'सूखा घोषित नहीं हुआ तो देंगे इस्तीफा...,' कर्नाटक मे कांग्रेस Vs कांग्रेस, गुस्साए MLA ने अपनी ही पार्टी को दिया अल्टीमेटम
Karnataka MLA Threatens Congress: कर्नाटक में कांग्रेस के एक विधायक ने अपनी ही पार्टी को धमकी दी है कि अगर 10 अक्टूबर 2026 तक डग तालुक को सूखाग्रस्त घोषित नहीं किया जाता है, तो वह अपने विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे.
Karnataka Congress: कर्नाटक में कांग्रेस के बीच आपस में ही मनमुटाव देखने को मिला है. यहां पार्टी के सीनियर लीडर और कर्नाटक के पूर्व मंत्री एचके पाटिल ने रविवार ( 20 सितंबर 2026) को कहा कि अगर 10 अक्टूबर 2026 तक डग तालुक को सूखाग्रस्त घोषित नहीं किया गया तो वह विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे.
नेता ने यह भी कहा कि वह 2 अक्टूबर से पहले इसकी घोषणा करवाने के लिए पूरी कोशिश जरूर करेंगे.
इस्तीफा देंगे विधायक?
पूर्व मंत्री एचके पाटिल ने किसानों और जनता से कहा,' अगर गडग तालुका को सूखाग्रस्त घोषित नहीं किया जाता है, तो मैं स्वाभाविक रूप से आपके फैसले का पालन करूंगा. मैं विधायक इसलिए हूं. क्योंकि आप मेरे साथ हैं. अगर आप चाहते हैं कि मैं इस्तीफा दूं, तो अगर 10 अक्टूबर 2026 तक गडग को सूखाग्रस्त घोषित नहीं किया जाता है, तो मैं अपना इस्तीफा सौंप दूंगा.'
सूखाग्रस्त घोषित किए जाने की जिद्द में नेता
पाटिल ने किसानों से कहा कि वे असहाय नहीं है और यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी कोशिश करेंगे कि घोषणा जल्द से जल्द हो जाए. उन्होंने कहा,' मैं इतना लाचार नहीं हूं. इसे 3 दिनों के अंदर पूरा करने के लिए जो भी करना होगा, मैं करूंगा. मैं यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा कि गांधी जयंती से पहले यानी 2 अक्टूबर 2026 से पहले, गडग जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया जाए.' पाटिल ने यह चेतावनी भी दी कि अगर कोई भी गडग तालुक को सूखाग्रस्त घोषित होने से रोकने की कोशिश करता है, तो भले ही वह इस घोषणा के लिए पात्र हो वह इस्तीफा दे देंगे. बता दें कि अब तक कर्नाटक के 124 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया जा चुका है और अन्य क्षेत्रों में आकलन जारी है.
राज्य में 200 से ज्यादा तालुक सूखाग्रस्त
इससे पहले राज्य में रेवेन्यू डिपार्टमेंट का प्रभार संभाल रहे उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि कर्नाटक के 200 से ज्यादा तालुकों को सूखा प्रभावित लिस्ट में शामिल किए जाने की संभावना है, क्योंकि सरकार निर्धारित मानदंडों और ग्राउंड लेवल पर किए गए आकलन के आधार पर उनका चरणबद्ध तरीके से मूल्यांकन कर रही है. उन्होंने बताया कि पहले चरण में 101 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया, जिसके बाद 24 और तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया. अगले 3-4 दिनों में अतिरिक्त 52 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने की उम्मीद है. उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अगले चरण में, आकलन के आधार पर फैसला लेने से पहले तकरीबन 50 और तालुकों में ग्राउंड लेवल पर जांच-पड़ताल की जाएगी.