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उत्तराखंड कांग्रेस में ‘मैं’ बनाम ‘हम’ की लड़ाई: पार्टी से अलग हटकर यात्रा कर रहे हरीश रावत; हाईकमान बोला- बर्दाश्त नहीं करेंगे

उत्तराखंड कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं लग रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पार्टी की लाइन से हटकर यात्राएं कर रहे हैं. इसी को लेकर कांग्रेस आलाकमान की तरफ से भी बड़ा संदेश दे दिया गया है.

Written By Tahir Kamran
Published: Oct 05, 2026, 09:44 PM IST | Updated: Oct 05, 2026, 09:58 PM IST
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कांग्रेस पार्टी चुनाव आयोग के खिलाफ 6 अक्टूबर से बड़ी मुहिम शुरू करने जा रहा है. नई दिल्ली में मौजूद पार्टी मुख्यालय में सोमवार (5 अक्टूबर) को हुई एक अहम मीटिंग में पार्टी ने राज्य इकाइयों के प्रमुख नेताओं के साथ मिलकर बड़ी रणनीति बनाई है. हालांकि उत्तराखंड में पार्टी एकजुट नजर नहीं आ रही है, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पार्टी की लाइन से अलग चलते नजर आ रहे हैं. उनके इस रवैय्ये पर पार्टी आलाकमान की तरफ से चेतावनी भी जारी की गई है.

कांग्रेस महासचिव KC वेणुगोपाल ने सोमवार को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से पार्टी के संगठनात्मक नियमों का पालन करने को कहा. उन्होंने कहा कि राज्य में अलग-अलग कैंपेन बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस उत्तराखंड में अपना कैंपेन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में मिलकर आगे बढ़ाएगी. इसका एकमात्र मकसद आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत सुनिश्चित करना है.

रावत से मुलाकात के बाद X पर एक पोस्ट में वेणुगोपाल ने कहा,'चुनाव वाले राज्य में चल रहे कैंपेन पर चर्चा करने के लिए उत्तराखंड के पूर्व CM श्री हरीश रावत जी से मुलाकात की. यह स्पष्ट कर दिया गया कि हमारे कैंपेन उत्तराखंड के सभी नेताओं के साथ मिलकर, सिर्फ कांग्रेस के बैनर तले, मल्लिकार्जुन खरगे जी और विपक्ष के नेता श्री राहुल गांधी जी के नेतृत्व में आगे बढ़ाए जाएंगे, जिसका एकमात्र उद्देश्य पार्टी की जीत सुनिश्चित करना है.' उन्होंने आगे कहा,'पार्टी अलग-अलग कैंपेन बर्दाश्त नहीं करेगी और केवल वही सामूहिक कार्यक्रम होने चाहिए जिनकी योजना पार्टी संगठन ने बनाई है. पार्टी को भरोसा है कि पूरी राज्य इकाई की ऊर्जा और कड़ी मेहनत से हम उत्तराखंड में जीत हासिल करेंगे.'

यह बयान तब आया जब रावत ने कांग्रेस आलाकमान की आपत्तियों के बावजूद कुमाऊं क्षेत्र में अपनी 'जन संवाद यात्रा' जारी रखी. यह यात्रा सुबह 11:30 बजे जसपुर से शुरू हुई और हल्द्वानी पहुंचने से पहले काशीपुर, रामनगर और कालाढूंगी से होकर गुजरने वाली थी.

कुमारी शैलजा ने भी दी थी चेतावनी

उत्तराखंड कांग्रेस की प्रभारी कुमारी शैलजा ने इससे पहले रावत को पत्र लिखकर पार्टी के आधिकारिक संगठन और कार्यक्रमों से अलग यात्रा करने के उनके फैसले पर नाराजगी जताई थी. 1 अक्टूबर को लिखे अपने पत्र में, शैलजा ने कहा कि इस कार्यक्रम के बारे में न तो उनसे और न ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष से कोई चर्चा की गई थी. उन्होंने रावत के बयानों से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों का भी जिक्र किया और इस बात पर जोर दिया कि विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण कांग्रेस को एकजुट होकर काम करने की जरूरत है.

शैलजा ने रावत को चेतावनी दी थी कि इस तरह का कोई भी कार्यक्रम पार्टी के हित में नहीं होगा और उनसे यात्रा को आगे न बढ़ाने का आग्रह किया था. हालांकि, रावत ने सोशल मीडिया पर कार्यक्रम का प्रचार जारी रखा. जसपुर-हल्द्वानी चरण से पहले, उन्होंने कहा कि राज्य के सामने बड़ी चुनौती है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि 'उत्तराखंड के स्वाभिमान' के लिए काम करने का उनका संकल्प भी उतना ही मजबूत है.

कीप लव अंडर सर्विलांस

रावत ने कहा,'धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा' के इस चरण में अब पीछे मुड़कर नहीं देखना है. उठो, आगे बढ़ो... हमें राज्य में बदलाव लाना है और कांग्रेस को सत्ता में वापस लाना है. आइए, जसपुर से हल्द्वानी तक मिलें, बातचीत करें और देवभूमि के अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाएं.' पार्टी नेतृत्व की आपत्तियों की तरफ एक और इशारे के तौर पर, रावत ने सोशल मीडिया पोस्ट में 'प्यार को निगरानी में रखना' (keeping love under surveillance) वाक्यांश का इस्तेमाल किया और संकेत दिया कि वह अपना जन-संपर्क कार्यक्रम जारी रखने का इरादा रखते हैं.

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About the Author

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
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