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त्योहार कोई भी हो, उसकी असली मिठास पुरानी यादों और परिवार के साथ बिताए लम्हों में ही छिपी होती है. हाल ही में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी दिवाली के इस खास मौके पर अपने बीते दिनों की खूबसूरत यादों का पिटारा खोला. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर शेयर किए गए एक खास वीडियो में सोनिया गांधी अपनी बेटी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ दिवाली की पुरानी परंपराओं, घर की सजावट और लजीज पकवानों पर दिल खोलकर बात करती नजर आ रही हैं.
इस वीडियो में प्रियंका की बेटी मिराया वाड्रा की झलक भी देखने को मिली, जिससे यह पूरी बातचीत तीन पीढ़ियों के बीच का एक बेहद भावनात्मक पल बन गई. बातचीत की शुरुआत करते हुए सोनिया गांधी ने बताया कि पहले के समय में दिवाली मनाना कितना अलग और रूहानी हुआ करता था. उन दिनों आज की तरह हर तरफ बिजली की छोटी-छोटी रंग-बिरंगी लड़ी (झालरें) नहीं हुआ करती थीं. इसके बजाय, पूरे घर को सिर्फ और सिर्फ मिट्टी के दीयों से रोशन किया जाता था.
Revisiting my early memories of celebrating Diwali - the traditions, the festivities and the little moments that made it so special 🪔✨ Wishing everyone a Happy Diwali https://t.co/GzFavNc6Vo
— Sonia Gandhi (@SoniaGandhi) November 8, 2026
सोनिया जी ने याद करते हुए कहा कि उनके आवास का शायद ही कोई ऐसा कोना बचता था जहां दीया न रखा जाए. घर के तालाब के किनारे, बरामदे में और जाने वाले रास्तों पर चारों तरफ दीयों की कतारें सजी रहती थीं. घर के मुख्य द्वार (एंट्रेंस) पर भगवान गणेश की एक सुंदर मूर्ति लगी होती थी, और परिवार के सभी सदस्य दिवाली की पहली दीया वहीं पर जलाकर पूजा की शुरुआत करते थे. दीयों की उस धीमी और शांत रोशनी में पूरा घर अद्भुत और बेहद खूबसूरत दिखाई देता था.
वीडियो में प्रियंका गांधी ने भी अपने बचपन की दिवाली के दिनों को याद किया. उन्होंने बताया कि दिवाली का दिन पूरे परिवार के लिए एक बड़े उत्सव की तरह होता था. त्योहार पर अलग-अलग क्षेत्रों, समाजों और पृष्ठभूमि से आने वाले लोग उनके घर आते थे. घर का पूरा बगीचा मेहमानों से भर जाता था, जहां सब मिलकर दिवाली की बधाई देते थे और खुशियां बांटते थे. प्रियंका के अनुसार, उन दिनों मिलने-जुलने का वह दौर पूरे माहौल को मिठास और आत्मीयता से भर देता था.
दिवाली का जिक्र हो और पटाखों की बात न आए, ऐसा भला कैसे हो सकता है! सोनिया गांधी ने बड़ी सादगी से अपने दौर में पटाखे खरीदने के पलों को याद किया. उन्होंने बताया कि दिवाली से पहले वे खुद पटाखे और फुलझड़ियां खरीदने के लिए पुरानी दिल्ली के मशहूर चांदनी चौक बाजार जाया करती थीं. पटाखों में अपनी पसंद के बारे में बताते हुए सोनिया जी ने कहा कि उन्हें फुलझड़ियां जलाना बहुत पसंद था. वे रोशनी बिखेरने वाली फुलझड़ियों को तो बड़े चाव से जलाती थीं, लेकिन उन्हें अनार जैसे तेज धुएं और धमाके वाले पटाखों का बहुत ज्यादा शौक नहीं था.
पुरानी यादों में खोईं सोनिया गांधी का ध्यान उस दौर के मौसम की तरफ भी गया. उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि उन दिनों दिवाली के आसपास का मौसम बेहद खूबसूरत और सुहाना होता था. आसमान बिल्कुल साफ और चमकीला नीला दिखता था. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि वैसा साफ आसमान और ताजी हवा अब के दिनों में बहुत कम देखने को मिलती है. यह बात आज के समय में बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरण के बदलते रूप की तरफ एक सीधा इशारा भी करती है.
किसी भी भारतीय त्योहार की आत्मा उसके खान-पान में बसती है. गांधी परिवार की दिवाली में भी लजीज पकवानों का खास स्थान था. सोनिया गांधी ने बताया कि दिवाली के मौके पर घर में विशेष रूप से कश्मीरी व्यंजन बनाए जाते थे. इन व्यंजनों में सबसे खास होते थे 'मीठे चावल'. उन्होंने मुस्कुराते हुए बताया कि दिवाली पर मीठे चावल बनाने की वह परंपरा आज भी उनके घर में कायम है और परिवार के सभी सदस्य इसे आज भी उतने ही चाव और स्वाद से खाते हैं.
इस वीडियो को 'एक्स' पर साझा करते हुए सोनिया गांधी ने लिखा, 'दिवाली मनाने की अपनी शुरुआती यादों को फिर से जीना वे परंपराएं, वे उत्सव और वे छोटे-छोटे पल जिन्होंने इसे बहुत खास बनाया. इसके साथ ही उन्होंने देशवासियों को दीवाली की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं. यह वीडियो सिर्फ एक राजनीतिक हस्ती का अनुभव भर नहीं है, बल्कि यह हम सभी को हमारे बचपन की दिवाली, मिट्टी के दीयों की खुशबू और परिवार के साथ बिताए उन सादे लेकिन अनमोल पलों की याद दिलाता है.