन न्यायालय से ऊपर है?
उन्होंने पुलिस एसोसिएशन पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि संगठन को अपने काम और पुलिस की कानूनी प्रक्रिया को समझना चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि क्या पुलिस एसोसिएशन न्यायालय से ऊपर है या कानून से ऊपर है कि वह पांच दिन में कार्रवाई का अल्टीमेटम दे रही है. जयराम महतो ने यह भी कहा कि अगर पुलिस एसोसिएशन सही तरीके से काम कर रही है तो उसे बताना चाहिए कि केस डायरी अब तक क्यों तैयार नहीं हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों के इशारे पर पुलिस एसोसिएशन राजनीतिक गतिविधियां कर रही है और अपने मूल उद्देश्य से भटक गई है.
माफी मांगने के सवाल पर क्या बोले जयराम महतो?
जयराम महतो ने साफ कहा कि वह किसी कथित ऑडियो कॉल के वायरल होने के मामले में माफी नहीं मांगेंगे. उन्होंने कहा कि आंदोलन हो या उनकी गिरफ्तारी हो, उन्हें मंजूर है, लेकिन वह इस मामले में माफी नहीं मांगेंगे. राज्यपाल के साथ बातचीत को लेकर उन्होंने कहा कि राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भी माना कि उन्हें इस मामले की जानकारी मिली है और एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह का व्यवहार सही नहीं है. उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने उनकी समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना.