SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल गांधी ने मोर्चा खोल रखा है. अब उन्होंने मीडिया के सामने NSUI के कुछ युवा कार्यकर्ताओं को पेश किया. उन्होंने दावा है कि प्रोटेस्ट के दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें काफी मारा था. उनमें से कुछ सादी वर्दी में भी थे. राहुल गांधी ने उनसे कहा कि ये तो बता दो कि पुलिसवालों ने तुमसे क्या कहा? इस एक युवा ने बताया कि पुलिसवालों ने हमसे कहा कि आपकी वजह से हम सो नहीं पा रहे हैं. बोलो कि दिल्ली पुलिस तुम्हारे पापा हैं. तुम लोगों की वजह से हम लोग ना खा पा रहे हैं, ना सो पा रहे हैं. राहुल गांधी हों या चाहे जिसे बुला लो. तुम दल्ले हो, तुम 500 रुपये के लिए आए हो. तुमने हमारी नींद हराम कर दी. हम अपने बच्चों को समय नहीं दे पा रहे हैं. लात-घूंसे चाहे जो भी हो, वह हमें पीट रहे थे.
जब राहुल गांधी ने उससे पूछा कि आपको डर लगा? अब प्रोटेस्ट में जाओगे फिर से? तो उसने कहा कि मुझे पहले बहुत डर लगा, लेकिम अब गोली चल रही हो तो मैं गोली भी खा लूंगा. फिर से प्रोटेस्ट में जरूर जाऊंगा. राहुल गांधी ने महिला प्रदर्शनकारियों का परिचय 'मेरी शेरनियां' के रूप में कराया. उन्होंने कहा कि पुलिस की बर्बरता के बावजूद वह निडर बनी रहीं. राहुल ने कहा कि इन्हें पीटा गया, लेकिन ये डरी नहीं हैं. इनके दिल में किसी के लिए कोई द्वेष भी नहीं है.
दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी के साथ मीडिया के सामने आए एक कंटेंट क्रिएटर ने दावा किया कि उसे 11 अक्टूबर को डिटेन किया गया था. उसने आरोप लगाया कि मुझे बजरंग दल और आरएसएस के गुंडों के बोलने पर डिटेन किया गया था. मेरे पास उनका वीडियो है. वे शांतिपूर्ण तरह से प्रदर्शन कर रहे लोगों को उकसा रहे थे. उनके पास डंडे थे, पत्थर थे और बाद में उन्होंने ही पुलिस से कह कर लोगों को डिटेन करवा दिया था.
पुलिस ने इस दौरान काफी लोगों के फोन छीने थे और फॉर्मेट करके दे दिया था. कई लोगों के फोन वापस भी नहीं किया गया था. राहुल गांधी उससे लगातार सवाल कर रहे थे और वह जवाब दे रहा था. NSUI की महिला कार्यकर्ताओं ने भी दिल्ली पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए. सभी ने अपनी बातों में सादी वर्दी में पुलिसवालों के द्वारा मारपीट किए जाने की बात कही.
महिला प्रदर्शनकारियों ने बयां किया अपना दर्द
प्रदर्शन में शामिल हुई ऋतु बरार ने दिल्ली पुलिस की एक महिला अधिकारी पर बड़े गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें घसीटकर बस में ले जाया गया. उनको पुरुष पुलिसवालों ने गिरफ्तार किया था. जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो कॉन्सटेबल चंचल ने उन्हें अपशब्द कहे. ऋतु बरारा ने आरोप लगाया कि पुलिस कॉन्स्टेबल चंचल ने उसके पेट के नीचे लात मारी थी.
केरल की एक महिला प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि उसके साथ भी पुलिस ने मारपीट की. उसने कहा कि पुलिसवालों की पिटाई से उसकी इयररिंग्स कान में घुस गई थी और इस वजह से अब उसे एक कान से सुनाई नहीं दे रहा है. उसने अपने आंखों के नीचे चोट के काले धब्बे भी दिखाए, जो पुलिस के पीटने से लगी थी.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने क्या कहा?
वहीं, राहुल गांधी ने कहा कि ये हिंदुस्तान है. यहां कोई हिंदू, मुस्लिम, जाति-पात नहीं है. कोई महिला-पुरुष नहीं है. बीजेपी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इस आवाज से सामने आप खड़े मत होईए. दिल्ली पुलिस को चेतावनी देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मैंने सभी से कहा कि आप लोग वीडियो बनाकर रखिए. इस सबके पूरा होने के बाद सबको सजा दी जाएगी.
जब पत्रकारों ने राहुल गांधी से FIR करने को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि उसके बारे में आप मत सोचिए, ये हमारा काम है. यह देश की आवाज है और इस आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है. राहुल गांधी ने कहा कि मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस पूछा था कि नरेंद्र मोदी सही काम कर रहे हैं, तो आपने सच्चाई देश को दिखा दी.
बीजेपी पर खूब बरसे कांग्रेस अध्यक्ष
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा था. जंतर-मंतर को लेकर खरगे ने कहा कि 'वोट चोरी' के बाद लोगों के 'विरोध करने के अधिकार' की चोरी की जा रही है. उन्होंने कहा कि यह भाजपाई तानाशाही का प्रमाण है, लेकिन सरकार की दमनकारी नीतियों के आगे अब कोई नहीं झुकेगा. खरगे ने एक्स पर लिखा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद जंतर-मंतर को प्रदर्शनस्थल से हटा दिया गया. उन्होंने कहा कि गृहमंत्री की ओर से SIR में 13.3 करोड़ भारतीयों को 'घुसपैठिया' घोषित कर दिया गया. यह भारतीयता का अपमान है. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को बचानाी बंद कीजिए. देश का युवा, हमारी बेटियां अब मोदी-शाह की दमनकारी नीतियों से नहीं डरेंगे. भाजपा से एक-एक बात का हिसाब लिया जाएगा.