SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

E20 बना 420! पेट्रोल के नाम पर टंकी में क्या भर रही हैं कंपनियां? राहुल गांधी ने मोदी सरकार से मांगा जवाब

राहुल गांधी लगातार सरकार से तीखे सवाल पूछ रहे हैं. इसी कड़ी में उन्होंने अब E20 को लेकर सरकार से पूछा है कि पेटोल में कितना इथेनॉल मिलाया जा रहा है? क्योंकि कई जगहों से सैंपल लेकर टेस्ट कराने में अधिक मात्रा में इथेनॉल मिला है.

Written By Tahir Kamran
Published: Nov 07, 2026, 06:12 PM IST | Updated: Nov 07, 2026, 06:34 PM IST
Image Credit: राहुल गांधी की फाइल फोटो
Join

कर्नाटक सरकार की तरफ इकट्ठा किए गए E20 पेट्रोल के नमूनों के टेस्ट नतीजों का हवाला देते हुए, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा,'E20, 420 में बदल गया है.' उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि वह देश भर में बेचे जा रहे ईंधन में इथेनॉल की असल मात्रा के बारे में सच बताए.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर हिंदी में एक पोस्ट करते हुए गांधी ने कहा,E20 बना 420 - जनता की गाड़ी से पेट्रोल चोरी! मोदी सरकार कहती है- पेट्रोल में 20% इथेनॉल है. कर्नाटक सरकार ने 7 जिलों से पेट्रोल के सैंपल लेकर मान्यता प्राप्त लैब में जांच करवाई.'

नतीजा देखिए:-

राहुल गांधी ने जनता से मुखातिब होते हुए कहा,'मतलब आप पैसा महंगे पेट्रोल का दे रहे हैं, टंकी में इथेनॉल भरा जा रहा है. नुकसान किसका? आपका. आपकी गाड़ी इतना इथेनॉल पचाने के लिए बनी ही नहीं, मतलब, घटता माइलेज, बार-बार मैकेनिक, शौक से ली गई गाड़ी की बर्बादी और पंप पर लिखा तक नहीं कि टंकी में क्या डाला जा रहा है, चुनने का कोई विकल्प नहीं.'

राहुल ने कहा,'मोदी जी, बताइए, देश की टंकी में क्या भरा जा रहा है? पेट्रोल में असल में कितना इथेनॉल है? 20% से ज्यादा मिलावट करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई कब होगी? और डिबेट की चुनौती अब भी खड़ी है. ये मुद्दा भी जोड़ लेंगे, आपकी नीतियों से असल में फायदा किसे हो रहा है?'

कर्नाटक सरकार ने चेक कराए नमूने

राहुल गांधी का यह बयान कर्नाटक सरकार के उस आरोप के एक दिन बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि प्रमुख तेल कंपनियां (OMCs) पेट्रोल में तय 20 प्रतिशत की सीमा से ज्यादा इथेनॉल मिला रही हैं. जांच में इथेनॉल का स्तर 31.2 प्रतिशत तक पाया गया. सरकार ने इन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, कर्नाटक के खाद्य, नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले और कानूनी माप विज्ञान मंत्री रिजवान अरशद ने कहा कि ये आरोप बेंगलुरु, कोलार, चिक्काबल्लापुरा, बेंगलुरु ग्रामीण, रामनगर, मंगलुरु और तुमकुरु से लिए गए नमूनों की जांच पर आधारित हैं.

यह भी पढ़ें: '24 घंटे हो गए, डरिए मत...मोहन भागवत को जज बना लीजिए', राहुल ने फिर याद दिलाया PM मोदी को डिबेट वाला चैलेंज

बेंगलुरु में मौजूद 'श्रीराम रिसर्च इंस्टीट्यूट', जो 'नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेटरीज' (NABL) से मान्यता प्राप्त और ISO-प्रमाणित है के जांच नतीजों के मुताबिक, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के नमूनों में इथेनॉल की मात्रा क्रमशः 31.2 प्रतिशत और 30.5 प्रतिशत पाई गई.

कंपनियों ने सरकार के दावे को किया खारिज

हालांकि, सरकारी तेल कंपनियों - इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL) - ने कर्नाटक सरकार के दावों को खारिज कर दिया है. उन्होंने इन नतीजों तक पहुंचने के लिए अपनाई गई सैंपलिंग और टेस्टिंग प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए हैं. इन तीनों कंपनियों का कहना है कि कर्नाटक सहित उनके रिटेल नेटवर्क के जरिए सप्लाई किया जाने वाला E20 पेट्रोल, 'ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स' (BIS) के IS 17021 मानकों के अनुरूप है, जिसमें इथेनॉल की मात्रा 19 से 21 प्रतिशत के बीच होनी चाहिए.

कंपनियों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि कर्नाटक सरकार की तरफ से बताए गए नतीजे, तय कानूनी और तकनीकी प्रक्रियाओं के मुताबिक की गई जांच से मेल नहीं खाते. उन्होंने थर्ड-पार्टी लैब के सर्टिफिकेट के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए. कंपनियों का कहना है कि इन सर्टिफिकेट्स में टेस्टिंग के तरीकों की पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई है, जिससे इथेनॉल के स्तर की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES