उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों की रणभेरी बजने में भले ही करीब आधे साल का समय बाकी हो, लेकिन सियासी पारा अभी से उबाल मारने लगा है. चुनावी गोटियां सेट करना कहें या पॉलिटिकल फिल्डिंग सेट करना. ये काम भी धीरे-धीरे रोमांंचक स्थिति में पहुंचता जा रहा है. इसी सिलसिले में यूपी के हेवीवेट नेता स्वामी प्रसाद मौर्य राहुल गांधी से मिलने दिल्ली पहुंचे. कई महीने से 'स्वामी' जिस तरह बात-बात में योगी से लेकर मोदी सरकार के फैसलों को पानी पी-पीकर कोस रहे थे, उससे लग रहा था कि सियासत में कई घाटों का पानी पी चुके 'स्वामी' की कांग्रेस में एंट्री होने वाली है. इन संभावनाओं से इतर स्वामी प्रसाद मौर्य ने ऐसा करने के बजाए एक और चौंकाने वाला फैसला लिया है.
स्वामी प्रसाद मौर्य बीएसपी और बीजेपी की राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं. वो समाजवादी पार्टी में रहे चुके हैं. हालांकि, बीते कुछ समय से अपनी अलग 'सियासी दुकान' खोलकर राजनीति कर रहे थे.
पहले कहा जा रहा था कि मौर्य अपनी पार्टी के तमाम चेहरों के साथ कांग्रेस का 'पंजा' थामेंगे, लेकिन राहुल गांधी से मुलाकात और कांग्रेस मुख्यालय के चक्कर काटने के बीच उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को यूपी की सत्ता से उखाड़ फेकने के लिए उनकी पार्टी 'इंडी एलायंस' में शामिल होकर विपक्षी एकता को मजबूत करेगी. मीडिया से मुलाकात में 'स्वामी' ने बीजेपी पर फायर होते हुए कहा, 'भाजपा हटाओ देश बचाओ. भाजपा हटाओ लोकतंत्र बचा. भाजपा हटाओ संविधान बचाओ.'
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— Shwetank Ratnamber (@swwetanksr) October 3, 2026
'स्वामी' ने आगे कहा, 'सीट शेयरिंग बाद का विषय है. अभी तो जिस तरह राहुल गांधी ने पूरे देश में अलख जगाई है, बीजेपी की पोल खोलने का काम किया है. उससे इस बार हमारी राह आसान होने वाली है. हम मिलकर चुनाव लड़ेंगे और भाजपा को यूपी की सत्ता से उखाड़ फेंकेंगे.'
मौर्य की मुख्य ताकत की बात करें तो गैर-यादव अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), खासकर मौर्य समाज के अलावा कुशवाहा, कोइरी और शाक्य मतदाताओं में उनकी अच्छी पैठ है. 2021 के चुनावों तक वो उत्तर प्रदेश में गैर-यादव ओबीसी वोटों को आकर्षित करने वाला चेहरा माने जाते थे
इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर अंतरात्मा की आवाज पर नेताओं की एक दल से दूसरे दल में आवाजाही की औपचारिक शुरुआत भी हो गई. स्वामी प्रसाद मौर्य कांग्रेस मुख्यालय के बाहर से भी गरजे और योगी सरकार को जमकर ललकारा. वहीं कांग्रेस सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक मथुरा के पूर्व विधायक श्याम सुंदर शर्मा और दिल्ली के पूर्व विधायक अशोक कुमार भी कांग्रेस में शामिल हुए हैं.
उन्होंने राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कहा, 'मैंने ऑब्जर्व किया कि आज की राजनीति में अगर कोई नेता सच्चाई से बात करता है तो वह राहुल गांधी हैं.'
इसी दौरान आम आदमी पार्टी को भी शनिवार को जोर का झटका धीरे से लगा. AAP की राष्ट्रीय प्रवक्ता रहीं प्रियंका कक्कड़ ने कांग्रेस का दामन थाम लिया. पार्टी छोड़ने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे वही पुरानी ग्रीन दिल्ली वापस चाहिए, जिसमें मैं बड़ी हुई थी. मुझे साफ-सुथरी और प्रोग्रेसिव दिल्ली चाहिए. दशकों तक राजधानी को देखने के बाद मुझे विश्वास है कि कांग्रेस पार्टी ही ऐसा कर सकती है.'
राहुल गांधी के 'वोट चोरी' वाले अभियान का समर्थन करते हुए प्रियंका ने कहा, 'राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है. हमें भी जनता को इसके प्रति जागरूक करना पड़ेगा कि किस तरह हमारा वोट देने के अधिकार को CEC ज्ञानेश कुमार चोरी करके मोदी जी के खाते में डाल रहे हैं. हमें यह रोकना पड़ेगा.'
'आप' पर निशाना साधते हुए प्रियंका ने कहा, मैंने 'आप' इसलिए छोड़ी, क्योंकि बात हुई थी कि बंगला और गाड़ी नहीं लेंगे, लेकिन बाद में यात्रा के लिए चॉपर यूज होने लगे. मैं यह ज्यादा दिन बर्दाश्त नहीं कर सकती थी. इसलिए यहां कांग्रेस पार्टी में आ गई हूं. बताते चलें कि प्रियंका कक्कड़ लंबे समय से आम आदमी पार्टी की तेजतर्रार प्रवक्ता थीं, जो न्यूज़ चैनलों की डिबेट में आम आदमी पार्टी का जोरदार तरीके से पक्ष रखती थीं.