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मानसून का मौसम अब धीरे धीरे खत्म होने की ओर बढ़ रहा है. ऐसे में लोगों के मन में सवाल आ रहा है कि क्या अब झमाझम बारिश का दौर सचमुच थमने वाला है? आसमान में छाए रहने वाले काले बादलों की जगह अब धीरे-धीरे साफ नीला आसमान नजर आने लगा है. स्पेस से ली गई लेटेस्ट सैटेलाइट तस्वीरों ने देश के मौसम में आ रहे इस बड़े बदलाव की एक साफ तस्वीर पेश कर दी है. उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून अब अपनी बोरिया-बिस्तर समेटकर लौटने लगा है, जिससे लोगों को उमस और बारिश से राहत तो मिल रही है, लेकिन क्या देश के बाकी हिस्सों से भी मानसून पूरी तरह विदा हो चुका है? आइए जानते हैं मानसून की ताजा स्थिति.
बारिश का मौसम अब अपने आखिरी दौर में है. देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों तक बारिश और बादलों से घिरा आसमान अब साफ नजर आने लगा है. खासकर उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में इसका असर साफ दिखाई दे रहा है. सैटेलाइट से सामने आई तस्वीरों में भी इन इलाकों में बादलों की मौजूदगी पहले के मुकाबले काफी कम नजर आ रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के अनुसार दक्षिण पश्चिम मानसून की वापसी लगातार आगे बढ़ रही है. फिलहाल मानसून की वापसी की रेखा गुरदासपुर, चंडीगढ, मुजफ्फरनगर, अलीगढ, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया से होकर गुजर रही है. इसके बाद यह रेखा अरब सागर की ओर बढ़ रही है.
दक्षिण पश्चिम मानसून ने पश्चिमी राजस्थान से लगभग 19 सितंबर से पीछे हटना शुरू किया था. इसके बाद 23 सितंबर को मानसून दिल्ली से भी विदा हो गया. दिल्ली में इस बार मानसून की विदाई सामान्य तारीख 25 सितंबर से कुछ दिन पहले हुई.
हालांकि मानसून की वापसी का मतलब सिर्फ इतना नहीं है कि बारिश रुक गई. IMD मानसून की वापसी तय करने के लिए कई चीजों को देखता है. इनमें लगातार बारिश का रुकना, निचले स्तर की हवाओं की दिशा में बदलाव और वातावरण में नमी का कम होना शामिल है.
ताजा सैटेलाइट इमेज में उत्तर पश्चिम भारत के बड़े हिस्से में आसमान काफी साफ दिखाई दे रहा है. हाल की बारिश के दौरान जिन इलाकों में घने बादल नजर आ रहे थे, वहां अब बादलों की गतिविधि कम हो गई है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे देश से मानसून चला गया है. पूर्वी और दक्षिणी भारत के कुछ हिस्सों में अभी भी बादलों की गतिविधि बनी हुई है. यानी मानसून की वापसी पूरे देश में एक साथ नहीं हो रही है.
IMD के ताजा अपडेट में हरियाणा, चंडीगढ और दिल्ली के लिए 4 अक्टूबर तक कोई मौसम चेतावनी भी जारी नहीं की गई है. इससे इन इलाकों में फिलहाल मौसम के शांत रहने के संकेत मिल रहे हैं.

दक्षिण पश्चिम मानसून की पूरे देश से वापसी में अभी समय लग सकता है. IMD मानसून की आगे की वापसी के लिए मौसम में लगातार बने बदलाव, वातावरण में घटती नमी और सूखे मौसम को देखता है.
पूरे देश से मानसून की वापसी के लिए 1 अक्टूबर के बाद बनने वाले व्यापक वायुमंडलीय बदलाव भी अहम होंगे. इस दौरान दक्षिण पश्चिमी हवाओं का प्रभाव कम होने लगता है और मौसम का मिजाज धीरे धीरे बदलता है. ऐसे में उत्तर पश्चिम भारत में साफ आसमान और कम बादल यह जरूर संकेत दे रहे हैं कि मानसून की विदाई शुरू हो चुकी है, लेकिन देश के बाकी हिस्सों से यह अभी पूरी तरह नहीं गया है.
फिलहाल सैटेलाइट तस्वीरें यही बता रही हैं कि मानसून की वापसी तेजी से आगे बढ़ रही है और देश के कई हिस्से अब बारिश वाले मौसम से निकलकर मानसून के बाद वाले मौसम की ओर बढ़ रहे हैं.
