Ramanathaswamy Temple Donation: तमिलनाडु के रामनाथस्वामी मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है. भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर रामेश्वरम द्वीप पर स्थित है और इसे रामेश्वरम मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक इस मंदिर का आध्यात्मिक महत्व काफी ज्यादा है. कहा जाता है कि रावण को हराने के बाद भगवान राम ने अपने पाप धोने के लिए यहीं पूजा की थी. हर साल इस मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ लगती और यहां चढ़ावा भी खूब चढ़ता है.
'IANS' की रिपोर्ट के मुताबिक रामनाथस्वामी मंदिर में इस महीने करोड़ों का चढ़ावा आया है, जिसमें कई ग्राम सोना-चांदी भी शामिल है. मंदिर में फॉरेन करेंसी के नोट भी मिले. चढ़ावे की गिनती करने के लिए मंदिर के कर्मचारियों और स्वयंसेवक पहुंचे.
'IANS' ने अपने 'X' हैंडल पर तमिलनाडु के रामनाथस्वामी मंदिर पर चढ़ावे की जानकारी देते हुए लिखा,' रामनाथस्वामी मंदिर प्रशासन ने बताया कि मंदिर की हुंडियों में चढ़ावे की मासिक गिनती के दौरान 1,70,51,404 रुपये के कैश जमा हुए. इस संग्रह में 332 ग्राम सोना, 3.913 किलोग्राम चांदी और फॉरेन करेंसी के 191 नोट भी शामिल थे. हुंडी की गिनती पूर्वी गोपुरम मंडपम में की गई, जिसमें मंदिर के कर्मचारियों के साथ-साथ तंजावुर और थेनी के स्वयंसेवकों ने भी हिस्सा लिया.'
बता दें कि रामनाथस्वामी मंदिर में हर साल दुनियाभर से भक्त दर्शन के लिए आते हैं. यहां लोग अपनी-अपनी श्रद्धा से दानपेटी में चढ़ावा चढ़ाते हैं. लोग अपनी इच्छा से यहां सोना-चांदी, पैसे और कई चीजें चढ़ाते हैं. हर महीने मंदिर दानपेटी की करवाता है, जिसमें मंदिर के कर्मचारी और कई स्वयंसेवक हिस्सा लेते हैं.
Rameswaram, Tamil Nadu: The Ramanathaswamy Temple administration announced that ₹1,70,51,404 in cash was collected during the monthly counting of offerings from the temple hundis. The collection also included 332 grams of gold, 3.913 kilograms of silver and 191 foreign currency notes. The hundi counting was conducted at the East Gopuram Mandapam, with temple staff and volunteers from Thanjavur and Theni participating in the process. (06/10)
— IANS (@ians_india) October 6, 2026
दानपेटी से निकलने वाले खजाने का इस्तेमाल मंदिर के रखरखाव, सामाजिक कार्यों और भक्तों की सुविधाओं के लिए किया जाता है.
बता दें कि दिल्ली में 18वें BRICS समिट के दौरान पीएम मोदी ने रूस-चीन समेत दुनियाभर के कई नेताओं का खास स्वागत किया था, जिसमें रेड कार्पेट के पीछे रामनाथस्वामी मंदिर का बैकग्राउंड लगा हुआ था. पीएम मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को इस मंदिर के बारे में बताते हुए नजर आए थे. खुद पीएम मोदी BRICS से पहले रामनाथस्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे. उन्हें मंदिर के पुजारी ने माला भी पहनाई थी.
During the welcome of BRICS leaders, Prime Minister Narendra Modi welcomed the leaders against the backdrop of the iconic Ramanathaswamy Temple in Rameswaram, Tamil Nadu. https://t.co/2LGds6RJLw
— ANI (@ANI) September 12, 2026
रामनाथस्वामी शिव मंदिर 12 ज्योतिर्लिंग मंदिरों में से एक है. भारत के हिंदू मंदिरों में से इसका कॉरिडोर सबसे लंबा है, जो खूबसूरत खंभों से सजा हुआ है. मंदिर के परिसर के अंदर और आसपास कई तीर्थ कुंड भी बने हैं, जिनमें से 22 कुंज मंदिर के अंदर ही मौजूद हैं. माना जाता है कि इस कुंड में नहाने से पापों का नाश होता है.