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महाराष्ट्र सरकार ने मानपाड़ा-कटाई नाका से कल्याण फाटा होते हुए तलोजा तक बनने वाली प्रस्तावित 'मुंबई मेट्रो लाइन 12-A' को अपनी हरी झंडी दे दी है. यह फैसला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी की बैठक में लिया गया. सीएम फडणवीस ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि इस प्रोजेक्ट का काम अगले साढ़े तीन साल के भीतर पूरा कर लिया जाए. इस महत्वाकांक्षी योजना पर लगभग 13,856.37 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है.
मंत्रालय में आयोजित इस अहम बैठक में डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम सुनेत्रा अजित पवार, रेवेन्यू मिनिस्टर चंद्रशेखर बावनकुले, चीफ सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल, नगर विकास विभाग के अपर चीफ सेक्रेटरी असीमकुमार गुप्ता और एमएमआरडीए के महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.
मानपाड़ा-कटाई नाका से तलोजा के बीच बनने वाली यह मेट्रो लाइन 12-A पूरी तरह से एलिवेटेड होगी. 18.40 किलोमीटर लंबे इस पूरे कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन बनाने का प्रस्ताव रखा गया है. इस परियोजना की खास बात यह है कि इसमें मेट्रो लाइन के साथ-साथ एक इंटीग्रेटेड फ्लाईओवर भी तैयार किया जाएगा. इसमें 6.93 किलोमीटर लंबा 4-लेन का फ्लाईओवर और 8.69 किलोमीटर लंबा 6-लेन का फ्लाईओवर शामिल है. इससे सड़क और मेट्रो, दोनों तरह के यात्रियों को फायदा पहुंचेगा.
यह नया मेट्रो रूट कल्याण-डोंबिवली और नवी मुंबई के इलाकों के बीच कनेक्टिविटी को काफी मजबूत बनाएगा. इसके अलावा, आसपास के इंडस्ट्रियल एरिया और लॉजिस्टिक्स हब तक पहुंचना भी बेहद आसान हो जाएगा. अनुमान है कि इस मेट्रो और फ्लाईओवर के शुरू होने से लोगों का यात्रा समय लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक घट जाएगा.
इस परियोजना से प्रतिदिन करीब 4 लाख 74 हजार (4.74 लाख) यात्री लाभान्वित होंगे. यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी 12 मेट्रो स्टेशनों पर 'फीडर बस सेवा' शुरू करने का भी प्रस्ताव है. इससे लोग आसानी से अपने घर या दफ्तर से मेट्रो स्टेशन तक पहुंच सकेंगे और पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम का आपस में बेहतर तालमेल बना रहेगा.
सरकार का मानना है कि इस ज्वाइंट मेट्रो और फ्लाईओवर प्रोजेक्ट के शुरू होने से सड़कों पर निजी गाड़ियों का दबाव कम होगा. जब लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाएंगे, तो सड़कों से गाड़ियां घटेंगी, जिससे कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन कम होगा. साथ ही, राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगने वाले लंबे जाम से भी लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.
इस पूरी परियोजना को लागू करने की कमान मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) को सौंपी गई है. एमएमआरडीए को इस मेट्रो कॉरिडोर और फ्लाईओवर के निर्माण के लिए 'विशेष नियोजन प्राधिकरण' नियुक्त करने की मंजूरी मिल गई है. प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने और जरूरी फाइनेंसिंग रिसोर्स जुटाने के लिए इसके इफेक्टिव एरिया में आने वाली सरकारी जमीनों को एमएमआरडीए को ट्रांसफर करने की इजाजत भी दे दी गई है. सीएम फडणवीस ने इसके साथ ही राज्य में चल रही बाकी मेट्रो परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ाकर उन्हें समय सीमा में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं.