'मुरासु' से दक्षिण भारत में बड़ा खतरा: चक्रवाती तूफान के चलते फ्लाइट-ट्रेनें रद्द, स्कूलों की छुट्टी; क्या है प्रशासन की तैयारी?
चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के बाद एक ही हफ्ते के अंदर दूसरे तूफान 'मुरासु' ने दस्तक दे दी है, जिसके चलते ओडिशा और आंध्र प्रदेश में काफी तबाही मची है. इस तूफान के लैंडफॉल को देखते हुए कई जगहों पर स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं.
Cyclone Murasu: बंगाल की खाड़ी से उठे तूफान 'मुरासु' ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बड़ी तबाही मचाई है. इसके लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. चक्रवाती तूफान 'मुरासु' सोमवार ( 2 नवंबर 2026) देर रात 1 बजे आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तटीय इलाके से टकराना शुरू हो गया था, जिसके चलते तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और और ओडिशा में भारी बारिश देखने को मिली. खतरे को देखते हुए राहत और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया और कई फ्लाइट्स भी कैंसिल की गई.
'मुरासु' के खतरे को देखते हुए तिरुवल्लुर और चेन्नई में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए. वहीं, संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों को भी सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया. पूर्वी तटीय राज्यों में 'मुरासु' के चलते सबसे ज्यादा सतर्कता बढ़ाई गई है. इस दौरान 100-110 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है. यह चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के बाद एक ही हफ्ते के अंदर दूसरा तूफान है.
'मुरासु' ने कहां लैंडफॉल किया?
चक्रवाती तूफान 'मुरासु' ने 2-3 नवंबर 2026 को आधी रात भीषण तूफान के साथ दस्तक दी. तड़के 1 बजे इस तूफान का आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट पर नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के पास लैंडफॉल हुआ.
इस दौरान 100-110 किलोमीटर प्रति घंटे और अधिकतम 120 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तेज हवा चली और भारी बारिश ने तटीय क्षेत्रों में भीषण तबाही मचाई.
कहां-कहां रद्द हुईं फ्लाइट-ट्रेनें?
मुरासु के चलते आंध्र प्रदेश के तिरुपति, विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा एयरपोर्ट पर 19 डॉमेस्टिक फ्लाइट्स कैंसिल हुईं. इनमें से विजयवाड़ा एयरपोर्ट पर इंडिगों की 10 फ्लाइट्स और एयर इंडिया की 2 फ्लाइट्स रद्द हुईं. विशाखापत्नम एयरपोर्ट ने भी 4 फ्लाइट्स कैंसिल की. इसके अलावा तिरुपति एयरपोर्ट से भी 3 फ्लाइट्स रद्द हुई हैं.
चक्रवात के चलते ईस्ट कोस्ट रेलवे की ओर से 3-4 नवंबर 2026 को 8 ट्रेनें कैंसिल की गई हैं. कांताबांजी-हावड़ा एक्सप्रेस, हावड़ा-कांताबांजी एक्सप्रेस, राउरकेला-जगदलपुर एक्सप्रेस, राउरकेला-भुवनेश्वर, भुवनेश्वर-राउरकेला, राउरकेला-पुरी एक्सप्रेस, पुरी-राउरकेला एक्सप्रेस और गदलपुर-राउरकेला एक्सप्रेस को रद्द किया गया है. रेलवे ने यात्रियों को घर से निकलने से पहले ट्रेन के स्टेटस की जांच करने की अपील की है.
कहां-कहां बंद हुए स्कूल?
चक्रवाती तूफान के चलते बड़े खतरे को देखते हुए एहतियात के तौर पर आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा के कई इलाकों में अगले 1-2 दिन के लिए स्कूल बंद कर दिए गए हैं.
ओडिशा में भारी बारिश के खतरे को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में 3 नवंबर 2026 तक शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया गया है. राज्य के मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि मुरासु का असर मलकानगिरि, रायगढ़ा, कोरापुट, गजपति और गंजाम में पड़ सकता है.
आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान मुरासु लैंडफॉल के चलते भारी बारिश के खतरे को देखते हुए प्रकाशम और नेल्लोर स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं.
तमिलनाडु में भी चक्रवात के चलते चेन्नई और तिरुवल्लूर जैसे जिलों में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है.
'मुरासु' के लिए क्या-क्या तैयारी हैं?
मुरासु के खतरे को देखते हुए प्रभावित राज्यों में बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है. तमिलनाडु ने आंध्र प्रदेश में NDRF की 3 टीमें और बिजली विभाग की 25 खास टीमें भेजी हैं.
कर्नाटक सरकार ने भी 15 विशेष क्रेन युक्त ट्रकों, 25 ट्रैक्टर माउंटेड ड्रिलिंग मशीनों और 500 प्रशिक्षित बिजलीकर्मियों को इमरजेंसी में आंध्र प्रदेश भेजा है.
ओडिशा में भी ODRAF, NDRF और फायर डिपार्टमेंट समेत 300 से ज्यादा बचाव दलों को तैनात किया गया है. लैंडस्लाइड वाले इलाकों को भी चिन्हित करते हुए वहां से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है.
चक्रवात को लेकर क्या एडवाइजरी जारी की गई है?
आंध्र प्रदेश में चक्रवात के खतरे को देखते हुए निचले और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित जगहों या राहत कैंप में जाने के लिए कहा गया है. इसके अलावा नेल्लोर, कृष्णा, गुंटूर, प्रकाशम और बापटला में रेड अलर्ट जारी किया है. लोगों से समुद्र में 1.5 मीटर तक ऊंची लहरें उठने के खतरे को देखते हुए तटीय इलाकों के पास न जाने की सख्त चेतावनी दी है.
तमिलनाडु में जलभराव और बाढ़ के खतरे को देखते हुए लोगों को बेवजह घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है.
कहां क्या-क्या रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया?
दक्षिण ओडिशा के गंजम, गजपति और कोरापुट में चक्रवात मुरासु के चलते भारी बारिश और तेज हवाओं के चेतावनी को देखते हुए वहां के लोगों को निचले और संवेदनशील इलाकों से बाहर निकालने की योजना लागू की गई है. इसके तहत NDRF और ODRAF की 300 से ज्यादा टीमें लगाई गई हैं.
तमिलनाडु में चेन्नई और तिरुवोट्टियुर-मनाली जैसे आसपास के तटीय इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश के खतरे को देखते हुए NDRF और प्रशासन अलर्ट है. यहां किसी भी इमरजेंसी की स्थिति के लिए राहत केंद्रों को तैयार रखा गया हा और फील्ड टीमों को तैनात किया गया है. राज्य के अरक्कोणम से NDRF की की टीमों को आंध्र प्रदेश भी भेजा गया है.
आंध्र प्रदेश में नेल्लोर, प्रकाशम और ओंगोल जैसे तटीय जिलों में NDRF और प्रशासन की टीमों तैनात हैं. यहां तेज हवा और भारी बारिश के चलते गिरे पेड़ों को हटाने, ट्रैफिक बहाल करने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए इमरजेंसी रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया है.