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असम में समान नागरिक संहिता से जुड़ा विधेयक विधानसभा से पारित हो चुका है, जिसके नियम बनाने की प्रक्रिया जारी है. इस बीच असम सरकार ने एक से अधिक शादियां करने वाले सरकारी कर्मचारियों को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया है. पूर्वोत्तर के इस सबसे बड़े राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता ने अपनी कैबिनेट की बैठक के बाद खुला ऐलान करते हुए बताया है कि राज्य में असम सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1964 में संशोधन के तहत एक से ज्यादा शादियां करने पर सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से तुरंत बर्खास्त कर दिया जाएगा. वहीं भविष्य में भी उन्हें किसी अन्य सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य कर दिया जाएगा.
सरकार के पांच बड़े फैसलों की बात करें तो अब से राज्य में एक से अधिक शादी करने वाले सरकारी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
In today's #AssamCabinet meeting, we approved key decisions Strict action against Govt officials commiting polygamyShore up recruitments through faster promotions 5 new Ropeway projects Additional MSP for farmers Land for Defence Park among others https://t.co/eqyqrZcgZe
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) November 3, 2026
इस तरह से देखें तो असम सरकार ने मंगलवार को असम सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1964 में संशोधन को अपनी मंजूरी दे दी है. इस नियम के तहत अब भविष्य में बहुविवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा. इसके साथ ही, उन्हें भविष्य में भी किसी सरकारी नौकरी पर नहीं रखा जाएगा. ऐसे लोग नई जॉब अप्लाई करने के लिए भी अनफिट हो जाएंगे. इसमें भी सबसे बड़ी बात ये कि ऐसे लोग अब भविष्य में राज्य सरकार द्वारा चलाई जाने वाली किसी भी कल्याणकारी योजनाओं का फायदा तक भी नहीं उठा पाएंगे.
अगर असम सरकार का कोई employee बहुविवाहित पाया गया, तो उसे नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा। आज के #AssamCabinet का फैसला। https://t.co/1RbMgHp2pt
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) November 3, 2026
गौरतलब है कि जुलाई में इस प्रस्ताव की घोषणा असम के बजट के दौरान की गई थी. राज्य के वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने कहा था कि महिला सशक्तिकरण और लैंगिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए, एक से ज्यादा शादियां करने वाला कोई भी पुरुष किसी भी सरकारी कल्याणकारी योजना का लाभ उठाने का पात्र नहीं होगा.
सरकार ने असम सेवा एवं अनुशासन नियमों में बदलाव किया है. नियम 7 में नया खंड 6 जोड़ा है जो सभी समुदायों पर लागू होगा. यह नियम समान नागरिक संहिता (UCC) के तहत सभी समुदायों पर समान रूप से लागू होगा. हिंदू, मुस्लिम और ईसाई समेत सभी समुदायों के सरकारी कर्मचारियों पर ये नियम लागू होगा.