SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

यूरोप को नसीहतः कार्बन उत्सर्जन पर भारत को घेर रहे थे पश्चिमी देश, पीयूष गोयल ने खोल दिया 'पापों का बही-खाता'

बर्लिन ग्लोबल डायलॉग के गोलमेज सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कार्बन उत्सर्जन पर पश्चिमी देशों को जमकर सुनाया. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये अपनी गलतियों का ठीकरा भारत पर फोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.

Written By K. Raj Mishra
Published: Oct 23, 2026, 08:21 AM IST | Updated: Oct 23, 2026, 09:11 AM IST
Image Credit: प्रतीकात्मक AI तस्वीर
Join

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल इस वक्त जर्मनी में हैं. गोयल ने वहां बर्लिन ग्लोबल डायलॉग (Berlin Global Dialogue) में हिस्सा लेते हुए कार्बन उत्सर्जन पर पश्चिमी देशों को करारा जवाब दिया. गोयल ने कहा यूरोपीय देश अपने 'पापों का घड़ा' भारत पर फोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. बर्लिन ग्लोबल डायलॉग के गोलमेज सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि दुनिया आज जिस क्लाइमेट चेंज के संकट का सामना कर रही है, उसके लिए भारत जैसे विकासशील देशों को जिम्मेदार ठहरना सही नहीं है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में दुनिया की 17 फीसदी आबादी रहती है. इसके बाद भी कार्बन उत्सर्जन में उसकी हिस्सेदारी 3 फीसदी से भी कम है. वहीं, यूरोप में दुनिया की 3 से 4 फीसदी आबादी है, लेकिन कार्बन उत्सर्जन में उसके योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.

भारत का ग्रीन एनर्जी पर फोकस

केंद्रीय मंत्री ने गोलमेज सम्मेलन में कहा कि भारत को 140 करोड़ से ज्यादा लोगों के खाने-पीने, उनकी ऊर्जा जरूरतों और अन्य बुनियादी सुविधाओं को पूरा करने का ध्यान रखना होता है. इसके बावजूद ग्रीन एनर्जी की दिशा में भारत काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के दोबारा इस्तेमाल और सर्कुलर इकोनॉमी को भी प्राथमिकता देता रहा है. 

उन्होंने कहा कि अगर विकसित देश भी अपनी जिम्मेदारियों को समझें और उसे निभाएं, तभी हम इस लक्ष्य को हासिल कर सकेंगे. पीयूष गोयल ने कहा कि विकसित देशों की ओर से बड़ी मात्रा में जीवाश्म ईंधन का इस्तेमाल हुआ और वातावरण में कार्बन उत्सर्जन बढ़ा.

 

 

पीयूष गोयल ने पश्चिमी देशों को लताड़ा

केंद्रीय मंत्री ने पश्चिमी देशों से पूछा कि आखिर इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार कौन है? ओजोन परत कहां क्षतिग्रस्त हुई? वायुमंडल में इतना सारा कार्बन किसने भेजा? केंद्रीय मंत्री गोयल ने बड़े कड़े शब्दों में कहा कि धरती पर गंदगी आपने फैलाई और जब जिम्मेदारी उठाने की बारी आई, तो भाग रहे हैं. उन्होंने विकसित देशों को पेरिस समझौता की याद दिलाते हुए कहा कि जलवायु को स्वच्छ करने के लिए यूरोपीय देशों ने जो पैसे देने का वादा किया था, उसे भी वह पूरा नहीं कर रहे हैं. 

'पेरिस जलवायु समझौता भी भुला दिया'

गोयल ने कहा कि साल 2015 में पेरिस जलवायु समझौते के तहत अमीर देशों की ओर से विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वित्तीय मदद देने का वादा किया गया था. उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत विकसित देशों को हर साल 100 अरब डॉलर की मदद देनी थी, लेकिन अभी तक एक चवन्नी नहीं दी गई. 

पेरिस जलवायु समझौता क्या है?

दरअसल, 12 दिसंबर 2015 को फ्रांस की राजधानी पेरिस में दुनियाभर के तमाम विकसित और विकासशील देशों ने मिलकर ग्लोबल वॉर्मिंग पर चिंता जताई थी. इस समझौते के तहत वर्ष 2070 तक दुनिया को नेट जीरो (कार्बन उत्सर्जन मुक्त) बनाने का लक्ष्य रखा गया था. इस समझौते के तहत अमीर देशों ने जलवायु प्रभावों से निपटने के लिए 100 अरब डॉलर प्रति वर्ष भुगतान करने का वादा किया था. समझौते के तहत, सभी देशों को हर 5 साल में अपने कार्यों की समीक्षा करनी होगी और पूरी दुनिया को उसका अपडेट देना होगा. इसके अलावा अगले 5 वर्षों के लक्ष्यों को भी निर्धारित करना होगा.

ये भी पढ़ें- D-कंपनी पर UN को खरी-खरीः भारत ने खोली पाक की पोल, कहा- जहां लादेन मिला, दाऊद भी वहीं छिपा

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES