'ड्रग माफिया का हो एनकाउंटर', परमिंदर की मां ने रोते हुए पुलिस से लगाई गुहार, कहा- आरोपी को मार देनी चाहिए गोली
पंजाब के मानसा जिले में हत्या का शिकार हुए एंटी ड्रग-एक्टिविस्ट परमिंदर झोटा की मां ने आरोपी अश्विनी के एनकाउंटर की मांग की है. मृतका ने कहा कि ड्रग माफिया को बख्शा नहीं जाना चाहिए. उसे भी गोली मारी जानी चाहिए.
पंजाब के मानसा जिले में एंटी ड्रग-एक्टिविस्ट परमिंदर झोटा की हत्या से सनसनी मची हुई है. वारदात के बाद से मेडिकल स्टोर मालिक अश्विनी फरार है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी मेडिकल स्टोर मालिक ने छोटा से हुई जुबानी बहस के बाद उस पर गोलियां बरसाई, जिससे उसकी मौत हो गई. आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने कई टीमों गठित की हैं. वहीं, मृतक की मां ने अपने बेटे की हत्या के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि सीएम ने ही उनके बेटे को मरवाया है.
मेडिकल स्टोर मालिक ने लाइसेंसी पिस्तौल से चलाई गोलियां
मानसा के DIG हरजीत सिंह ने मीडिया को बताया, 'हमें आज इस बारे में जानकारी मिली. शुरुआती जांच से पता चला है कि यह घटना दुकान के मालिक अश्वनी ने की. अश्वनी के पास लाइसेंसी पिस्तौल थी, जिससे उसने परमिंदर झोटा को गोली मारी. परमिंदर मानसा के एक नशा-विरोधी कार्यकर्ता थे जो नशे की समस्या के खिलाफ़ अहम काम कर रहे थे.'
हत्या की वजह बताते हुए डीआईजी ने कहा, 'शुरुआती जांच से संकेत मिलता है कि यह हमला निजी दुश्मनी की वजह से किया गया था. हमने संदिग्ध को पकड़ने के लिए कई टीमें बनाई हैं. उसके एक साथी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है. पूछताछ के लिए उसके परिवार के सदस्यों को हिरासत में लिया गया है.'
ड्रग माफिया को फांसी होनी चाहिए- मृतक की मां
उधर परमिंदर सिंह झोटा की मां ने रोते हुए आरोपी अश्विनी के एनकाउंटर की मांग की. मां ने कहा, 'जब उसकी मौत हुई तो पुलिस ने हमें बताया तक नहीं. वह कहता था कि मेरे बहुत से दुश्मन हैं और वे मुझे मरवा देंगे. ड्रग माफिया को फांसी होनी चाहिए, उन्हें गोली मार देनी चाहिए.'
सीएम भगवंत मान पर बरसते हुए झोटा की मां ने कहा, '...और भगवंत मान जो कहते हैं कि ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई सब कुछ खत्म कर देगी. उन्होंने ही मेरे बेटे को मरवाया. उनकी अपील के बाद मेरा बेटा ड्रग्स के खिलाफ अभियान में जुड़ गया. मैं अपने बेटे से बाहर न जाने के लिए कहती थी. लेकिन वह नहीं माना और आज दुनिया से चला गया. इसके लिए भगवंत मान जिम्मेदार हैं.'
नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान चला रहे थे परमिंदर झोटा
बताते चलें कि परमिंदर झोटा मानसा और आसपास के जिलों में नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान चला रहे थे. उन्हें शक था कि नशीली गोलियां अवैध तरीके से मेडिकल स्टोरों से बेची जा रही हैं. इसे चेक करने के लिए वे अपने साथियों के साथ मेडिकल स्टोरों पर जाते और वहां पर दवाओं को लेकर सवाल-जवाब करते थे. वे अपने इस एक्शन की मोबाइल रिकॉर्डिंग भी करवाते थे, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर स्ट्रीम कर दिया जाता.
वे मंगलवार को अश्विनी की मेडिकल शॉप पर भी अपने चार साथियों के साथ पहुंचे थे और वहां पर दवाएं दिखाने के लिए बहस कर रहे थे. दुकानदार अश्विनी ने उनकी मांग मानने से इनकार कर दिया. इस पर दोनों पक्षों में गरमागरमी बढ़ गई. जिसके बाद गुस्साए अश्विनी ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से उन पर फायर खोल दिया. इस घटना में मानसा गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनके चारों साथियों को भी छर्रे लगे.
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने पांचों घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां पर झोटा की मौत हो गई, जबकि बाकी चारों साथियों का इलाज चल रहा है. इस वारदात के बाद से आरोपी अश्विनी फरार है. जिसे पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं.