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त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश सीमा के नजदीक सुरक्षा बलों पर हमले का गंभीर मामला सामने आया है. जहां बोक्सानगर के अशाबाड़ी इलाके में तस्करों के नेटवर्क से जुड़े कुछ हमलावरों ने BSF जवानों को निशाना बनाया. बीएसफ की गाड़ी को रोककर जवान पर डंडे बरसाए गए. इस घटनाक्रम में 3 जवान भी घायल हुए हैं. हमलावरों के इस दुस्साहस के बीच भीड़ में मौजूद कुछ लोग वीडियो बना रहे थे. हमलावरों में कुछ महिलाएं भी शामिल थीं. मुख्यमंत्री माणिक साहा ने इस वारदात पर नाराजगी जताते हुए दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
हमलावरों बीएसएफ के जवानों के हथियार छीनकर फरार हो गए. इस घटनाक्रम को लेकर 'X' पर लिखी एक पोस्ट में, साहा ने सुरक्षाकर्मियों पर हुए इस हमले को अस्वीकार्य बताते हुए दोषियों से कानून के मुताबिक सख्ती से निपटे जाने की बात कही है.
I strongly condemn the brutal assault on our brave BSF personnel at Ashabari by a group of miscreants. Such acts of violence against our security forces are completely unacceptable and deserve unequivocal condemnation. Any attack on our security personnel is a matter of grave concern and must be dealt with firmly in accordance with the law. Concerned authorities directed to take swift and stringent action against those responsible and ensure that justice is delivered. Our security personnel deserve the utmost respect and protection.
— Prof.(Dr.) Manik Saha (@DrManikSaha2) November 2, 2026
उन्होंने कहा, 'सुरक्षा बलों के खिलाफ हिंसा की ऐसी घटनाएं पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं और इनकी जितनी निंदा की जाए, कम है. हमारे सुरक्षाकर्मियों पर कोई भी हमला गंभीर चिंता का विषय है.
इस हमले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि एक महिला ने भी जवान के ऊपर डंडों से ताबड़तोड़ वार किए हैं.
इस अप्रत्याशित और दुस्साहस से भरे घटनाक्रम की जांच जारी है. यह हमला सोमवार की सुबह अशाबारी में हुआ था. जहां कुछ कथित तस्करों के एक समूह ने सीमा सुरक्षा बल की गाड़ी को घेर लिया था. इसके बाद इस पूरे इलाके में काफी तनाव फैल गया था. पुलिस और बीएसएफ ने संबंधित इलाके में चौकसी और निगरानी बढ़ा दी है. प्रशासन का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. इसके साथ ही प्रशासन अब ये भी सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में ऐसी घटना की कभी कोई पुनरावृत्ति न हो. इस संवेदनशील सीमावर्ती इलाके का इस्तेमाल नशे और हथियारों की तस्करी के लिए किया जाने का अनुमान है.