गेमिंग की लत, लाई बच्ची पर आफतः गेट रोकने वाले पत्थर से किया हमला, परिवार को बहकाया; तीसरी क्लास का बच्चा कैसे बना इतना गुस्सैल?
हमलावर बच्चे की क्रूरता का शिकार हुई मासूम का अभी तक चंडीगढ़ पीजीआई में इलाज चल रहा है, जहां करीब 40 घंटे बाद उसे होश आ गया है. हमलावर बच्चे की हैवानियत को देखकर पुलिस वाले भी हैरान हैं. पुलिस जांच में पता चला कि महज 8 साल के हमलावर ने प्लानिंग के साथ बच्ची को अपना शिकार बनाया था.
पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित संस्कृति स्कूल में KG में पढ़ने वाली बच्ची के साथ जो हुआ, उससे हर माता-पिता का दिल दहल गया है. इसी स्कूल में पढ़ने वाले 8 साल के एक छात्र ने बच्ची को इतनी बुरी तरह से पीटा कि मौत के मुहाने तक पहुंच गई थी. हमलावर बच्चे की क्रूरता का शिकार हुई मासूम का अभी तक चंडीगढ़ पीजीआई में इलाज चल रहा है, जहां करीब 40 घंटे बाद उसे होश आ गया है. उधर, पंचकूला पुलिस ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है. हमलावर बच्चे की हैवानियत को देखकर पुलिस वाले भी हैरान हैं. पुलिस जांच में पता चला कि महज 8 साल के हमलावर ने प्लानिंग के साथ बच्ची को अपना शिकार बनाया था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हमलावर बच्चा ने अटैक के दौरान हर छोटी-बड़ी चीज को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया था.
वीडियो गेम खेलकर हिंसक हुआ बच्चा
पुलिस जांच से पता चला कि हमलावर बच्चा वीडियो गेम खेलने का लती है. मोबाइल फोन पर हिंसक गेम खेलने के कारण ही उसमें इतनी हैवानियत से बच्ची को पीटा था. पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना वाले दिन हमलावर बच्चे ने पूरी प्लानिंग करके बच्ची पर अटैक किया था. वह बच्ची को बहला-फुसलाकर पहली मंजिल पर स्थित उस कमरे में लेकर गया था, जिसका इस्तेमाल 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्र करते हैं.
सीनियर छात्रों की शिफ्ट खत्म होने के कारण वह कमरा एकदम खाली था. कमरे में पहुंचते ही हमलावर ने बच्ची का सिर डेस्क पर जोर से पटक दिया. इससे बच्ची गिर गई. फिर 19 बार पैर से मासूम के चेहरे पर वार किया. किसी तरह से बच्ची संभलकर खड़ी हुई तो हमलावर ने क्लासरूम का दरवाजा खुला रखने के लिए रखी गई ईंट से उसके सिर पर वार किया. आरोपी ने ईंट से 12 बार बच्ची के सिर पर हमला किया था.
स्कूल प्रशासन की भारी लापरवाही
पुलिस की जांच में स्कूल प्रशासन की भारी लापरवाही सामने आई है. जांच के दौरान पुलिस टीम को स्कूल परिसर में जगह-जगह ईंट पड़ी हुई मिलीं. पुलिस के अनुसार, एक और बड़ी चूक स्कूल के सुरक्षा गार्ड से जुड़ी है. आरोप है कि गार्ड ने क्लासरूम की जांच किए बिना ही कमरे का दरवाजा लॉक कर दिया था, जबकि घायल बच्ची अंदर ही फर्श पर पड़ी हुई थी. बच्ची के परिजनों को हमलावर लड़के ने ही उस ठिकाने के बारे में बताया था. अगर वह ऐसा न करता और CCTV फुटेज की जांच न की गई होती, तो शायद वह बच्ची उसी कमरे में बंद रहती. स्कूल प्रशासन की यह लापरवाही उसकी सेहत के लिए और भी ज्यादा नुकसानदेह साबित हो सकती थी.
लड़के ने पीड़ित परिवार को किया गुमराह
हमलावर बच्चे ने बच्ची के पिता को शुरुआत में बताया था कि दूसरे छात्रों ने लड़की के साथ मारपीट की है. हालांकि, CCTV फुटेज देखने और उससे दोबारा पूछताछ करने पर उसने लड़की को पीटने की बात कबूल कर ली. उसने दावा किया कि लड़की उसे परेशान करती थी. पुलिस ने शनिवार को हमलावर लड़के को पंचकूला के जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) के सामने पेश किया गया, जिसके बाद उसे अंबाला के ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया गया है.
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