मेरठ के बाद मैसूर में भी सजा-ए-मौत...9 साल की बच्ची से रेप-मर्डर केस में दरिंदे को फांसी की सजा
यह फैसला मैसूर की शेष फास्ट-ट्रैक अदालत ने दिया है. दोषी सिद्धलिंगपुरा का रहने वाला है. उसने साल 2025 के दशहरा उत्सव के दौरान 9 साल की मासूम बच्ची की रेप के बाद हत्या की थी.
मैसूर की एक फास्ट-ट्रैक अदालत ने 32 साल के दोषी को फांसी की सजा सुनाई है. 9 साल की मासूम बच्ची के साथ रेप और हत्या के जघन्य अपराध वाले मामले में यह फैसला आया है. फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट-1 के जज अनिल पी. वाघड़े ने मामले की गंभीरता और पक्के सबूतों को देखते हुए यह डिसीजन दिया है. कोर्ट ने साफ किया कि जुर्म इतना संगीन है कि इसमें किसी भी तरह की नरमी की कोई गुंजाइश नहीं बचती.
यह मामला पिछले साल अक्टूबर का है, जब 32 साल के दरिंदे कार्तिक ने दशहरा मेले से बच्ची को अगवा करके इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था. डीएनए और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर जुर्म साबित हुआ, जिसके बाद अदालत ने दोषी को सजा-ए-मौत का फरमान सुनाया.
मेले में गुब्बारे बेचने आई थी मासूम
पुलिस जांच में साफ हुआ था कि पीड़ित बच्ची अपने परिवार के साथ कलबुर्गी से मैसूर दशहरा मेले में गुब्बारे बेचने आई थी. उसका परिवार एग्जीबिशन ग्राउंड के पास एक अस्थायी टेंट में ठहरा था. 9 अक्टूबर 2025 की रात जब बच्ची अपने परिजनों के साथ टेंट में सो रही थी, तभी आरोपी कार्तिक ने उसे अगवा किया और फिर उसके साथ हैवानियत की हदें पार कीं.
रेप के बाद उसकी हत्या करके मौके से फरार हो गया था. इस घटना के बाद पूरे राज्य में भारी आक्रोश फैला था. वारदात के बाद नजरबाद थाना पुलिस एक्टिव हुई और आरोपी को 24 घंटे के अंदर दबोच लिया. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए इलाके में लगे सीसीटीवी खंगाले और उसकी लोकेशन ट्रेस करके उसे पकड़ लिया गया.
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बस में क्लीनर का काम करता था कार्तिक
दोषी कार्तिक मैसूरु के बाहरी इलाके सिद्धलिंगपुरा का रहने वाला है और वह मैसूरु-कोल्लेगल रूट पर चलने वाली बस में क्लीनर का काम करता था. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भी तेजी दिखाई और वारदात के महज 3 महीने के भीतर ही अदालत में चार्जशीट पेश कर दी थी.
डीएनए और फॉरेंसिक सबूतों ने तय किया जुर्म
इस मामले में सरकारी वकील जयंती ने राज्य सरकार का पक्ष मजबूती से रखा. उन्होंने अदालत के सामने ठोस वैज्ञानिक और फॉरेंसिक सबूत पेश किए. मैसूर मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक विभाग की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और बेंगलुरु स्थित स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (SFSL) से आई डीएनए (DNA) रिपोर्ट ने कार्तिक के जुर्म पर पक्की मुहर लगा दी. अदालत ने सभी गवाहों के बयानों और साइंटिफिक रिपोर्टों को देखने के बाद कार्तिक को फांसी की सजा सुनाई.
3 मामलों में 5 दोषियों को मौत की सजा
देश में पिछले 3 दिनों के भीतर फांसी की सजा का यह तीसरा मामला है. इन तीनों मामलों में कुल 5 दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई है. 2 मामले अकेले यूपी के मेरठ के हैं. ये कोई आम वारदातें नहीं थीं, बल्कि कानून की नबेहद खौफनाक जुर्म थे, जो किसी भी एंगल से माफी के लायक नहीं थे.
पहला केस मेरठ का 'नीला ड्रम कांड' था, जिसमें सोनम रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति का कत्ल किया और लाश को नीले ड्रम में छिपा दिया. दूसरा मामला भी मेरठ का ही था, जिसमें पत्नी रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर पति की जान ली थी. इसके बाद साजिश रचते हुए पति के बिस्तर पर जहरीला सांप छोड़ दिया ताकि, सबको लगे कि मौत सांप के डसने से हुई है. मेरठ कोर्ट ने इन दोनों ही मामलों में दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है.