NIA की नजर: 3 राज्य, 16 ठिकाने और 13 अरेस्ट, बांग्लादेशी आतंकी संगठन JMB के स्लीपर सेल के ब्रेन वाश का शक
पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी आतंकी संगठन जेएमबी से जुड़े 13 संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय जांच एजेंसियां उन युवाओं को ट्रैक कर रही है, जिनके इन कट्टरपंथी नेटवर्क के संपर्क में आने की आशंका जताई जा रही है.
Jama'at Mujahideen Bangladesh: पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश के आतंकवादी संगठन जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश यानी जेएमबी के खिलाफ एनआईए की कार्रवाई के बाद जांच एजेंसी की पड़ताल का दायरा अचानक बढ़ गया है. चार संदिग्धों की गिरफ्तारी के दौरान मिले दस्तावेजों से कई युवाओं के संपर्क सामने आने का दावा है. इसलिए एजेंसी अब कड़ी दर कड़ी जोड़ते हुए उन युवाओं की पहचान और गतिविधियों की पड़ताल कर रही है, जिनके ब्रेनवॉश होने की आशंका है. आपको बताते चलें कि एनआईए ने असम, पश्चिम बंगाल और केरल के 16 ठिकानों पर रेड डालकर 13 लोगों को गिरफ्तार किया है.
बांग्लादेशी आतंकी संगठन की स्लीपर सेल की भर्ती का मामला किस कदर गंभीर हो सकता है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिस तरह पाकिस्तानी आतंकी संगठन 'लश्कर' और 'जैश' का फोकस पूरे भारत पर होता है. उसी तरह बांग्लादेशी आतंकी संगठन जेएमबी भी पैन इंडिया नेटवर्क बढ़ा रहा है.
लश्कर-जैश के बाद जेएमबी
गौरतलब है कि पिछले साल दिल्ली से सटे फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में छात्रों और युवाओं का वैचारिक व धार्मिक रूप से ब्रेनवॉश किए जाने का मामला सामने आया था, जिसकी परिणिति लाल किला धमाके के रूप में हुई थी.
NIA की चार्जशीट के मुताबिक, 'अल-फलाह' का संदिग्ध आतंकी नेटवर्क युवाओं को धार्मिक और वैचारिक रूप से प्रभावित कर अपने साथ जोड़ता था. सिग्नल-टेलीग्राम पर गुप्त बातचीत, स्लीपर सेल की तैयारी और आत्मघाती मिशन की शपथ दिलाने जैसे गंभीर आरोप सामने आए थे, ऐसे खतरों की समय रहते पड़ताल करने के लिए बांग्लादेशी आतंकी संगठन ने जितने लोगों से भी कॉन्टैक्ट किया वो सब एनआईए के राडार पर हैं.
गिरफ्तारी का आंकड़ा पहुंचा 13
एनआईए ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्दवान और दक्षिण 24 परगना से चार संदिग्धों को दबोचा था. सूत्रों के मुताबिक कि जांच अधिकारियों को उनके पास जो दस्तावेज मिले उनमें राज्य के अलग-अलग जिलों के उन तमाम युवाओं के नाम हैं, जो गिरफ्तार किए गए चार लोगों के लगातार संपर्क में थे.
सूत्रों ने बताया कि जेएमबी के यही सहयोगी पश्चिम बंगाल के एक विशेष समुदाय के उन युवाओं की पहचान करने और उनसे संपर्क करने के लिए तरीका अपनाते थे, जो आसानी से ब्रेनवाश होकर आतंकवादी संगठन में शामिल होने या उसके लिए काम करने के लिए तैयार हो सकते थे.
'पूर्ब आकाश'
पहला कदम 'पूर्ब आकाश' नाम के टेलीग्राम चैनल के जरिए जेएमबी का संदेश फैलाना था. इसके बाद, जो युवा ऐसे संदेशों पर कुछ हद तक सकारात्मक प्रतिक्रिया देते थे, उनसे जेएमबी के इन 4 गिरफ्तार संदिग्धों ने व्यक्तिगत रूप से या छोटे समूहों में संपर्क किया और बाद में कट्टरपंथी संगठन में शामिल होने के लिए उनका ब्रेनवाश किया.
मॉडस ऑपरेंडी
जांच के दौरान ये खुलासा भी हुआ कि प्रॉपर तरीके से ब्रेनवाश की शुरुआती प्रक्रिया पूरी होने के बाद, जेएमबी के ये सहयोगी चयनित युवाओं के साथ एन्क्रिप्टेड चैट के जरिए बात करते थे कि देश के अलग-अलग हिस्सों में अपना नेटवर्क और तोड़फोड़ जैसी आतंकवादी गतिविधियों को कैसे अंजाम दिया जाए.
गिरफ्तार लोगों ने अपने क्राउड फंडिंग तंत्र के जरिए पैसे जुटाने का काम भी शुरू कर दिया था. एनआईए अधिकारियों ने गिरफ्तार किए गए चार लोगों के पास से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य सामान बरामद किया.
पूर्वी बर्दवान जिले के मंगलकोट इलाके से एक इमाम मोहम्मद शेख को आतंकवादी संबंध होने के संदेह में गिरफ्तार किया गया, वहीं दक्षिण 24 परगना जिले से 3 अन्य आरोपी पकड़े गए. जिनकी पहचान जुम्मन शेख, शहरुल पुरकैत और अब्दुल रफीक के रूप में हुई है.