निष्पक्ष रहें और विरोध में शामिल न हों... प्रदर्शन कवर करने वाले पत्रकारों को PCI का नया दिशा-निर्देश, इन नियमों को मानना होगा जरूरी
विरोध प्रदर्शन की कवरेज के करने जाने वाले पत्रकारों को अब PCI के नए नियमों का पालन करना होगा. प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने पत्रकारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ नए दिशा निर्देश जारी किए हैं.
देश के किसी भी हिस्सों में विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते रहे हैं. हाल में ही नई दिल्ली में सीजेपी और विपक्षी दलों के प्रदर्शन में भी ऐसा देखने को मिला. पिछले दिनों दिल्ली पुलिस की ओर से पत्रकारों के लिए कुछ गाइलाइन जारी की थी, जिसमें पत्रकारों से कुछ बातों पर विशेष ध्यान देने की अपील की गई थी. अब प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने पत्रकारों की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की है.
दरअसल, कई बार शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान स्थितियां बिगड़ जाती हैं और हिंसा या हंगामे के बीच मीडिया कर्मियों को खतरे का सामना करना पड़ता है. इन सभी चिंताओं को दूर करने के लिए पीसीआई ने पत्रकारों के लिए कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं. ये नियम विरोध प्रदर्शनों और रैलियों की कवरेज के लिए जाने वाले पत्रकारों के लिए हैं. नए नियमों में पेशेवर आचरण, व्यक्तिगत सुरक्षा और नैतिक रिपोर्टिंग पर सबसे अधिक जोर दिया गया है.
PCI ने जारी किया बयान
पीसीआई ने शुक्रवार (16 अक्टूबर) को एक बयान जारी किया, जिसमें इन नियमों की अहमियत पर प्रकाश डाला गया. संस्था ने कहा कि नियमों से पत्रकारों को अपनी ड्यूटी ठीक से करने में मदद मिलेगी. इसके अलावा मीडियाकर्मियों की सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा. नए दिशानिर्देशों का सबसे फायदा पत्रकारों, मीडिया संस्थानों और पुलिस प्रशासन के बीच आपसी तालमेल बेहतर करने में मिलेगा.
क्या हैं पीसीआई के नए नियम
पेशेवर आचरण और पहचान को देखते हुए पीसीआई की ओर से सख्त नियम बनाए गए हैं. अब सभी पत्रकारों के लिए अपना पहचान पत्र (ID CARD) साथ रखना अनिवार्य होगा.
- यह आईडी कार्ड उनके मीडिया संस्थान की ओर से जारी किए गए होने चाहिए.
- पीआईबी (PIB) या डीआईपी (DIP) की मान्यता वाला कार्ड भी पूरी तरह मान्य होगा.
- पत्रकारों को अपना कार्ड गले में लगा कर रखना होगा और पुलिस या सुरक्षाकर्मी के पूछने पर शांति से खुद को पत्रकार बताना होगा.
- कार्ड की डोरी ऐसी होनी चाहिए जो किसी चीज में उलझे नहीं. इससे दुर्घटना का खतरा कम रहता है.
- पत्रकारों से अपील की गई है कि वह निष्पक्ष रहें, प्रदर्शन में शामिल न हों और वैध पुलिस निर्देशों का पालन करें.
- पत्रकारों को किसी भी विरोध प्रदर्शन का हिस्सा नहीं बनना चाहिए.
- पत्रकारों से अपेक्षा की गई है कि वह पूरी तरीके से तटस्थ रहें और अपना पेशेवर रवैया हमेशा बनाए रखें.
- पुलिस का सहयोग करने की अपील.
नए दिशा निर्देशों में पत्रकारों से अपील की गई है कि वह किसी भी तनावपूर्ण परिस्थितियों में पुलिस का सहयोग करें. पत्रकारों को पुलिस के कानूनी निर्देशों का पालन करना चाहिए. सुरक्षा में तैनात किसी भी व्यक्ति से बेवजह बहस करने से बचें. इसके अलावा प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था के बीच उचित दूरी बनाते हुए कवरेज करें, जिससे आपको किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा.
व्यक्तिगत सुरक्षा पर दें ध्यान
नए दिशा-निर्देशों में कहा गया कि अगर तनाव बढ़ रहा है, तो वह अपनी सुरक्षा के लिहाज से दूरी बनाएं और अपने कैमरे, माइक या किसी भी अन्य उपकरण को लेकर सावधानी बरतें. इन चीजों को पुलिस के बैरिकेड्स पर नहीं लगाना चाहिए. पुलिस की गाड़ियों पर भी उपकरण लगाने से बचना चाहिए.
व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए पत्रकार एक छोटी इमरजेंसी किट साथ रखें, जिसमें प्राथमिक उपचार का सामान होना चाहिए. पीने का पानी और अधिक प्रोटीन वाले स्नैक्स अपने साथ रखें.
PCI ने जारी की गंभीर चेतावनी
पीसीआई ने एक अहम और गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा कि पत्रकार किसी भी स्थिति में आंसू गैसे के गोलों को न छुएं. फ्लैश-बैंड डिवाइस या स्मोक ग्रेनेड को भी हाथ न लगाएं. उन्हें हटाने या उठाने की कोशिश बिल्कुल न करे, ये चीजें बहुत गर्म हो सकती है और अचानक विस्फोट का खतरा बना रहता है. इसमें खतरनाक केमिकल होते हैं, जो नुकसानदायक होते हैं.
पीसीआई ने अपेक्षा जताई कि पत्रकारों को कोई भी खबर परोसने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करनी चाहिए, जिससे लोगों में गलत जानकारी न फैले. चारों तरफ से आने वाले बयानों की अच्छे से पड़ताल करनी चाहिए. वहीं, लाइव करवेज के दौरान विशेष सावधानी बरतें. पुलिस या सुरक्षाकर्मियों की लाइव पोजिशनिंग की लाइव कवरेज करने बचें. (इनपुट- एएनआई)
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