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सेना के सीक्रेट ऑपरेशन से लेकर कार के नेविगेशन तक... ISRO लॉन्च करने जा रहा NVS-03 सैटेलाइट, भारत का GPS होगा और मजबूत

ISRO अपने स्वदेशी नेविगेशन सिस्टम NavIC को एक बार फिर से मजबूत करने के लिए तैयार है. शुक्रवार, 30 अक्टूबर की रात GSLV-F18 रॉकेट से NVS-03 सैटेलाइट लॉन्च किया जाएगा. इससे सेना के ऑपरेशन्स, ट्रेन ट्रैकिंग और आम स्मार्टफोन यूजर्स को बेहद सटीक लोकेशन और मैप सर्विस मिल सकेगी.

Written By Udbhav Tripathi
Published: Oct 29, 2026, 06:54 PM IST | Updated: Oct 29, 2026, 07:26 PM IST
Image Credit: भारत का नेविगेशन सिस्टम
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO एक बार फिर आसमान में अपना दमखम दिखाने की तैयारी में है!भारत अब लोकेशन, नेविगेशन और मैप्स के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर होने की दहलीज पर खड़ा है. गूगल मैप्स और दूसरे देश के कंपनियों के GPS के भरोसे चलने वाले भारतीय स्मार्टफोन यूजर्स के लिए अब एक बहुत राहत भरी खबर है. ISRO अपने सबसे भरोसेमंद रॉकेट GSLV-F18 से नया नेविगेशन सैटेलाइट NVS-03 को शुक्रवार, 30 अक्तूबर को लॉन्च करने जा रहा है.

ISRO का यह सैटेलाइट भारत के अपने स्वदेशी GPS यानी नाविक (NavIC) सिस्टम को नई ताकत देगा. ट्रेन की सटीक लोकेशन जानने से लेकर, गाड़ियों की ट्रैकिंग, समंदर में जहाजों के रास्ते और यहां तक कि हमारी सेना के जरूरी और खतरनाक ऑपरेशन्स तक यह एक अकेली लॉन्चिंग पूरे देश का नेविगेशन सिस्टम बदलने की सक्षम रखती है.

लॉन्च से पहले ISRO के अध्यक्ष डॉ. वी नारायणन ने गुरुवार, 29 अक्टूबर को तिरुमला के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में दर्शन किए. वह ऐसे समय मंदिर पहुंचे हैं, जब ISRO एक अहम नेविगेशन सैटेलाइट लॉन्च करने जा रहा है. डॉ. वी नारायणन ने बताया कि ISRO शुक्रवार, 30 अक्टूबर की रात 11 बजकर 51 मिनट पर NVS-03 सैटेलाइट लॉन्च करेगा. इसे GSLV-F18 रॉकेट की मदद से अंतरिक्ष में भेजा जाएगा. लॉन्चिंग आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से होगी.

नारायणन के मुताबिक, इस साल यह ISRO का पांचवां मिशन होगा. इसमें एक प्राइवेट लॉन्च भी शामिल है. उन्होंने बताया कि NVS-03 के सफल होने और ऑन होने के बाद भारत के पास नेविगेशन सर्विस देने वाले 4 ऑपरेशनल सैटेलाइट हो जाएंगे. इनमें एक सैटेलाइट स्वदेशी एटॉमिक क्लॉक से लैस है.

क्या है NVS-03 मिशन और क्यों है जरूरी?

आपको बता दें कि NVS-03, ISRO की दूसरी पीढ़ी के नेविगेशन सैटेलाइट सीरीज का तीसरा सैटेलाइट है. इसे भारत के अपने नेविगेशन सिस्टम NavIC को मजबूती देने के लिए लॉन्च करने जा रहा है. NavIC का काम बहुत ही मिलता जुलता अमेरिका के GPS जैसा है. इसकी सहायता से लोकेशन जानने, रास्ता जानने और समय से जुड़ी सही जानकारी प्राप्त करने में सहायता हो सकती है. यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि GPS की तरह पूरी दुनिया को कवर करने के बजाय NavIC को खास तौर पर भारत और इसकी सीमाओं से लगभग 1,500 किलोमीटर आगे तक के एरिया के लिए डिजाइन किया गया है.

बात करें अभी, तो NavIC के पास तीन एक्टिव ऑपरेशनल सैटेलाइट मौजूद हैं, जो नेविगेशन सर्विस दे रहे हैं. लोकल लेवल पर स्वतंत्र पोजिशनिंग सर्विस देने के लिए 4 सैटेलाइट की जरूरत होती है. ऐसे में NVS-03 की लॉन्चिंग काफी खास मानी जा रही है. ISRO को इस मिशन में सफलता मिलता है और सैटेलाइट सही तरीके से काम करना शुरू करता है, तो NavIC की सर्विस और मजबूत होगी. इससे भारत को अपने नेविगेशन सिस्टम पर निर्भर रहने की क्षमता बढ़ाने में सहायता होगी.

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स्वदेशी एटॉमिक क्लॉक से मिलेगी सटीक जानकारी

इस मिशन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें भारत में ही बनी एटॉमिक क्लॉक यानी परमाणु घड़ी लगाई गई है. नेविगेशन सैटेलाइट्स में समय का सही हिसाब रखना बहुत जरूरी होता है, ताकि जमीन पर मौजूद यूजर को सही लोकेशन मिल सके. इसके साथ ही, इस बार सैटेलाइट में L1 फ्रीक्वेंसी बैंड जोड़ा गया है, जो आम लोगों के मोबाइल और दूसरे डिवाइस में नेविगेशन को और बेहतर बनाए. NavIC सिस्टम का इस्तेमाल भारतीय रेलवे में ट्रेनों की लाइव ट्रैकिंग, जहाजों और नावों के रास्ते देखने, एयरपोर्ट के कामकाज और देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद अहम माना जाता है.

NavIC को पहले लग चुका है झटका

NavIC सैटेलाइट नेटवर्क को कुछ समय से परेशानियों का सामना करना पड़ा है. जनवरी 2025 में लॉन्च किया गया NVS-02 सैटेलाइट अपनी कक्षा बढ़ाने की प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास कर रहा था, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी थी. इस कारण से भारत के नेविगेशन सिस्टम को मजबूत बनाने की योजना को बड़ा झटका लगा था.

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उद्भव त्रिपाठी जी न्यूज डिजिटल में सब एडिटर हैं. वह जुलाई 2025 में जी न्यूज से जुड़े. साइंस और ऑटो-टेक की खबरें लोगों तक पहुंचाने का काम करते हैं. उन्होंने अब तक Samsung, Realme और  Vivo जैसे स्मार्टफोन्स के रिव्यू किए हैं. 2025 के बिहार चुनाव में इन्होंने लाइव खबरें चलाई थी जो लोगों को काफी पसंद आई थी. इनकी खबरें काफी भरोसेमंद होती हैं. इससे पहले वे हरिभूमि में काम कर चुके हैं. जहां उन्होंने टेक, एक्सप्लेनर और देश दुनिया पर भी काम किया. इनकी पढ़ाई की बात करें तो इन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मॉस कम्यूनिकेशन में PG कर रखा है. अगर आपको इनसे बात करनी है, तो आप udbhavtripaathi@gmail.com पर जुड़ सकते हैं.
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