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'हमें आरक्षण नहीं चाहिए...', खुद को SC कैटेगरी से क्यों हटाना चाहता है तमिलनाडु का ये दलित समुदाय?

Tamil Nadu SC Community: आज के समय में जहां हर कोई अनुसूचित जाति (SC) वाला आरक्षण का लाभ उठाना चाहता है, तो वहीं तमिलनाडु में एक ऐसा समुदाय भी रहता है, जो खुद के लिए इस जाति को कंलक मानता है. ये समुदाय लंबे समय से खुद को SC कम्युनिटी की लिस्ट से हटाने की मांग कर रहा है.

Written By Shruti Kaul
Published: Sep 27, 2026, 01:41 PM IST | Updated: Sep 27, 2026, 01:43 PM IST
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Devendrakula Vellalar Community: महाराष्ट्र के IIT बॉम्बे में एक सेकेंड ईयर के स्टूडेंट की मौत और एक प्रोफेसर पर SC/ST एक्ट के तहत आरोप लगाए गए. वहीं, इन दिनों आरक्षण को लेकर भी खूब चर्चा है. इस बीच भारत में एक ऐसा समुदाय भी है, जो खुद आरक्षण की लिस्ट से दूर रखना चाहता है. वैसे तो आहर कोई आरक्षण के जरिए शिक्षा और सरकारी नौकरी समेत आर्थिक मुश्किलों से निकलने समेत कई  सुविधाओं का लाभ उठाना चाहता है, लेकिन ये समुदाय इस मामले में बिल्कुल विपरीत विचार रखता है.

तमिलनाडु का देवेंद्रकुल वेल्लालर (DKV) समुदाय खुद को अनुसूचित जाति (SC) की कैटेगरी से बाहर रखना चाहता है. इसकी वजह केवल आर्थिक स्थिति नहीं, बल्कि इस समुदाय के लिए यह आत्मसम्मान और पहचान का सवाल है. आरक्षण की बहस के बीच इस मांग ने अलग ही दिलचस्प मोड़ लिया है.  

SC की लिस्ट से हटना चाहता है से समुदाय 


'इंडिया टुडे' की रिपोर्ट के मुताबिक,  DKV समुदाय फिलहाल अनुसूचित जाति (SC) की लिस्ट में शामिल है. यह तमिलनाडु का प्रमुख समुदाय है. हालांकि , इस समुदाय के नेताओं का कहना है कि वे काफी लंबे वक्त से SC आईडेंटिटी से बाहर निकलने की मांग कर रहे हैं. उनकी मांग SC से OBC वर्ग में जाने की है, जिसके बाद वे सामान्य वर्ग में जाना चाहते हैं. इस मकसद के पीछे उनका तर्कत है कि  DKV समुदाय लंबे समय से SC आरक्षण मिलने के बावजूद अपनी सामाजिक पहचान और भेदभाव की समस्या से जूझ रहा है. वहीं, तेनकासी में भाजपा के जिला अध्यक्ष अनंथन अय्यासामी ने इस मामले पर अपनी राय रखते हुए कहा कि भले ही इसको लेकर DKV समुदाय में सर्वसम्मति है, लेकिन इसके अंदर लोगों की राय अलग-अलग हैं.

अमित शाह ने की सराहना


देवेंद्रकुल वेल्लालर (DKV) समुदाय की बड़ी आबादी तमिलनाडु के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में रहती है.  यह समुदाय मुख्य रूप से एग्रीकल्चर से जुड़ा है. इतिहासकार केए मणिकुमार के मुताबिक, DKV समुदाय ने लंबे समय तक आर्थिक मुश्किलों समेत सामाजिक भेदभाव का सामना किया है, जिसके चलते वहां के लोग पिछड़ेपन का शिकार हुए. साल 2021 में DKV समुदाय की पहचान को लेकर बड़ा बदलाव हुआ. संसद ने 7 उपजातियों को देवेंद्रकुल वेल्लालर नाम के तहत कीकृत करने से जुड़ा विधेयक पास किया. वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस DKV के इस पहल की सराहना की था. उन्होंने कहा था कि ऐसे समय पर जब जातियां सामाजिक और सरकारी लाभ पाने के लिए खुद को निचली श्रेणी में शामिल करने की कोशिश में रहती हैं, ऐसे समय पर इस समुदाय ने अपनी सामाजिक पहचान के लिए खुद को उठाने की कोशिश की.  

क्यों SC लिस्ट से हटना चाहता है समुदाय? 


पुथिया तमिलगम के फाउंडर के कृष्णासामी भी लंबे समय से समुदाय की इस मांग को उठा रहे हैं. उन्होंने बताया कि DKV समुदाय साल 1996 से सरकारों से SC से OBC में जाने की मांग रख रहा है. वहीं, आखिरी टारगेट सामान्य श्रेणी में जाना होगा. कृष्णासामी ने बताया कि SC समुदाय के डायरेक्ट जनरल में ले जाना व्यावहारिक नहीं होगा. पहले 10-15 साल OBC में रहने के बाद यह समुदाय सामान्य श्रेणी की तरफ बढ़ सकता है. भाजपा के जिला अध्यक्ष अनंथन अय्यासामी ने इस मांग को आर्थिक संपन्नता से जोड़ने से मना करते हुए कहा कि अधिकतर समुदाय अभी भी गरीबी में रह रहा है. ऐसे में SC की लिस्ट छोड़ना समृद्धि नहीं, आत्मसम्मान के बारे में हैं. यही वजह है कि समुदाय SC/ST अधिनियम पर निर्भर नहीं रहना चाहता.अय्यासामी ने कहा कि उन्हें दलित कहकर संबोधित न करें. उन्होंने कहा कि DKV समुदाय अपनी अलग सांस्कृतिक पहचान को महत्व देता है.

SC/ST एक्ट पर समुदाय का विचार 


DKV ने आरक्षण के अलावा SC/ST एक्ट को लेकर भी अपनी राय रखी है. अय्यासामी ने कहा,' हमने देखा है कि इस अधिनियम के तहत मामलों को कैसे हथियार बनाया जाता है और यह जमीन पर दुश्मनी को कैसे बढ़ाता है.' उनके अनुसार DKV समुदाय ने एक किसी के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज न करने का खुद से फैसला लिया है. 

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ज़ी न्यूज में सब एडिटर. वनस्थली विद्यापीठ यूनिवर्सिटी, राजस्थान से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन. ये राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मुद्दो से जुड़े विषयों पर लिखती हैं. लिखने के अलावा श्रुति को नई जगहों पर घूमना, संगीत सुनना, फिल्में देखना और फूड एक्सप्लोर करने का बेहद शौक है. 
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