तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक चौराहे से भगवान राम की प्रतिमा हटाने पर विवाद गहरा गया है. बीजेपी ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है. बीजेपी ने कांग्रेस के ऊपर राम विरोधी होने का आरोप लगाया है. बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस को लोगों के गुस्से का सामना करना पडे़गा. तेलंगाना बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक समय में कांग्रेस ने यूपी में भी भगवान की मूर्ति हटाई थी, जिसके बाद यूपी से साफ हो गई.
दरअसल, हैदराबाद में एक चौराहे से भगवान राम की मूर्ति को हटा दिया गया है, इसी महीने दशहरे के दौरान इस मूर्ति को स्थापित किया गया था. इसके बाद गत शनिनार को इस प्रतिमा के हटा दिया गया है. बताया जाता है कि नगर निगम के अधिकारियों के आदेश के बाद स्थानीय मंदिर ट्रस्ट ने ये फैसला लिया. जैसे ही इस प्रतिमा को हटाया, राज्य में सियासी पारा बढ़ गया. बीजेपी ने कांग्रेस सरकार पर 'हिंदू विरोधी' मानसिकता का आरोप लगाया.
नवरात्रि के बाद विजयादशमी के दिन कुछ हिंदू संगठनों ने इस मूर्ति को हैदराबाद के बशीरबाग चौराहे पर लगाया था. इसके बाद विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने एक बड़ी मांग रख दी. वीएचपी ने कहा कि इस चौराहे का नाम बदला जाना चाहिए और भगवान राम के नाम पर रखा जाना चाहिए. दावा है कि इसी बीच प्रशासन को इस मूर्ति के खिलाफ शिकायत मिली. शिकायत पर नगर निगम के अधिकारी हरकत में आए. इसके बाद अधिकारियों की ओर से तुंरत मंदिर ट्रस्ट को एक आदेश जारी किया गया, जिसमें मूर्ति को चौराहे से हटाने की बात कही गई.
The Congress Govt’s anti-Hindu mindset stands exposed once again. Removing the idol of Prabhu Shri Ram, installed by Hindu Organizations on the auspicious occasion of Dusshera near Basheerbagh Temple, Hyderabad is a direct insult to millions of devotees. From Uttar Pradesh to Bengal, political arrogance has always been crushed by the people. Telangana will neither forgive nor stay silent.
— BJP Telangana (@BJP4Telangana) October 24, 2026
नगर निगम ने अपने आदेश में मूर्ति हटाने के पीछे एक अहम कारण बताया. अधिकारियों ने इस आदेश में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया. सुप्रीम कोर्ट ने बिना अनुमति वाले धार्मिक ढांचों के खिलाफ सख्त निर्देश दिए हैं. यानी अदालत के अनुसार, सार्वजनिक सड़कों और फुटपाथ पर मूर्ति लगाने की मनाही है. नियमों में कहा गया कि है सार्वजनिक उपयोग वाली जगहों पर कोई भी ऐसा धार्मिक स्थापना नहीं की जा सकती है.
इसके बाद मंदिर ट्रस्ट ने नियमों का पालन किया. नगर निगम के आदेश मानते हुए मूर्ति को हटा दिया. इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि एक ट्रक पर भगवान राम की प्रतिमा को ले जाया जा रहा है. बीजेपी ने इस मुद्दे को भुनाते हुए राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा. बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस हिंदू विरोधी मानसिकता को बढ़ावा दे रही है.
इस मामले पर तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने इस मुद्दे पर कड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अब जनता सबक सिखाएगा. राव ने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. एक बयान में राव ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने पहले भी श्रीराम की मूर्ति को हटाने की कोशिश की है. उन्होंने इस दौरान 1949 की एक घटना को याद किया और कहा कि 1949 में अयोध्या में रामलला की मूर्ति प्रकट हुई थी. उस समय देश के पीएम जवाहरलाल नेहरू थे.
राव ने दावा किया कि नेहरू ने उत्तर प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर दबाव बनाया और यह दबाव रामलला की मूर्ति को हटाने के लिए बनाया गया था. उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस यूपी से पूरी तरीके से गायब हो गई है. उन्होंने कहा कि तेलंगाना में भी ऐसा ही होगा. हालांकि, इस मुद्दे पर कांग्रेस के किसी नेता की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है.