मोदी-ट्रंप की फोन पर हुई बातचीत, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की, इन मुद्दों पर हुई बात
प्रधानमंत्री ने कहा कि ट्रंप के साथ सार्थक बातचीत हुई और कई अहम क्षेत्रों में आपसी सहयोग की समीक्षा की. PM मोदी ने बताया कि ट्रेड, एनर्जी, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी पर चर्चा हुई है.
PM Modi-Trump Phone Call: PM नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा हुई है. पीएम मोदी और ट्रंप ने व्यापार, रक्षा और ऊर्जा पर चर्चा की. इसके साथ दोनों नेता रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमत हुए. ये जानकारी PM मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर साझा की है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि ट्रंप के साथ उनकी 'अच्छी और सार्थक बातचीत' हुई. दोनों नेताओं ने कई अहम क्षेत्रों में आपसी सहयोग की समीक्षा की है.
प्रधानमंत्री मोदी ने X पर एक पोस्ट में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के साथ सार्थक बातचीत हुई. हमने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, अहम टेक्नोलॉजी और अन्य क्षेत्रों में अपने आपसी सहयोग की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि दोनों नेता भारत और अमेरिका के बीच 'व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' को आगे बढ़ाने के लिए करीबी संपर्क बनाए रखने पर सहमत हुए हैं.
वैश्विक शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने का प्रयास
पीएम मोदी और ट्रंप ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया. इसमें वैश्विक शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए चल रहे प्रयास भी शामिल हैं. ये बातचीत ऐसे समय में हुई है जब भारत और अमेरिका व्यापार और रणनीतिक सहयोग पर लगातार काम कर रहे हैं.
ट्रेड से पहले बातचीत
इस बातचीत को इससे भी जोड़कर देखा जा रहा है जब कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ट्रेड पर बातचीत के लिए अमेरिका में हैं. ऐसे समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बातचीत हुई है. बता दें, फिलहाल G20 ट्रेड मिनिस्टर्स की मीटिंग के लिए कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल अमेरिका में हैं.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर पहले से बातचीत चल रही. लेकिन, अभी गोयल की जेमिसन ग्रीर से बातचीत होनी है. जेमिसन ग्रीर और गोयल की मुलाकात से ठीक पहले मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत काफी अहम है.
प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की पिछली फेस-टू-फेस मुलाकात 17 जून को फ्रांस के एवियन में G7 समिट के दौरान हुई थी. उस बैठक में दोनों नेताओं ने रक्षा, रणनीतिक टेक्नोलॉजी, ऊर्जा और द्विपक्षीय व्यापार में हुई प्रगति की समीक्षा की थी और साथ ही एक अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में हो रही कोशिशों पर भी चर्चा की थी.
रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों के खिलाफ अमेरिका के कदमों को लेकर मतभेदों के बीच व्यापार पर बातचीत भी चल रही है. भारत ने चेतावनी दी है कि रूसी तेल की खरीद से जुड़े अमेरिकी टैरिफ का असर दोनों देशों के आपसी संबंधों पर पड़ सकता है और साथ ही ये भी कहा है कि अपनी एनर्जी सिक्योरिटी को बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है.