'चड्डी-बनियान गैंग' का कहरः लाखों के माल के साथ 2 अरेस्ट, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में मचा रखा था आतंक
महाराष्ट्र के वाशिम जिले से 'चड्डी-बनियान' गिरोह दो सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपियों की पहचान बाबासाहेब कोल्हापुरे शिंदे और संजय मारुति शिंदे के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, इस गैंग ने महाराष्ट्र के अलावा कर्नाटक और अन्य राज्यों में चोरी की कई घटनाओं को अंजाम दिया है.
महाराष्ट्र में इन दिनों 'चड्डी-बनियान' गिरोह ने आतंक मचा रखा है. इस गैंग के सदस्य केवल अंडरवियर (चड्डी और बनियान) पहनकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं. इस गैंग के कारण लोगों की रातों की नींद हराम हो गई है. बीच वाशिम जिले की पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए इस गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपियों की पहचान बाबासाहेब कोल्हापुरे शिंदे और संजय मारुति शिंदे के रूप में हुई है. ये दोनों वाशिम और बुलढाणा जिलों के साथ-साथ महाराष्ट्र और कर्नाटक के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की चोरियों के मामलों में वांछित हैं. इस ऑपरेशन को पुलिस अधीक्षक निकेश खतमोडे-पाटिल के मार्गदर्शन में लोकल क्राइम ब्रांच ने अंजाम दिया. आरोपियों के पास से 6.25 लाख रुपये कीमत का चोरी का सामान बरामद किया गया है. इसी के साथ पुलिस ने चोरी के सात मामलों का खुलासा कर दिया है.
कैसे पड़ा 'चड्डी-बनियान' नाम?
इस गैंग के सदस्य सिर्फ कच्छा-बनियान पहनकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं. यह सिर्फ 4 से 5 लोगों के समूह में चलते हैं. इनकी वेशभूषा से पहली नजर में देखने पर ऐसा लगेगा कि स्थानीय मजदूर रात को अपने घर लौट रहे हैं या टहलने निकले हैं. सारे सदस्य एक ही तरह के होते हैं, जिससे पहचानने में भी दिक्कत होती है.
कैसे वारदात को देते हैं अंजाम?
पुलिस के मुताबिक, इस गैंग के सदस्य दिन में फेरीवाले, कबाड़ वाले या फिर आम मजदूर बनकर इलाके में फिरते हैं. इस दौरान वे बंद घरों, दुकानों और अन्य जगहों की रेकी करते हैं. जिन घरों पर ताला पड़ा हुआ देखते हैं, वहां रात के अंधेरे में चोरी की वारदातों को अंजाम दे देते हैं. चोरी की वारदात को अंजाम देते वक्त ये अपने पूरे शरीर पर तेल की मालिश कर लेते हैं, जिससे अगर कोई उन्हें पकड़ने की कोशिश करे, तो वे आसानी से फिसलकर भागने में कामयाब हो सकें.
खतरनाक होते हैं इस गैंग के सदस्य?
इस गैंग के सदस्य काफी खतरनाक होते हैं. ये लोग अपने पास चाकू, कुल्हाड़ी या अन्य धारदार हथियार रखते हैं, जिसे पकड़े जाने पर जानलेवा हमला करके भागने में कामयाब हो सकें. कई बार तो ये लोग हत्या जैसे गंभीर अपराध को करने से भी पीछे नहीं हटते हैं.
90 के दशक में पहली बार सुर्खियों में आया
90 के दशक में इस गैंग का काफी आतंक देखने को मिलता था. उस वक्त दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान में इस गैंग के सदस्यों ने कहर बरपा रखा था. अब महाराष्ट्र में भी इस गैंग के सदस्य गिरफ्तार होने से पुलिस विभाग अलर्ट हो गया है.