'मुसलमान भी हिंदुस्तानी थे, हैं और हमेशा रहेंगे...': इकबाल मेमन से मुलाकात के बाद बोले RSS नेता इंद्रेश कुमार
ऑल इंडिया मेमन जमात फेडरेशन के अध्यक्ष इकबाल मेनन और RSS नेता इंद्रेश कुमार ने हिंदू-मुस्लिम एकता पर जोर दिया. दोनों नेताओं ने अपने-अपने बयान में कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए सभी धर्मों के लोगों को मिलकर काम करना होगा. भारत में रहने वाला हर शख्स भारतीय है.
ऑल इंडिया मेमन जमात फेडरेशन के अध्यक्ष इकबाल मेनन ने शुक्रवार (9 अक्टूबर) को मुंबई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान दोनों के बीच देश के वर्तमान राजनीतिक हालातों पर चर्चा हुई. बैठक के बाद दोनों नेता मीडिया के सामने आए और हिंदू-मुस्लिम एकता पर जोर दिया. आरएसएस (RSS) नेता इंद्रेश कुमार ने साफ कहा कि भारत के मुसलमान भी उतने ही हिंदुस्तानी हैं, जितने यहां का हिंदू. आरएसएस नेता ने कहा कि भगवान, अल्लाह, ईश्वर, परमेश्वर का एक ही सच है, और वह यह है कि हम इंसान के रूप में उस मालिक के घर से आए हैं. इसलिए, हम सभी इंसान हैं और इंसानों को शैतान नहीं बनना चाहिए. इंसानों में इंसानियत होनी चाहिए.
इंद्रेश कुमार ने आगे कहा कि रूस या चीन के किसी व्यक्ति की पहचान उसके धर्म या जाति से नहीं होती, उनकी पहचान उनके देश से होती है, इसलिए इस देश में हम सभी भारतीय हैं. उन्होंने साफ कहा कि हिंदुस्तान के मुससमान भी हिंदुस्तानी थे, हैं और हमेशा रहेंगे. कोई विदेशी नहीं है, कोई बाहरी नहीं है. आरएसएस नेता ने कहा कि जो लोग शायद विदेशी जमीनों से या बाहरी लोगों के तौर पर कम संख्या में आए होंगे, वे हमारे पूर्वज नहीं हैं. इंद्रेश कुमार ने मेमन समुदाय की गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मेमन समुदाय ने इस सच्चाई को समझा है और आज गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का प्रस्ताव पारित किया है. मेरा मानना है कि मेमन समुदाय ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम उठाया है.
मां के समान होती है गाय- इंद्रेश कुमार
RSS नेता ने कहा कि मेनन समुदाय के इस प्रयास से देश में सभी को, खासकर मुसलमानों, राजनीतिक दलों और सभी पूजा-पद्धतियों, धर्मों के लोगों को यह संदेश जाता है कि गाय एक खास पशु है. कहा जाता है कि जब मां का दूध नहीं आता, तो बच्चे को गाय का दूध दिया जाता है.
दोनों समुदायों में सौहार्द बढ़ाने का प्रयास
उधर, संघ नेता इंद्रेश कुमार से मुलाकात पर इकबाल मेमन ने कहा कि हमारा मकसद RSS में शामिल होना या उसमें विलय करना नहीं है. अपने कार्यक्रमों में हिंदुओं को बुलाने का मतलब यह नहीं है कि हम हिंदू बन रहे हैं. मकसद RSS को समझना, उन्हें हमारा नजरिया समझाना और दोनों समुदायों के बीच की दूरी को कम करना है.
मतभेद दूर होने चाहिए- इकबाल मेनन
इकबाल मेनन ने कहा कि जब तक ये मतभेद दूर नहीं होते, हमारे बीच की दूरी बनी रहेगी. हालांकि, उन्होंने एक बहुत अहम बात कही है जिसके बारे में हमें पहले पता नहीं था. उन्होंने कहा कि हम मुसलमानों को भारतीय मानते हैं. वे भारतीय थे, भारतीय हैं और भारतीय ही रहेंगे. हम मुसलमानों को इस देश का हिस्सेदार मानते हैं. यह पूरे मुस्लिम समुदाय के लिए एक अहम और हौसला बढ़ाने वाला संदेश है.
इनपुट- आईएएनएस
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