टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की पूरी साजिश का खुलासा! अमृतसर से पिस्टल, मुंबई में बैग की डिलीवरी, फिर चलीं गोलियां
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पता चला है कि फायरिंग में इसतमाल की गई पिस्टल से लाई गई थी.
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दो महिलाओं समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों की पहचान कुणाल, सुमित, राधा और बबीता के रूप में हुई है. कोर्ट में पेशी के बाद मुंबई CID ने चारों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया. मुंबई पुलिस को आरोपियों की तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली है. पुलिस अब हथियारों की सप्लाई, कथित हैंडलर और शूटर्स के बीच कनेक्शन की जांच कर रही है.
जांच के मुताबिक, कुणाल हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आया था. उसकी मुलाकात एक दोस्त के जरिए अनिल पंडित से हुई थी. पुलिस के अनुसार, अनिल पंडित के निर्देश पर कुणाल अमृतसर से एक पिस्टल और 20 कारतूस लेकर आया था. इसके बाद उसने हथियार को मुंबई पहुंचाने की योजना में दो महिलाओं को शामिल किया.
राधा को हथियार लेकर मुंबई जाने के लिए किया तैयार
पुलिस की जांच में सामने आया है कि करीब दो महीने पहले कुणाल की मुलाकात राधा से हुई थी. इसके बाद उसने राधा को हथियार लेकर मुंबई जाने के लिए तैयार किया. 15 अक्टूबर को कुणाल, राधा और बबीता नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे. पिस्टल राधा के बैग में रखी गई थी. यात्रा के दौरान कुणाल एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए अनिल पंडित के निर्देश दोनों महिलाओं तक पहुंचाता रहा. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में किसकी क्या भूमिका थी और हथियार को फायरिंग करने वाले शूटर तक कैसे पहुंचाया गया.
दादर के होटल में रुकी थीं राधा और बबीता
जांच के मुताबिक, 17 अक्टूबर को राधा और बबीता मुंबई के दादर पहुंचीं और एक होटल में ठहरीं. उसी दिन सुबह करीब 11 बजे एक नाबालिग लड़का होटल के पास राधा से बैग लेकर चला गया. पुलिस इस कड़ी को फायरिंग की घटना से जोड़कर जांच कर रही है.
18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग
18 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई. घटना के बाद कथित तौर पर अनिल पंडित ने कुणाल को फोन किया. उसने कुणाल को बताया कि शूटर मुंबई में फंस गए हैं और उनके भागने का इंतजाम करने को कहा. इसी दिन राधा और बबीता दादर से हरिद्वार एक्सप्रेस के जरिए दिल्ली के लिए रवाना हो गईं. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि फायरिंग के बाद आरोपियों की आवाजाही और भागने की योजना किस तरह बनाई गई थी.
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और सोनीपत से पकड़े गए आरोपी
पुलिस के मुताबिक, 20 अक्टूबर को राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया. वहीं, कुणाल और सुमित को हरियाणा के सोनीपत से हिरासत में लिया गया. इसके बाद चारों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद मुंबई CID ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया.
हथियार सप्लाई से लेकर शूटर्स तक कनेक्शन खंगाल रही पुलिस
फिलहाल पुलिस इस मामले में हथियारों की सप्लाई करने वालों, कथित हैंडलर और फायरिंग करने वाले शूटर्स के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही है. जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि अमृतसर से लाई गई पिस्टल किस तरह मुंबई पहुंची, होटल के पास बैग लेने वाले नाबालिग की क्या भूमिका थी और फायरिंग के पीछे शामिल लोगों के बीच संपर्क कैसे स्थापित हुआ.