250 ट्रकों का काम एक ट्रेन ने किया, तो नाराज़ हुए ‘फूफा’! वडोदरा से पीएम मोदी ने ऐसे ली विपक्ष की चुटकी
पीएम मोदी ने दिल्ली के बाद वडोदरा में हुए मेगा शो में Gen-Z से सीधा संवाद किया. 6 हजार से ज्यादा यंग प्रोफेशनल्स की मौजूदगी से गुलजार मंच से एक बार फिर प्रधानमंत्री ने 'सियासी फूफाओं' का जिक्र करके लोगों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया.
गुजरात के वडोदरा में 'नमो फॉर विकसित भारत' कार्यक्रम को संबोधित करतेहुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'हाल ही में मुंबई से वडोदरा के लिए एक डबल-स्टैक कंटेनर मालगाड़ी चलाई गई. यानी ट्रेन एक कंटेनर के ऊपर दूसरा कंटेनर रखकर चलाई गई. इस एक ट्रिप में मुंबई से वडोदरा तक जितना सामान पहुंचाया गया, वो 250 से ज्यादा ट्रकों के बराबर था. अब यहां 'नाराज फूफा' वाला किरदार सामने आता है, जो तुरंत शिकायत करना शुरू कर देगा. 'ट्रक ड्राइवरों का क्या होगा? ट्रक कहां जाएंगे? जिन्होंने ट्रक खरीदे हैं, उनका क्या होगा?' खैर, 'फूफा' को अब शिकायत करने के लिए कुछ मिल ही गया है.'
'अब इन फूफा जी को काम मिल गया'
वडोदरा में जेन ज़ी से संवाद करते हुए विकसित भारत बनाने का रोडमैप दिया है. अपने विजन के जरिए पीएम मोदी ने 2047 के रोडमैप को समझाकर देश के युवाओं को नई राह दिखाते हुए, उनसे देशहित में अपना भरपूर योगदान देने की अपील की है.
पीएम मोदी का GEN Z से संवाद
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि वडोदरा 'गतिशक्ति यूनिवर्सिटी' का शहर है. आज यहां से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की आखिरी कड़ियाँ भी जुड़ गई है. मैंने देश के सामने विकसित भारत की जिन सप्त धाराओं का विजन रखा है, उसमें एक धारा मैन्युफैक्चरिंग की भी है और वडोदरा शहर इसकी ताकत अच्छे से जानता भी है, समझता भी है. एजुकेशन, स्किल और इंडस्ट्री का कोलैब कैसे होता है, वडोदरा 150 सालों से इसका प्रतिबिंब है. अब तो ये शहर देश के पहले मेड-इन-इंडिया मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के लिए भी जाना जा रहा है. C-295 की पहली फ्लाइट यहां का आसमान देख चुका है. मैं वडोदरा के लोगों को ये गौरव पाने के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं.'
72 घंटे में दूसरी बार 'सियासी फूफाओं' का जिक्र
इससे पहले दिल्ली के एसआरसीसी कॉलेज के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने सियासी फूफा का हवाला देते हुए पुरानी सोच और पुरानी लीक पर चलने वाले नेताओं पर तंज कसा था.
आपको बताते चलें कि पीएम मोदी दिल्ली के जंतर-मंतर के छात्र आंदोलन के बाद से समय-समय पर लगातार जेन ज़ी से संवाद कर रहे हैं.