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  • /कार से फ्लैट तक कैश ही कैश: घूसखोर इंजीनियर के पास मिला नकदी का भंडार, बेहिसाब पैसा गिनते-गिनते थक गई मशीनें; जांच में जुटे अधिकारी

कार से फ्लैट तक कैश ही कैश: घूसखोर इंजीनियर के पास मिला नकदी का भंडार, बेहिसाब पैसा गिनते-गिनते थक गई मशीनें; जांच में जुटे अधिकारी

ओडिशा में एक सीनियर इंजीनियर के पास से नकदी का भंडार मिला है. विजिलेंस विभाग की कार्रवाई में इंजीनियर के पास से 21.88 लाख रुपये की नकदी मिली, जिसको गिनने के लिए नोट गिनने वाली मशीन बुलानी पड़ी. आय के स्रोत का वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके. मामले में आगे की जांच की जा रही है.

Written Byabhinav tripathi
Published: Oct 17, 2026, 02:00 PM IST|Updated: Oct 17, 2026, 03:57 PM IST
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कार से फ्लैट तक कैश ही कैश: घूसखोर इंजीनियर के पास मिला नकदी का भंडार, बेहिसाब पैसा गिनते-गिनते थक गई मशीनें; जांच में जुटे अधिकारी
Image Credit: ओडिशा में विजिलेंस विभाग की टीम ने इंजीनियर के पास से लाखों का कैश बरामद किया.

About the Author

abhinav tripathi

abhinav tripathi

अभिनव त्रिपाठी जी न्यूज हिंदी में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं।  पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं। डेस्क पर रियल टाइम की देश-विदेश की खबरों को कवर करते हैं। राष्ट्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखना पसंद है। वैश्विक घटनाक्रम के किसी भी जटिल मुद्दे को आसान भाषा में समझाना अच्छी तरीके से आता है। इससे पहले जागरण डॉट कॉम के साथ सब एडिटर के तौर पर काम कर चुके हैं।  करियर की शुरुआत एक सैटेलाइट चैनल से की थी। पत्रकारिता की पढ़ाई काशी विद्यापीठ वाराणसी से की है। 
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ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक कार्रवाई चल रही है. शनिवार को विजिलेंस विभाग ने एक बड़ा एक्शन लेते हुए सीनियर इंजीनियर को संदिग्ध नकदी के साथ पकड़ा है. बताया जाता है कि  महानदी नॉर्दर्न डिवीजन, जगतपुर (कटक) के सीनियर इंजीनियर प्रसंजित दास को ठेकेदारों से कथित रिश्वत वसूली की सूचना के आधार पर भुवनेश्वर में रोका गया था. इसी समय इंजीनियर की तलाशी ली गई और उनके पास से लाखों रुपये की नकदी बरामद हुई.

इसके बाद संदेह के आधार पर अधिकारियों ने इंजीनियर के आवास पर छापेमारी की, जहां से नकदी बरामद की गई. अधिकारियों को इस एक्शन के दौरान 21.88 लाख रुपये की नकदी मिली. अब इस मामले की जांच की जा रही है. बताया जाता है कि यह एक्शन तब लिया गया, जब अधिकारियों को एक जानकारी मिली थी कि इंजीनियर प्रसंजित दास द्वारा ठेकेदारों से कथित रूप से रिश्वत की रकम एकत्रित कर रहे हैं.

छापेमारी में मिला नकदी का भंडार

ओडिशा विजिलेंस के डायरेक्टर वाई.के. जेठवा ने बताया कि महानदी नॉर्दर्न डिवीजन, जगतपुर के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर प्रसंजित दास विभिन्न ठेकेदारों से कथित रूप से रिश्वत की रकम एकत्रित करने की जानकारी मिली थी. इसी गुप्त सूचना के आधार पर विजिलेंस की टीम ने देर रात भुवनेश्वर एजी चौक के पास एक्शन लिया. ठीक उसी समय प्रसंजित दास अपने आधिकारिक रूप से किराए पर ली गई कार से सफर कर रहे थे. इसी दौरान विजिलेंस टीम ने उन्हें रोका और जांच की, जहां से  7,28,620 रुपये की संदिग्ध नकदी बरामद की गई.

Odisha | Based on a tip-off regarding the collection of bribes from various contractors, Prasanjit Das, Superintending Engineer, Mahanadi Northern Division, Jagatpur, Kataka was intercepted by Odisha Vigilance late last night near AG Chowk, Bhubaneswar, while he was travelling in his officially hired vehicle, and unaccounted suspected ill-gotten cash of Rs 7,28,620 was found in his possession. Following his interception, simultaneous searches were conducted early morning today at his rented house and paternal house. During search of his rented flat, further cash of Rs 14,60,000 was recovered. As the accused could not satisfactorily account for such huge cash amounting to Rs 21,88,620, the same has been seized. He has been detained for further investigation and is being interrogated further to ascertain the source of the cash. In this connection, Bhubaneswar Vigilance PS Case has been registered and under investigation. (Source: Y.K. Jethwa, Director, Odisha Vigilance)

— ANI (@ANI) October 17, 2026

नोट गिनने के लिए लाई गई मशीन

शुरुआती नकदी की बरामदगी के बाद विजिलेंस विभाग ने शनिवार तड़के इंजीनियर प्रसंजित दास के किराए के मकान और पैतृक गर पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान विभाग के अधिकारियों को इंजीनियर के किराए के फ्लैट से 14,60,000 रुपये अतिरिक्त कैश मिला. इस बरामदगी के बाद कुल राशि 21,88,620 रुपये तक पहुंच गई. जांच एजेंसियों के अनुसार, प्रसंजित दास इतनी बड़ी राशि को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिसके बाद इन पैसों को जब्त कर लिया गया. नकदी की कुल राशि जानने के लिए अधिकारी नोट गिनने वाली मशीन लेकर आए.

इन मामलों में केस दर्ज

इस पूरे मामले में ओडिशा विजिलेंस ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है. भुवनेश्वर विजिलेंस पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी गई है. जांच में लगे अधिकारियों का कहना है कि इंजीनियर प्रसंजित दास को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. वहीं, उनके पास से मिली नकदी और संभावित स्रोतों के बारे में भी जानकारी एकत्र की जा रही है.

ठेकेदारों से वसूली की संभावना

मामले की जांच में जुटी एजेंसियों का मानना है कि बरामद की गई नकदी का संबंध ठेकेदारों से कथित तौर पर एकत्र की गई रकम से हो सकता है. हालांकि, इसको लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है. विजिलेंस विभाग अब बरामद राशि, बैंक खातों, संपत्तियों और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच में लगा है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि नकदी का वास्तविक स्रोत क्या है. 

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