वीकेंड पर 'पहाड़ जाम': सैलानियों का सैलाब, बद्रीनाथ से कैंची धाम और शिमला तक गाड़ियों की लंबी कतार
लॉन्ग वीकेंड पर पहाड़ों पर महाजाम लगा है. हिमाचल से उत्तराखंड तक गाड़ियां रेंग-रेंग कर चल रही है. तीर्थाटन से लेकर पर्यटन तक चारों ओर सैलानियों की सूनामी नजर आ रही है. बद्रीनाथ से लेकर कैंची धाम हो नैनीताल से कुल्लू-मनाली के रास्ते जिधर देखो उधर गाड़ियों का सैलाब ही नजर रहा है.
चार दिन के लॉन्ग वीकेंड की छुट्टियों को जी भरकर एन्जॉय करने के लिए लाखों लोग मैदानों से पहाड़ों पर पहुंचे हैं. इस वजह से हिमाचल प्रदेश से लेकर उत्तराखंड राज्य तक के सभी प्रमुख तीर्थ स्थलों से लेकर पर्यटन स्थलों पर सैलानियों का हुजूम दिख रहा है. भारी भीड़ के कारण हाईवे पर गाड़ियों की रफ्तार पूरी तरह थम चुकी है. नैनीताल, कैंची धाम, मसूरी जाने वाले रास्तों पर कई घंटों से ट्रैफिक बेहद धीमा है. सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लगी हैं.
लॉन्ग वीकेंड पर पहाड़ चढ़े सैलानी
हिमाचल हो या उत्तराखंड दोनों जगहों के सभी टूरिस्ट स्पॉट फुल हैं. धार्मिक महत्व वाले तीर्थस्थलों में भी होटल ओवर बुक हैं. मानो भारी भीड़ के चलते पैर रखने की जगह भी नहीं हैं. गाड़ियां रेंग-रेंग पर चल रही हैं. जाम में फंसे लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
जाम में फंसे लोगों ने अपने परिजनों और सोशल मीडिया पर बताया कि 12 से 14 किलोमीटर दूरी तय करने में एक घंटे से ज्यादा का वक्त लग रहा है. ये हालात तब है जब उत्तराखंड पुलिस ने पहले से ही लॉन्ग वीकेंड पर हालात संभालने के लिए ट्रैफिक एडवायजरी जारी करते हुए पुख्ता प्लान बनाया था.
उत्तराखंड में मसूरी, नैनीताल, हरिद्वार और ऋषिकेश में जाम की आशंका को देखते हुए पुलिस ने 2 से 4 अक्टूबर तक विशेष ट्रैफिक रूट प्लान लागू किया है. इसके बावजूद सैलानी जाम से परेशान हैं.
कई घंटों तक 'पहाड़ जाम'
चमोली में भी कई किमी तक गाड़ियां फंसी रहीं. उत्तराखंड के बदरीनाथ हाईवे पर भीषण जाम है. खासकर जोशीमठ-बद्रीनाथ मार्ग पर करीब 7 किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ है, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. बदरीनाथ हाईवे पर ज्योतिर्मठ से मारवाड़ी के बीच पितृपक्ष और हेमकुंड साहिब यात्रा के कारण वाहनों की भीड़ से एक बार फिर जाम लगने की खबर आई है.
कॉर्बेट में फंसे लोग
वीकेंड और लंबी छुट्टियों के चलते कॉर्बेट नगरी रामनगर में एक बार फिर भीषण जाम की स्थिति नजर आई. यहां शिवलालपुर चुंगी से लेकर कोसी बैराज, लखनपुर चुंगी और आमडंडा क्षेत्र तक वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, हालात ये है कि सड़क पर वाहन रेंग-रेंगकर आगे बढ़ रहे है. बड़ी तादाद में पर्यटकों के पहुंचने से शहर और आसपास के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ गया है.
जाम में फंसे पर्यटकों का कहना है कि वे छुट्टियां बिताने कॉर्बेट पार्क पहुंचे थे, लेकिन रास्ते में जाम के कारण काफी देर से फंसे हुए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि वीकेंड और छुट्टियों के दौरान रामनगर में अक्सर यातायात का दबाव बढ़ जाता है,ऐसे में प्रमुख चौराहों और पर्यटन मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना चुनौती बन जाता है. फिलहाल पर्यटक और स्थानीय लोग सभी जल्द से जल्द यातायात व्यवस्था सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं.
हिमाचल का हाल
मनाली में कई किलोमीटर तक जाम लगा है. सोलन में कालका-शिमला हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा भारी जाम देखने को मिल रहा है. वहीं, अन्य जगहों पर भी ट्रैफिक के हालात बेहद खराब हैं.
फेस्टिव सीजन के लॉन्ग वीकेंड ने बढ़ाई मुसीबत
दो दिन की छुट्टी वाला वीकेंड हो या चार से पांच दिन वाला मैनेज करके बनाया गया लॉन्ग वीकेंड, हर मौके पर पहाड़ों में जाम की हालत तो लगभग एक जैसी होती है. ऐसा इसलिए क्योंकि दिल्ली, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब तक के सैलानी गाड़ी उठाकर उत्तराखंड या हिमाचल प्रदेश का रूट पकड़ लेते हैं. अधिकांश लोगों की मंजिल धर्म नगरी हरिद्वार और ऋषिकेश होती है. वहीं पहाड़ों से इश्क करने वाले आगे बढ़ जाते हैं.
अक्टूबर के इस फेस्टिव सीजन में खासकर महीने की शुरुआत में ही करीब 3 से 4 दिन की छुट्टी का जुगाड़ बनने से सैलानियों की भीड़ का प्रकोप शनिवार आते-आते चरम पर पहुंच गया. अब रविवार को भी ऐसा ही जाम देखने को मिल सकता है, क्योंकि सोमवार को सबको ऑफिस और स्कूल जाने की जल्दी होगी.