Mock Parliament: मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर होने वाला 'जन महाभियोग' टला, राहुल गांधी बोले- अब कल होगा कार्यक्रम
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आज (शुक्रवार, 30 अक्टूबर) आयोजित होने वाले 'जन महाभियोग' कार्यक्रम को खराब मौसम के कारण टाल दिया गया है. पहले इस कार्यक्रम में 'मॉक पार्लियामेंट' का नाम दिया गया था. कार्यक्रम में संसद की कार्यवाही की तर्ज पर चर्चा की जाएगी.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आज (शुक्रवार, 30 अक्टूबर) आयोजित होने वाले 'जन महाभियोग' कार्यक्रम टल गया है. जानकारी के मुताबिक, खराब मौसम के कारण कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है. लोकसभा के नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इसकी घोषणा की. उन्होंने कहा कि खराब मौसम के कारण इस कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है. अब यह कार्यक्रम कल इसी वक्त पर आयोजित किया जाएगा. बता दें कि इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इंडिया ब्लॉक के तमाम नेता खरगे के घर में जुटने लगे थे, लेकिन बारिश की वजह से इसे अंतिम समय में टाल दिया गया. इस कार्यक्रम में संसद की कार्यवाही की तर्ज पर जनता के मुद्दों और समस्याओं पर चर्चा की जानी है.
संसद की तर्ज पर आयोजित होगा कार्यक्रम
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेत्री और पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार इस कार्यक्रम का संचालन करेंगी. उनकी मदद के लिए समाजवादी पार्टी के एक सांसद मौजूद रहेंगे. कार्यक्रम में विपक्ष के करीब 200 सांसद शामिल होंगे. विपक्षी सांसदों की ओर से प्रतीकात्मक 'संसद' में 'वोट चोरी' के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी. कार्यक्रम में कुल 19 नेताओं को बोलने का मौका मिलेगा. संसद की तरह नेताओं के बोलने का समय भी तय होगा.
खरगे करेंगे कार्यक्रम की शुरुआत
जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम में सपा और टीएमसी नेताओं को छोड़कर बाकी सभी नेताओं को 5-5 मिनट का समय मिलेगा. वहीं, सपा और टीएमसी नेताओं को बोलने के लिए 10-10 मिनट का समय दिया जाएगा. कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया जाएगा और इसके लिए मल्टी कैमरा सेटअप तैयार किया गया है. इस 'जन महाभियोग' कार्यक्रम की शुरुआत कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे करेंगे और इसका समापन राहुल गांधी के भाषण के बाद होगा.
'वोट चोरी' के सबूत पेश करेगा विपक्ष
विपक्षी नेताओं के मुताबिक, 'वोट चोरी' के मुद्दे पर इस कार्यक्रम के जरिए प्रतीकात्मक रूप से संसद का स्पेशल सत्र बुलाया जा रहा है. इस कार्यक्रम के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की ओर से 'वोट चोरी' किए जाने के सबूत देश के सामने पेश किए जाएंगे. सूत्रों के मुताबिक, कार्यक्रम में उन लोगों को पेश किया जा सकता है, जिनके नाम SIR के दौरान वोटर लिस्ट से कट गए हैं.
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