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सैलरी पर 'सुप्रीम' रोकः अतिक्रमण नहीं हटाने पर SC ने BMC कमिश्नर का वेतन रोका, निगम पर ₹5 लाख का जुर्माना ठोका

मुंबई के बोरीवली में 'बेस्ट' (BEST) बस स्टैंड की जमीन से अतिक्रमण नहीं हटाने पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए BMC को अवमानना का नोटिस भेज दिया है. इसके साथ ही बीएमसी कमिश्नर की सैलरी रोकते हुए निगम पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

Written By K. Raj Mishra
Published: Nov 04, 2026, 07:39 AM IST | Updated: Nov 04, 2026, 08:19 AM IST
Image Credit: सुप्रीम कोर्ट ने BMC कमिश्नर की सैलरी रोकी (File Photo- Zee Media)
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सरकारी जमीन से अतिक्रमण नहीं हटाने पर बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) पर सुप्रीम कोर्ट का डंडा चला है. कोर्ट ने इस मामले में निगम पर 5 लाख का जुर्माना लगाते हुए BMC कमिश्नर की एक महीने की सैलरी पर भी रोक लगा दी है. दरअसल, यह मामला मुंबई के बोरीवली में 'बेस्ट' (BEST) बस स्टैंड के लिए तय की गई जमीन से जुड़ा है. सर्वोच्च न्यायालय ने बीएमसी को बस अड्डे के लिए तय जमीन से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था, लेकिन निगम की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई. इस पर CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने नाराजगी जताई.

BMC के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी

CJI सूर्यकांत समेत तीन जजों की पीठ ने बीएमसी कमिश्नर के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी किया है. कोर्ट की ओर से जारी नोटिस में कहा कि गया कि 13 नवंबर 2025 और 28 जुलाई 2026 को BMC को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निगम ने उन निर्देशों का जानबूझकर पालन नहीं किया. ऐसा करके निगम की ओर से कोर्ट की अवमानना की गई है. अदालती मामलों को कवर करने वाली 'Bar And Bench' वेबसाइट के मुताबिक, सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि अतिक्रमण करने वालों पर नगर निगम की ओर से कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से मिलीभगत के संकेत नजर आ रहे हैं.  

महाराष्ट्र सरकार को भी दिया निर्देश

सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश का पालन नहीं करने पर अधिकारियों को जेल भेजने की चेतावनी दी है. सीजेआई ने कहा कि ये लोग शालीन भाषा नहीं समझते, इसलिए इन्हें इस आदेश की भाषा समझनी होगी. हम उन्हें जेल भेज देंगे, तब उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश की भाषा समझ आ जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने नगर निगम और महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि जब तक सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं हो जाता, तब तक आयुक्त का वेतन जारी न किया जाए. 

BMC अधिकारियों को जेल भेजने की चेतावनी

उधर, बीएमसी की ओर से अतिक्रमण हटाने के लिए थोड़ा और समय मांगा था, निगम की इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि नगर निगम को पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है. अब एक दिन की भी अतिरिक्त मोहलत नहीं दी जाएगी. अदालत ने कहा कि अधिकारियों को अब काम करके दिखाना होगा, नहीं तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा.

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About the Author

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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