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बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार बनने के बाद अब तक योगी के बुलडोजर और गुजरात के परेड मॉडल पर काम चल रहा था. अब बेटियों के गुनहगारों के हिसाब का मॉडल भी दोहराया गया है. आरोपी प्रह्लाद दास पर 17 साल की नाबालिग से रेप और मर्डर का आरोप था. ये ऐसा मामला था, जिसे लेकर बंगाल में बेहद गुस्सा फैल रहा था. इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था. लेकिन मंगलवार सुबह वो एनकाउंटर में मारा गया.
ये एनकाउंटर तब हुआ, जब पुलिस टीम आरोपी को क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए लेकर गई थी. आरोप है कि तभी आरोपी ने पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर छीनकर फायरिंग कर दी. इसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिससे वो घायल हो गया. उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
पुलिस के मुताबिक, बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में कक्षा 11वीं में पढ़ने वाली छात्रा (13 वर्ष) अपने नाना-नानी के साथ रहती थी. वो 24 अक्तूबर को अपने घर के पास ही एक म्यूजिक प्रोग्राम में गई थी. जिसके बाद से वो घर नहीं लौटी. अगले दिन उसका शव एक पड़ोसी के घर के बाहर मिला. लोगों के हंगामे के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी प्रह्लाद को अरेस्ट कर लिया. इसके बाद उसे मंगलवार को सीन-रीक्रिएशन के लिए ले जाया रहा था को पुलिस पर हमले के बाद उसका एनकाउंटर हो गया.
इस एनकाउंटर के कुछ घंटे बाद ही बीजेपी कार्यकर्ता सुजीत मंडल की हत्या के आरोपी समाउल शेख को भी मुर्शिदाबाद में पुलिस ने ढेर कर दिया. दोनों एनकाउंटर 'क्राइम सीन रीक्रिएशन' के दौरान हुए. पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पुलिस टीमों से हथियार छीनकर फायरिंग की, जिसके बाद वे पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वे मारे गए.
राज्य में सुवेंदु सरकार के आने के बाद ये दूसरी बार है जब रेप के आरोपी का एनकाउंटर हुआ है. इससे पहले 8 जुलाई को दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 13 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के आरोपी प्रभास मोंडल को एनकाउंटर में मार गिराया गया था. उस एनकाउंटर में भी अपराधी ने पुलिस अधिकारी की रिवॉल्वर छीनी थी, जिसके बाद जवाबी फायरिंग में वो मारा गया था.
तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने कहा कि बारुईपुर की घटना के बाद यह दूसरा मामला है, जब दूसरे आरोपियों को एनकाउंटर में मारा गया हो. सरकार को इस बारे में स्पष्टीकरण देकर मामले की जांच करवानी चाहिए.
वहीं नाबालिग लड़की के रेप-मर्डर के आरोपी के एनकाउंटर पर बंगाल के मंत्री ने कहा कि कभी-कभी पुलिस को इस तरह के अप्रिय काम करने पड़ते हैं. बंगाल में सालों से कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रही. इसलिए अपराधी आसानी से नहीं डरते थे. लेकिन अब इन कार्रवाइयों से अपराधियों के दिलों में खौफ पैदा होगा.