'आना है तो हमारे साथ आओ, हम कहीं नहीं जाएंगे': NCP विलय की अटकलों पर शरद पवार का बड़ा बयान
महाराष्ट्र की राजनीति में यह चर्चा चलती रहती है कि एनसीपी के दोनों गुट फिर से एक हो सकते हैं, लेकिन अब पार्टी के मुखिया शरद पवार ने इन सभी बातों पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने महाराष्ट्र की सियासत में पिछले कई महीनों से चल रही तमाम अटकलों पर ब्रेक लगा दिया है. 28 सितंबर को उन्होंने साफ कह दिया कि वे न तो बीजेपी के एनडीए में जा रहे हैं और न ही किसी के पास जाने वाले हैं. पवार ने अपने इस बयान से साफ संदेश दिया कि जिसे भी आना है, वह उनके पास आए, वे अपनी जगह से कहीं हिलने वाले नहीं हैं. शरद पवार ने दो टूक कहा कि उनकी पार्टी सत्ता की खातिर किसी के साथ विलय (मर्जर) नहीं करेगी.
दरअसल, महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से यह चर्चा जोरों पर थी कि शरद पवार एनडीए का हिस्सा बन सकते हैं. कुछ समय पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई उनकी मुलाकात के बाद इन अटकलों ने और जोर पकड़ लिया था. कहा जा रहा था कि दोनों एनसीपी (शरद पवार गुट और अजित पवार गुट) का आपस में विलय हो सकता है, इसके जरिए पवार परिवार फिर से एक होकर एनडीए के पाले में खड़ा दिख सकता है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं होने वाला.
'हम कहीं नहीं जाएंगे, फैसला दूसरों को करना है'
सोमवार को मुंबई में आयोजित पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में शरद पवार ने इन सभी कयासों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने अजित पवार गुट और उपमुख्यमंत्री की पत्नी सुनेत्रा पवार का नाम लिए बिना कहा, 'मेरे बारे में तरह-तरह की बातें और चर्चाएं फैलाई जा रही हैं. हां, चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन मैं सबको साफ बता देना चाहता हूं कि हम कहीं नहीं जाने वाले. हम किसी के साथ नहीं जाएंगे. अगर किसी को आना है, तो वह हमारे साथ आए.'
शरद पवार के इस कड़े और स्पष्ट रुख के बाद अब तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है. उनकी पार्टी महाराष्ट्र में 'महाविकास आघाड़ी' (MVA) और देश के स्तर पर विपक्षी 'INDIA' गठबंधन के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी. बता दें कि NCP (शरदचंद्र पवार) फिलहाल विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाड़ी (MVA) का हिस्सा है, इस गठबंधन में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) और कांग्रेस भी शामिल हैं.
शशिकांत शिंदे ने भी साफ किया रुख
एनसीपी (एसपी) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने भी साफ कर दिया है कि शरद पवार ने पार्टी का रुख एकदम स्पष्ट कर दिया है. उन्होंने कहा कि विलय को लेकर पार्टी में किसी तरह की कोई अस्पष्टता नहीं है. शिंदे के मुताबिक, अगर दोनों गुटों का एकीकरण होना भी है, तो दूसरा गुट आकर एनसीपी (एसपी) में विलय करे. यानी पार्टी किसी दूसरे दल में जाकर सत्ता में शामिल होने के बजाय अपने संगठन को मजबूत करने पर ही पूरा ध्यान देगी.
'रोबोट और AI से बदले जा सकते हैं चुनाव के नतीजे'
बैठक में शरद पवार ने आने वाले चुनावों को लेकर एक बड़ी चेतावनी भी दी. उन्होंने कहा कि भविष्य में रोबोट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके चुनावी नतीजों को प्रभावित किया जा सकता है. पवार ने चिंता जताई है कि चुनावी प्रक्रिया में तकनीक का खेल अब साफ दिखने लगा है. उन्होंने अंदेशा जताया कि AI और रोबोट के जरिए यह तय किया जा सकता है कि नतीजे क्या आने चाहिए और जरूरत पड़ने पर इनके जरिए नतीजों को पलटा भी जा सकता है.
महाराष्ट्र में NCP के दो गुटों के बारे में जानिए
महाराष्ट्र में एनसीपी यानी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी दो धड़ों में बंटी हुई है. पहला गुट दिवंगत अजित पवार का है, जिसके पास पार्टी का नाम 'एनसीपी' और चुनाव चिह्न 'घड़ी' है. विमान हादसे में अजित पवार के निधन के बाद अब इस गुट की कमान मुख्य रूप से उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे संभाल रहे हैं, जो बीजेपी के साथ सरकार में हैं. वहीं दूसरा गुट शरद पवार का है, जिसका नाम 'एनसीपी (शरदचंद्र पवार)' और चुनाव चिह्न 'तुरहा बजाता हुआ व्यक्ति' है. यह गुट विपक्ष में कांग्रेस और उद्धव ठाकरे के साथ खड़ा है. इसकी पूरी बागडोर खुद शरद पवार और सुप्रिया सुले के हाथों में है.
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