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लद्दाख के लोगों से धोखा? बैठक रद्द होने पर सोनम वांगचुक के केंद्र पर गंभीर आरोप, VIDEO Viral

पर्यावरण एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय पर लद्दाख के लोगों से वादाखिलाफी और अनदेखी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं.

Written By Ravindra Pratap Singh
Published: Oct 22, 2026, 03:51 PM IST | Updated: Oct 22, 2026, 04:51 PM IST
Image Credit: सोनम वांगचुक और केंद्र सरकार के बीच बढ़ा तनाव, लद्दाख के विशेष दर्जे और छठी अनुसूची पर फंसा पेंच
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सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरण एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार लद्दाख के लोगों से किए गए अपने वादों से मुकर रही है. सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफॉर्म पर शेयर किए गए एक ताजा वीडियो संदेश के जरिए वांगचुक ने अपनी नाराजगी जाहिर की और बताया कि सरकार ने बातचीत के नाम पर उन्हें दिल्ली बुलाया, लेकिन अब अधिकारी अपनी बात से पीछे हट रहे हैं.

सोनम वांगचुक ने वीडियो में अपनी पूरी व्यथा साझा करते हुए कहा कि पिछले हफ्ते गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बातचीत बेनतीजा रही थी. उस बैठक के बाद अधिकारियों ने संकेत दिया था कि आगे की चर्चा के लिए 22 अक्टूबर को फिर से बैठक होगी. वांगचुक ने आगे कहा, 'इसी भरोसे पर मैंने अपना टिकट बुक करा लिया और दिल्ली स्थित लद्दाख भवन आ रहा था. लेकिन अब अचानक यह कहा जा रहा है कि आज कोई बैठक नहीं होगी. सरकार एक बार फिर अपने वादों से पूरी तरह पीछे हट रही है.' उनका मानना है कि सरकार लद्दाख को 'छठी अनुसूची' के तहत विशेष सुरक्षा देने के अपने शुरुआती वादे से भी मुकर रही है, जिससे वहां के निवासियों में भारी निराशा है.

 

 

'एक तरफ चीन का दबाव, दूसरी तरफ भारत...'

लद्दाख के संवेदनशील सीमावर्ती इलाके के हालात का जिक्र करते हुए वांगचुक ने बहुत ही भावुक और गंभीर बात कही. उन्होंने कहा कि इस बॉर्डर एरिया के लोग बेहद दुखी और आहत हैं. उन्होंने सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा, 'एक तरफ हम पर चीन का लगातार दबाव रहता है, जो दावा करता है कि लद्दाख चीन का हिस्सा है. इसके बावजूद हमें अपने देश यानी भारत से गहरा लगाव है. लेकिन विडंबना देखिए कि भारत सरकार भी हमारे साथ अच्छा बर्ताव नहीं कर रही है. वे हर वादे से पीछे हट रहे हैं. वे लद्दाख के लोगों को देश के बाकी नागरिकों के समान अधिकार भी नहीं देना चाहते, ताकि लोग लोकतांत्रिक तरीके से वोट के जरिए अपनी आवाज उठा सकें और अपनी आकांक्षाएं पूरी कर सकें.' उन्होंने आरोप लगाया कि लद्दाख की जनता को लोकतंत्र के बुनियादी अधिकारों से भी वंचित रखा जा रहा है.

क्या था लद्दाख का पूरा विवाद?

आपको बता दें कि यह पूरा मामला लद्दाख के राजनीतिक भविष्य और वहां के स्थानीय लोगों की सुरक्षा से जुड़ा है. पिछले हफ्ते ही लेह में लद्दाख के स्थानीय नेताओं और केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच एक अहम बैठक हुई थी. इस बैठक में 'लेह एपेक्स बॉडी' (LAB) और 'कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस' (KDA) के नेताओं ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव के मसौदे को सिरे से खारिज कर दिया था. 

सोनम वांगचुक का केंद्र पर आरोप

वांगचुक का सीधा आरोप है कि सरकार मई महीने में हुई बैठक के दौरान दिए गए आश्वासनों और वादों से पूरी तरह मुकर गई है. उस वक्त बैठक के बाद नेताओं ने उम्मीद जताई थी कि बातचीत को किसी नतीजे पर पहुंचाने के लिए 22 अक्टूबर को नई दिल्ली में एक और दौर की बैठक होगी, लेकिन लद्दाख के प्रतिनिधियों को इस बार कोई औपचारिक निमंत्रण या सूचना नहीं मिली.

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मई की बैठक और संवैधानिक सुरक्षा की मांग

इस पूरे गतिरोध की जड़ में लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा का मुद्दा है. बीते मई महीने में केंद्र सरकार और लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच एक अहम दौर की बातचीत हुई थी, जिसमें एक सैद्धांतिक सहमति बनने की बात सामने आई थी. उस समय यह चर्चा थी कि लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश को देश के बाकी राज्यों की तरह विशेष सुरक्षा देने के लिए संविधान के अनुच्छेद 371A, 371F और 371G की तर्ज पर संवैधानिक सुरक्षा प्रदान की जाएगी.

संस्कृति और पहचान बचाने के लिए विशेष अधिकार

गौरतलब है कि ये विशेष अनुच्छेद देश के अन्य राज्यों जैसे नगालैंड, सिक्किम और मिजोरम को उनकी संस्कृति, जमीन और पहचान बचाने के लिए विशेष अधिकार और सुरक्षा प्रदान करते हैं. लद्दाख के लोग लंबे समय से इसी तर्ज पर अपने क्षेत्र के लिए कानूनी और संवैधानिक गारंटी की मांग कर रहे हैं, ताकि उनकी अनूठी संस्कृति, पर्यावरण और जमीन सुरक्षित रह सके. लेकिन वांगचुक और अन्य स्थानीय नेताओं का कहना है कि सरकार अब इन बुनियादी गारंटियों से पीछे हट रही है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है.

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About the Author

रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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