'जंतर-मंतर' बैन और रामलीला मैदान में बुकिंग के लिए इस साल बस 3 डेट्स खाली, अब दिल्ली में विरोध कैसे करेंगे प्रदर्शनकारी
Delhi Ramlila Ground Booking Fee: केंद्र सरकार ने 'जंतर-मंतर' को प्रोटेस्ट साइट की लिस्ट से बाहर कर दिया है. वहीं नई प्रोटेस्ट साइट घोषित किए गए रामलीला मैदान में बुकिंग के लिए इस साल बस 3 डेट्स खाली हैं. ऐसे में दिल्ली में प्रदर्शन करना इस साल ज्यादा मुश्किल हो सकता है.
Delhi Ramlila Ground Booking Process: सरकार ने जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए मान्य स्थलों की सूची से बाहर करते हुए दिल्ली में तीन स्थलों को प्रोटेस्ट साइट घोषित किया है. इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी ग्राउंड है. जंतर-मंतर से नजदीकी के लिहाज से देखें तो रामलीला मैदान उनके लिए ज्यादा बेहतर हो सकता है. लेकिन विपक्षी दल चाहकर भी इस साल इस ग्राउंड पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे. इसकी वजह ये है कि यह मैदान केवल तीन दिनों को छोड़कर इस पूरे साल के लिए पहले से ही बुक है. ऐसे में प्रदर्शनकारी यहां पर कोई बड़ी रैली नहीं कर सकते.
कार्यक्रमों के लिए सालभर बुक रहता है रामलीला ग्राउंड
टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली का रामलीला मैदान 12 एकड़ क्षेत्रफल में फैला हुआ है. इस ग्राउंड में करीब 50 हजार लोग इकट्ठे हो सकते हैं. यह मैदान जंतर-मंतर से महज 3 किमी दूर है. ऐसे में जंतर-मंतर के प्रोटेस्ट साइट की सूची से हटने के बाद रामलीला मैदान को ही प्रदर्शनकारी अपने विरोध के लिए चुनेंगे. लेकिन ऐसा करना आसान नहीं है. असल में केंद्रीय स्थल होने की वजह से यहां पर साल भर मेले, रामलीला, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम चलते रहते हैं. इन कार्यक्रमों के लिए पहले से मैदान की एडवांस बुकिंग रहती है.
बुकिंग के लिए देनी पड़ती है भारी भरकम फीस
इस ग्राउंड की बुकिंग करवाने के लिए दिल्ली पुलिस से एनओसी लेने के बाद दिल्ली नगर निगम में अप्लाई करना पड़ता है. इसके साथ बुकिंग राशि और रिफंडेबल धनराशि भी जमा करवानी पड़ती है. ये सारी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही इस स्थल की बुकिंग हो पाती है. इस रामलीला मैदान में प्रतिदिन की बुकिंग फीस 50 हजार रुपये है. साथ ही 55 हजार रुपये की रिफंडेबल सिक्योरिटी मनी भी जमा करानी पड़ती है.
इस साल बुकिंग के लिए महज 3 तिथियां खाली
इस विशाल मैदान का एक छोटा सा कॉर्नर विरोध प्रदर्शनों के लिए निशुल्क है, जहां पर 150 लोग इकट्ठे हो सकते हैं. लेकिन अगर आपका विरोध बड़े पैमाने पर हो तो आपको पूरे ग्राउंड की बुकिंग करानी ही पड़ेगी. अब समस्या ये है कि यह रामलीला मैदान 3 दिनों को छोड़कर 31 दिसंबर तक बुक है. ये तीन तिथियां भी अगले कुछ दिनों में बुक हो सकती हैं. ऐसे में अगर कोई दिल्ली संगठन दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करना चाहे तो उसे बुराड़ी मैदान या पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड ही जाना होगा. जोकि जंतर-मंतर से काफी दूर हैं.
सौरभ भारद्वाज ने की कड़ी आलोचना
सरकार के इस फैसले की आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने आलोचना की है. सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करके भारद्वाज ने लिखा, 'रामलीला मैदान दो बड़ी रामलीलाओं से घिरा हुआ है. वहां पर विरोध प्रदर्शन कैसे हो सकते हैं. सरकार ने ऐसा करके अपने नागरिकों के साथ धोखा किया है. क्या वे अराजकता पैदा करना चाहते हैं.'
ग्राउंड की बुकिंग फीस चुकाना भी होगा चुनौती
वहीं कई प्रदर्शनकारियों ने कहा कि रामलीला ग्राउंड में बड़े विरोध प्रदर्शन के लिए उसे सवा लाख रुपये देकर बुक कराना होगा. यह एक दिन का खर्चा है और अगर ज्यादा दिन आंदोलन चला तो यह खर्चा और बढ़ जाएगा. जबकि जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करना फ्री था. वहां से संसद भवन भी नजदीक था. जिसके चलते जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट होने से उसकी धमक संसद तक भी पहुंचती थी. लेकिन अब संसद से दूर वाले स्थलों पर प्रदर्शन होने से सरकार तक अपनी बात पहुंचाना मुश्किल हो जाएगा.