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'कैदियों की वैन में 2 घंटे घुमाने' पर भड़कीं ममता, कोलकाता लौटने से किया इनकार; कहा- विपक्ष की आवाज कुचल रही मोदी सरकार

Mamata Banerjee on CJP Protest in Delhi: दिल्ली में सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी को हिरासत में लिए जाने से वे भड़क गई हैं. ममता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें कैदियों की वैन में भरकर 2 घंटे तक सड़कों पर घुमाया.

Written By Devinder Kumar
Published: Oct 10, 2026, 05:55 PM IST | Updated: Oct 10, 2026, 05:59 PM IST
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Mamata Banerjee Stance Against CEC Gyanesh Kumar: पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी फिर से स्ट्रीट फाइटर की भूमिका में आने की कोशिश कर रही हैं. वे शुक्रवार को इंडी गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के नाते राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से मिलीं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की. इसके बाद वे शनिवार को इसी मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी के दिल्ली में हुए प्रदर्शन में शामिल हुईं. लेकिन पहले से मुस्तैद दिल्ली पुलिस ने उन्हें पार्टी के चारों सांसदों के साथ हिरासत में ले लिया और बस में बिठाकर अज्ञात स्थान पर ले गईं.

खुद हिरासत में लिए जाने से बिफर गईं ममता

खुद को हिरासत में लिए जाने से ममता बनर्जी बिफर गई हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट लिखकर आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें कैदियों की वैन में भरकर 2 घंटे तक इधर-उधर घुमाया. इस दौरान उनके और पार्टी के चारों सांसदों के साथ अनुचित व्यवहार किया गया. उन्होंने कहा कि वे अब तुरंत कोलकाता नहीं लौटेंगी और दिल्ली में रहकर सरकार के रवैये का विरोध करेंगी.

'कैदियों की वैन में भरकर मुझे 2 घंटे घुमाया गया'

ममता बनर्जी ने वीडियो पोस्ट करके लिखा, 'शाम 4 बजे. हमारे 4 सांसदों के साथ, हमने द्वारका नॉर्थ पुलिस स्टेशन पर धरना शुरू कर दिया है, जहां हमें लाया गया था. हमें अगवा करके दो घंटे तक जेल वैन में घुमाया गया. मैं आज रात कोलकाता नहीं लौट रही हूं. आज युवाओं और अन्य लोगों के साथ जो कुछ भी हो रहा है, उसके विरोध में मैं सोमवार को I.N.D.I.A मार्च में शामिल होऊंगी.'

'विपक्ष की आवाज को कुचल रही मोदी सरकार'

बंगाल की पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां मोदी सरकार के इशारे पर विपक्षी नेताओं की आवाज को दबाने में जुटी हैं. उन्होंने कहा कि देश के युवाओं और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए लड़ने वालों के खिलाफ जिस प्रकार की दमनकारी नीतियां अपनाई जा रही हैं, वो मंजूर नहीं है. सरकार को इस पर जवाब देना होगा और युवाओं की आवाज सुननी होगी.

ये भी पढ़ें- 'सरकार लाठियां नहीं, जवाब दे': दिल्ली में नाकेबंदी और इंटरनेट सस्पेंशन पर भड़के शशि थरूर, कहा- रिहा किए जाएं प्रदर्शनकारी

अपनी खोई राजनीतिक जमीन पाने की कोशिश!

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, बंगाल में अपनी राजनीतिक जमीन गंवा चुकी ममता बनर्जी को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों में अपने लिए अवसर दिख रहा है. इन प्रदर्शनों के जरिए ममता बनर्जी विपक्षी की राष्ट्रपीय राजनीति में अपनी केंद्रीय भूमिका को और अधिक मजबूत करना चाहती हैं. ऐसा करके वे बंगाल में अपने कोर वोटर्स को भी संदेश देना चाहती हैं कि अभी उनका असर खत्म नहीं हुआ है और वे फिर से अपनी ताकत दिखाने के लिए तैयार हैं. 
 

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About the Author

अनुभवी पत्रकार और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक हैं. पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. अमर उजाला और नवभारत टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम करने के बाद, वर्तमान में वे Zee News में कार्यरत हैं. देश-दुनिया और ब्रेकिंग न्यूज पर नजर रखते हैं. अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, वैश्विक घटनाक्रमों और खोजपरक पत्रकारिता में विशेष पकड़ है.
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