‘वोट खत्म तो संविधान खत्म...’: राहुल गांधी का मोदी-शाह और ज्ञानेश कुमार पर सीधा वार, CEC को ‘देशद्रोही’ बता मांगा इस्तीफा
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और सरकार पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाए. उन्होंने एंटी-इनकम्बेंसी खत्म होने पर भी सवाल किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. आयोग ने फैसले सर्वसम्मति से होने की बात कही.
Rahul Gandhi Live: चुनाव आयोग को लेकर उठ रहे सवालों के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं. राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबसे पहले गृह मंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो दिखाए, जिसमें दोनों को अलग-अलग जगहों पर यह कहते हुए सुना जा सकता है कि भाजपा की सरकार आगे भी बनी रहेगी. राहुल गांधी ने वीडियो दिखाते हुए कहा कि मैं एक राजनीतिक परिवार से आता हूं और कोई भी पार्टी इस तरह के दावे नहीं करती, लेकिन ये लोग वर्षों तक जीत के दावे करते रहे.
अचानक एंटी-इनकम्बेंसी कैसे खत्म हो गई?
राहुल गांधी ने आगे कहा कि वो पांच दशक से ज्यादा समय से राजनीतिक परिवार का हिस्सा रहे हैं. राहुल गांधी ने कहा कि भारत में एंटी-इनकम्बेंसी एक बुनियादी ताकत है, जो बहुत जल्दी किसी भी सरकार के खिलाफ माहौल बनाना शुरू कर देती है और यह किसी को नहीं छोड़ती. उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश युद्ध जीता था और अपनी लोकप्रियता के शिखर पर थीं, लेकिन इसके बावजूद एक-दो साल के भीतर ही उनके खिलाफ भारी एंटी-इनकम्बेंसी और दबाव पैदा हो गया.
राहुल गांधी ने आगे कहा कि हरियाणा पिछले 50 सालों से एक पार्टी से दूसरी पार्टी के बीच बदलता रहा है. अचानक वहां एंटी-इनकम्बेंसी खत्म हो जाती है. महाराष्ट्र में भी पार्टियां बदलती रही हैं, लेकिन अचानक वहां भी एंटी-इनकम्बेंसी गायब हो जाती है. उत्तर प्रदेश में कभी समाजवादी पार्टी तो कभी BSP आती रही है, लेकिन वहां भी एंटी-इनकम्बेंसी खत्म हो जाती है. मध्य प्रदेश और गुजरात में भी ऐसा ही होता है. उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक बुनियादी सवाल रहा है. हम किसी व्यक्ति की लोकप्रियता और सरकार के प्रदर्शन को समझ सकते हैं, लेकिन यह नहीं समझ सकते कि एंटी-इनकम्बेंसी अचानक खत्म कैसे हो जाती है. राहुल गांधी ने कहा कि सद्दाम हुसैन के इराक में एंटी-इनकम्बेंसी नहीं होती थी और न ही उत्तर कोरिया में होती है. दुनिया में ऐसा कोई लोकतंत्र नहीं है, जहां एंटी-इनकम्बेंसी न हो.
वोट खत्म कर दिया गया तो संविधान भी खत्म हो जाएगा
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जिस वोट की रक्षा करने वाला है, उसी वोट से संविधान को ताकत मिलती है. संविधान से कानून बनते हैं और कानूनों से संस्थाएं निकलती हैं. यह एक पूरी सीरीज है. अगर वोट खत्म कर दिया गया तो संविधान भी खत्म हो गया. अगर संविधान खत्म हो गया तो हमारे कानून गैरकानूनी हैं और अगर कानून गैरकानूनी हैं तो संस्थाओं का कोई मतलब नहीं रह जाता. राहुल गांधी ने कहा कि यहां सबसे बड़ा सवाल सिर्फ वोट पर हमला होने का नहीं है, बल्कि यह हर भारतीय व्यक्ति के विचार, बुनियादी ढांचे और अभिव्यक्ति पर हमला है. उन्होंने कहा कि वे बार-बार कहते रहे हैं कि वोट को लेकर समस्या है.
राहुल गांधी ने 'वोट-चोरी' को लेकर अपनी मुहिम का जिक्र भी किया
राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर अपनी राजनीतिक मुहिम का जिक्र करते हुए कहा कि दिसंबर 2023 में पारित एक कानून ने चुनाव आयुक्तों को कानूनी कार्रवाई से सुरक्षा दे दी. उन्होंने कहा कि
- 7 फरवरी 2025 को कांग्रेस ने महाराष्ट्र को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और ‘वोट चोरी’ के सबूत पेश किए.
- फरवरी 2025 में उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति का विरोध करते हुए असहमति पत्र भी दिया.
- 7 अगस्त 2025 को राहुल गांधी ने महादेवपुरा में कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसके बाद 17 अगस्त को कांग्रेस ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ निकाली.
- सितंबर 2025 में कांग्रेस ने अलंद में ‘वोट चोरी’ को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. राहुल गांधी ने कहा कि इसी दौरान दो चुनाव आयुक्तों ने ज्ञानेश कुमार का विरोध करना शुरू किया.
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने ज्ञानेश कुमार को नियुक्त किया और उन्हें प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और अन्य लोगों का संरक्षण मिला, जिनकी तस्वीरें प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिखाई गईं. राहुल गांधी ने कहा,'हम ऐसी जगह पर बैठे हैं, जहां हम पहले कभी नहीं रहे. हमारे चुनाव बुनियादी रूप से टूट चुके हैं, कानूनों पर सवाल उठ रहे हैं और संस्थाओं पर कब्जे को लेकर भी सवाल है. आजाद भारत में यह पहली बार है, जब हम इस स्थिति में पहुंचे हैं.'
‘वोट पर हमला करने वाला देशद्रोही’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला किया है. उन्होंने कहा कि वोट पर हमला करने वाला व्यक्ति देशद्रोही है. राहुल गांधी ने कहा कि वह यह बात हल्के में नहीं कह रहे हैं और पिछले तीन साल से तथ्यों के साथ यह मुद्दा उठा रहे हैं. उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला किया है.
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की. उन्होंने दावा किया कि जो कुछ किया गया है, वह भारतीय राष्ट्र के खिलाफ है. राहुल गांधी ने कहा कि यह कोई छोटी-मोटी चुनावी धांधली नहीं, बल्कि भारत के संविधान पर हमला है.
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे वक्त हो रही है जब निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद तेज है. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में SIR और मतदाता सूची से जुड़े कई फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं, जबकि निर्वाचन आयोग ने कहा है कि उसके फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं.