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मूसा का अंत: लश्कर का टॉप कमांडर एनकाउंटर में ढेर, कौन था कश्मीर में मारा गया भारत का दुश्मन आतंकी

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के Operation Korag में लश्कर का एक आतंकी ढेर हो गया, जिसकी पहचान फौजी मूसा के तौर पर हुई है. वह पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का शीर्ष कमांडर था.

Written By Khalid Hussain Edited By abhinav tripathi
Published: Sep 30, 2026, 06:49 AM IST | Updated: Sep 30, 2026, 08:23 AM IST
Image Credit: फाइल फोटो
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मंगलवार (29 सितंबर) रात मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के घने जंगलों वाले ऊंचे इलाकों में सुरक्षा बलों ने एक सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें एक आतंकवादी मारा गया. अधिकारियों को शक है कि मारा गया आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का टॉप कमांडर सुलेमान शाह उर्फ 'फौजी मूसा' हो सकता है.

यह कार्रवाई ऊंचे इलाकों में आतंकवादियों की हलचल के बारे में मिली खास खुफिया जानकारी के आधार पर की गई. कोराग इलाका बडगाम जिले में यूसमर्ग और दूधपथरी टूरिस्ट स्पॉट के बीच स्थित एक ऊंचा इलाका है. इस इलाके की घेराबंदी की गई; यह इलाका दूधपथरी हिल स्टेशन से लगभग 7 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है.

सेना ने चलाया विशेष अभियान

सितंबर 2026 के आखिर में यूसमर्ग के पास कोराग इलाके के ऊंचे इलाकों में भारतीय सेना, J&K पुलिस और CRPF ने मिलकर आतंकवाद-विरोधी ऑपरेशन चलाया. इस बार भी सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF की एक संयुक्त टीम ने यूसमर्ग और दूधपथरी के ऊंचे इलाकों में बडगाम के गुरुवतकलान के कोराग जंगल इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान (कॉर्डन-एंड-सर्च ऑपरेशन) शुरू किया.

सेना की चिनार कोर ने एक बयान में कहा कि जब सैनिक संदिग्ध ठिकाने के करीब पहुंचे, तो आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे दोनों तरफ से गोलीबारी हुई और एक आतंकवादी मारा गया.

मूसा को सुरक्षा बलों ने मार गिराया

अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार देर रात तक ऑपरेशन जारी था और पीर पंजाल रेंज के घने और ऊबड़-खाबड़ इलाके की कड़ी घेराबंदी की गई थी ताकि बचे हुए आतंकवादी भाग न सकें. हालांकि, सेना और पुलिस ने शुरुआती जानकारी में मारे गए आतंकवादी की पहचान का खुलासा नहीं किया, लेकिन बाद में कई सुरक्षा और खुफिया सूत्रों ने पुष्टि की कि वह मूसा या फौजी मूसा, या पाकिस्तानी नागरिक और LeT का सीनियर कमांडर हाशिम मूसा हो सकता है.

कौन था टॉप वांटेंड मूसा

सुरक्षा एजेंसियों ने मूसा को कश्मीर में LeT के सबसे ज्यादा वांछित कमांडरों में से एक बताया है. वह पुंछ-राजौरी, गुलमर्ग, गांदरबल और पहलगाम की घटना समेत घाटी में कई हमलों में शामिल रहा है. अप्रैल 2025 में जांच एजेंसियों ने पहलगाम हमले से जुड़े चार आतंकवादियों की तस्वीरें जारी की थीं. इनमें आसिफ फौजी और सुलेमान शाह जैसे संदिग्ध शामिल थे, जो मूसा और यूनुस जैसे कोड नामों का इस्तेमाल करते थे.

अधिकारियों ने बताया कि मूसा कश्मीर में LeT के ऑपरेशन्स की कमान संभाल रहा था और उसने उस हमले के साथ-साथ घाटी के अन्य हिस्सों में पहले हुए हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई थी.

मुठभेड़ में एक बार बच चुका था मूसा

खबरों के मुताबिक, मूसा 5 सितंबर को यूसमर्ग की पहाड़ियों में हुई एक मुठभेड़ के दौरान बच निकला था. उस मुठभेड़ में उसका करीबी साथी और भरोसेमंद व्यक्ति, जिसकी पहचान यासिर के तौर पर हुई थी, मारा गया था. मंगलवार के ऑपरेशन को मध्य कश्मीर में LeT के कमांड स्ट्रक्चर के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, हालांकि अधिकारियों ने कहा कि औपचारिक पहचान की प्रक्रिया और आगे की जांच अभी चल रही है.

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About the Author

सैयद खालिद हुसैन जम्मू-कश्मीर के एक पुरस्कार विजेता पत्रकार हैं, जिन्हें 24 वर्षों से अधिक का अनुभव है. साल 2014 से 'ज़ी न्यूज़' में चीफ  स्पेशल कोरेस्पोंडेंट के रूप में काम कर रहे हैं.जी मीडिया से पहले हुसैन ने न्यूज़ 18 में नौ साल तक सीनियर कोरेस्पोंडेंट के रूप में काम किया. हुसैन ने अपने करियर की शुरुआत डीडी न्यूज से की थी. हुसैन ने अपनी तालीम श्रीनगर के पब्लिक स्कूल और डीएवी हाई स्कूल से हासिल की. फिर ग्रेजुएशन तक का सफ़र एस.पी हायर सेकेंडरी स्कूल और अमर सिंह कॉलेज से पूरा किया. उसके बाद मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के लिए दिल्ली के सर अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पूरी की. इसके अलावा हुसैन लेखक फ़िल्म/ वीडियो कैमरा का स्पेशल कोर्स एफटीआई पुणे से कर चुके हैं.  मुंबई और दिल्ली में कई साल काम करने के बाद 2004 में उन्होंने जम्मू-कश्मीर में काम करना शुरू किया. डीडी न्यूज़, डीडी कश्मीर, BAG फ़िल्म्स में फ्रीलांस काम किया. हुसैन पिछले दो दशक से भी ज्यादा समय से जम्मू-कश्मीर से जुड़े कई मुद्दों को बेहतरीन तरीके से कवर कर रहे हैं. लद्दाख से लेकर मुंबई तक हुसैन भारत के कई शहरों से रिपोर्टिंग कर चुके हैं.
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