SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

उमर अब्दुल्ला सरकार के लिए खतरे की घंटी! श्रीनगर के सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी ने पार्टी छोड़ी, संसद से भी दिया इस्तीफा

जम्मू कश्मीर में उमर अब्दुल्ला सरकार को बड़ा झटका लगा है. पार्टी के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने संसद ने JKNC छोड़ने के साथ ही संसद सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है.

Written By Devinder Kumar
Published: Nov 03, 2026, 03:44 PM IST | Updated: Nov 03, 2026, 03:50 PM IST
Image Credit: सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने JKNC और संसद की सदस्यता दोनों छोड़ दी है.
Join

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में मंगलवार को उस वक्त बड़ा राजनीतिक मोड़ आ गया, जब श्रीनगर से लोकसभा सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने संसद की सदस्यता और अपनी अपनी पार्टी 'जम्मू एंड कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस' (JKNC) से इस्तीफा देने का एलान कर दिया. उनके इस कदम को JKNC के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. पार्टी के 25 विधायक पहले से ही उमर अब्दुल्ला सरकार से नाराज चल रहे हैं. ऐसे में एक सांसद के पार्टी छोड़ देने से बगावत की आग तेज होने की आशंका जताई जा रही है.

पिता की पुण्यतिथि पर की पार्टी छोड़ने की घोषणा

आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी पार्टी छोड़ने की घोषणा अपने पिता की 26वीं पुण्यतिथि के मौके पर की. इस मौके पर बडगाम के 'बेहश्त-ए-जहरा पार्क' में बड़ी जनसभा की गई थी, जिसमें आसपास के इलाकों के हजारों लोग जुटे थे. वे उन्हें सुनने और अपना समर्थन देने के लिए वहां आए हुए थे.

ये भी पढ़ें- नेताजी के लिए टाल दी शादी: घर से सीधे 300 KM दूर रैली में पहुंचा, आगा रुहुल्लाह की दीवानगी में दूल्हे का अनोखा फैसला

JKNC से अपने इस्तीफे का एलान करते हुए आगा रुहुल्लाह ने पार्टी नेतृत्व और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस अपनी विचारधारा और चुनावी वादों से भटक गई है. जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य के दर्जे और अनुच्छेद- 370 और 35ए की बहाली के लिए कोई काम नहीं हो रहा है. जबकि ये पार्टी के कोर मुद्दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि मौजूदा उमर अब्दुल्ला सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है.  

उमर अब्दुल्ला सरकार पर खूब साधा निशाना

बागी हो चुके सांसद मेहदी ने कहा कि जब पार्टी ने अपने कोर मुद्दों को तिलांजलि दे दी हो, तब उससे अलग होने के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचा था. उन्होंने कहा कि सांसदी और पार्टी छोड़ने के बावजूद वे जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाते रहेंगे और राज्य के हक की लड़ाई आखिरी वक्त तक लड़ेंगे.

ये भी पढ़ें- नेशनल कॉन्फ्रेंस में बगावत: विधायकों के असंतोष की चिंगारी बनी ज्वाला: क्या गिर जाएगी उमर अब्दुल्ला की सरकार?

बताते चलें कि आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी के पिता का नाम आगा सैयद मेहदी था. वे जम्मू-कश्मीर के प्रमुख शिया धार्मिक गुरु और वरिष्ठ राजनेता थे. उनकी 3 नवंबर 2000 को एक शक्तिशाली आईईडी ब्लास्ट के जरिए आतंकियों ने हत्या कर दी थी. घटना के वक्त वे बडगाम में एक कार्यक्रम से लौट रहे थे. इस घटना में उनके पिता समेत कई समर्थकों की मौत हो गई थी.

मजबूत शिया नेता के जाने से JKNC को बड़ा झटका

आगा सैयद मेहदी की मृत्यु के बाद उनके बेटे आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने उनकी राजनीतिक और सामाजिक विरासत को संभाला था. JKNC में शामिल होने के बावजूद कश्मीर घाटी में उनकी अपनी एक हस्ती है. वे घाटी में शिया मुस्लिमों के बड़े नेता माने जाते हैं. उनका युवाओं में एक बड़ा फैन बेस है और उनकी बातों को लोग गंभीरता से सुनते हैं. ऐसे में आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी का पार्टी और संसद की सदस्यता छोड़ना मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के लिए बड़े राजनीतिक संकट का सबब बन सकता है. 
 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

अनुभवी पत्रकार और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक हैं. पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. अमर उजाला और नवभारत टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम करने के बाद, वर्तमान में वे Zee News में कार्यरत हैं. देश-दुनिया और ब्रेकिंग न्यूज पर नजर रखते हैं. अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, वैश्विक घटनाक्रमों और खोजपरक पत्रकारिता में विशेष पकड़ है.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES