'राहुल गांधी ही वो रेड फ्लैग...' पीयूष गोयल का बड़ा हमला- बता दिया क्यों लगातार चुनाव हार रही कांग्रेस!
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोलते हुए उन्हें कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा 'रेड फ्लैग' करार दिया है। जानिए पीयूष गोयल ने क्यों कहा कि राहुल के नेतृत्व और रवैये के कारण कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है.'
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल गांधी के आक्रामक रुख को लेकर अब बीजेपी ने भी पलटवार किया है. बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस के इतिहास को याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल तो उठाती है, लेकिन अपने किए गए कामों को अपने रिकॉर्ड को पूरी तरह इग्नोर कर जाती है. राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोलते हुए पीयूष गोयल ने राहुल गांधी को 'रेड फ्लैग' (अपशगुन) तक बता डाला.
आपको बता दें कि राहुल गांधी ने अपने इंडिया ब्लॉक के सांसदों के साथ एक हाई-टी मीटिंग की थी इस मीटिंग से पहले बीजेपी नेता पीयूष गोयल ने राहुल गांधी पर सीईसी ज्ञानेश कुमार के मामले में पलटवार किया. उन्होंने कहा, 'कांग्रेस की सरकार रहते हुए एक चीफ इलेक्शन कमिश्नर को गवर्नर बनाया, तो वहीं दूसरे को कैबिनेट मिनिस्टर बनाया, एक को पार्टी का टिकट दिया. ये पक्षपात जो कांग्रेस और राहुल गांधी करते हैं, वो भूल क्यों जाते है.'
राहुल गांधी कांग्रेस के सबसे बड़े 'रेड फ्लैग'
लोकसभा LoP राहुल गांधी से 10 सवाल पूछते हुए, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, 'मैं राहुल गांधी को इन 10 सवालों के जवाब देने का चैलेंज देता हूं...कई लोग राहुल गांधी को सबसे बड़ा रेड फ्लैग मानते हैं जिनकी वजह से कांग्रेस बार-बार हार रही है. राहुल गांधी कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा रेड फ्लैग हैं...' उन्होंने यह भी कहा, 'राहुल गांधी और उनके साथियों ने एक महिला पत्रकार के साथ बदतमीजी की जो 3 महीने की प्रेग्नेंट है...वह सिर्फ उनके प्रोटेस्ट को कवर कर रही थी. मुझे नहीं लगता कि देश के 140 करोड़ लोग या कोई भी पत्रकार इसे कभी माफ करेगा...'
एमएस गिल का उदाहरण देकर खोल दी कांग्रेस की पोल
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए आगे कहा, 'चीफ इलेक्शन कमिश्नर टीएन शेषन की ईमानदारी का कांग्रेस बड़ा गुणगान करती थी. लेकिन 1999 में उन्हें, आडवाणी जी के सामने कांग्रेस के टिकट पर खड़ा होने का मौका दिया गया. क्या यह उन्हें रिवार्ड देने का काम नहीं था?' इसके बाद उन्होंने 'एम एस गिल का उदाहरण दिया, जो सन 1996 से 2001 तक चीफ इलेक्शन कमिश्नर रहे. साल 2000 में तत्कालीन चीफ इलेक्शन कमिश्नर रहते हुए एसएस गिल को पद्म विभूषण से दिया. रिटायरमेंट के 3 साल बाद पार्टी ज्वाइन करवा कर 2004 में राज्यसभा भेजा, 2008 में उन्हें केंद्रीय कैबिनेट में मिनिस्टर बनाया जाता है. इससे ज्यादा आपको क्या सबूत चाहिए कि कांग्रेस ने चुनाव आयोग के ऑफिस को कितने निचले स्तर पर गिरा दिया और अधिकारियों का कैसे दुरुपयोग किया.'
टीकाराम मीणा का दिया उदाहरण
पीयूष गोयल ने कहा कि टीकाराम मीणा केरल के चीफ इलेक्शन ऑफिसर थे. एक साल बाद उन्हें कांग्रेस की राजस्थान मेनिफेस्टो टीम में शामिल कर लिया गया. इसी तरह, मई 2026 में रतन यू केलकर केरल के चीफ इलेक्शन ऑफिसर थे. चुनाव के तुरंत बाद मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने उन्हें अपना चीफ सेक्रेटरी नियुक्त करने का ऐलान कर दिया. पीयूष गोयल ने सवाल उठाया कि क्या यह राजनीतिक फायदा उठाने का तरीका नहीं है? क्या चुनाव में मदद करने के बदले पद देने का वादा किया जा रहा है? इसके पहले राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ मिलकर सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं.
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